शुक्र अब सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं और वहां पहले से बैठे केतु के साथ इनकी युति बन गई है। सिंह राशि सूर्य की अपनी राशि है, इसलिए यहां शुक्र और केतु दोनों सूर्य के साथ मिलकर एक खास तरह का त्रिग्रही योग बना रहे हैं, जो जीवन में कई तरह के बदलाव लेकर आएगा। यह युति 1 अगस्त तक बनी रहेगी, यानी शुक्र और केतु तब तक सिंह राशि में ही रहेंगे। इसके बाद शुक्र आगे बढ़कर कन्या राशि में चले जाएंगे और यह मेल खत्म हो जाएगा।
सूर्य, शुक्र और केतु की यह युति क्यों खास है
इस दौरान लवलाइफ में बदलाव देखने को मिलेंगे। कई लोगों के लिए चीजें अच्छी दिशा में बढ़ेंगी और बनने वाले शुभ योग सीधा फायदा दिलाएंगे। हालांकि यह असर सबके लिए एक जैसा नहीं रहेगा। कई राशियों पर केतु, शुक्र के साथ मिलकर अपना कमजोर पक्ष भी दिखा सकते हैं। इसका मतलब है कि कुछ लोगों की लवलाइफ में दिक्कतें आ सकती हैं और किसी अपने से दूरी या अलगाव जैसी स्थिति भी बन सकती है। यानी यह युति किसी के लिए राहत लेकर आ रही है तो किसी के लिए यह परीक्षा की घड़ी भी साबित हो सकती है।
शुक्र और केतु किस तरह तय करते हैं असर
शुक्र और केतु, दोनों ही प्रेम, रिश्तों, करियर, धन और सेहत पर अपनी-अपनी स्थिति के हिसाब से शुभ और अशुभ, दोनों तरह का असर डालते रहते हैं। अभी सिंह राशि में इन दोनों का मिलन कई राशियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल शुक्र वैभव, भौतिक सुख-सुविधाओं, आकर्षण और प्यार के कारक माने जाते हैं। कालचक्र में सातवां घर शुक्र का ही माना गया है, यानी रिश्तों और साझेदारी से जुड़ा भाव शुक्र से ही जुड़ता है। शुक्र को शौक और पैशन का ग्रह भी कहा जाता है। किसी की कुंडली में शुक्र जिस घर में बैठे हों, व्यक्ति का ध्यान बहुत हद तक उसी क्षेत्र पर बना रहता है।
दूसरी ओर केतु का संबंध पिछले जन्मों के कर्मों से जोड़ा जाता है। यह ग्रह अध्यात्म और अंधकार का कारक है और कई बार किसी अपने से बिछोड़ भी करा देता है। केतु का काम सतह पर नहीं बल्कि मन की गहराई में होता है, इसलिए इसका असर तुरंत नहीं बल्कि धीरे-धीरे सामने आता है। यह जरूरी नहीं कि केतु हमेशा रिश्तों को बिगाड़े ही, कई बार यह रिश्तों को पहले से बेहतर भी बना देता है।
वृषभ राशि: चीजें होंगी पहले से बेहतर
वृषभ राशि के लोगों के लिए यह युति अच्छे लाभ के योग लेकर आ रही है। इस दौरान जो चीजें पहले अटकी हुई थीं या धीमी चल रही थीं, वे अब रफ्तार पकड़ेंगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि वृषभ राशि वालों के लिए हालात पहले की तुलना में और बेहतर होते जा रहे हैं।
वृश्चिक राशि: कम होंगी परेशानियां
वृश्चिक राशि के लिए यह युति कई तरह की चली आ रही समस्याओं को कम करने का काम करेगी। इस दौरान लवलाइफ में भी सुधार दिखेगा और चीजें सामान्य से बेहतर बनेंगी। साथ ही इस राशि के लोगों की धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि भी बढ़ती दिखेगी। कुल मिलाकर वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय सही दिशा में आगे बढ़ने वाला रहेगा।
तुला राशि: रिश्तों और कारोबार में मिलेगा फायदा
तुला राशि वालों को इस युति से भौतिक सुख-सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा। बिजनेस से जुड़े लोगों का कामकाज अच्छा चलेगा और रिश्तों में जो उलझनें पहले से बनी हुई थीं, वे अब आसान होती जाएंगी। जो चीजें पहले खराब या बिगड़ी हुई लग रही थीं, वे अब सुधरकर वापस अच्छी होती दिखाई देंगी।











