लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय महिला टीम की शानदार जीत ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए एक नई उपलब्धि भी दर्ज कर दी। इस मुकाबले में मिली 270 रन की जीत ने उन्हें भारतीय महिला टेस्ट इतिहास की सबसे सफल कप्तान बना दिया है। लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर, जिसे अक्सर क्रिकेट का मक्का कहा जाता है, भारतीय महिलाओं का यह पहला टेस्ट मैच था और इस जीत के साथ उन्होंने एक यादगार अध्याय लिख दिया है।
टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी का नया मानक
हरमनप्रीत कौर ने अपनी कप्तानी में पांच में से चार टेस्ट मैच जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि उन्हें भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज से आगे खड़ा करती है। मिताली राज ने अपने टेस्ट कप्तानी करियर के दौरान आठ मैचों का नेतृत्व किया था, जिसमें टीम ने तीन जीत हासिल की थीं। हरमनप्रीत कौर की आक्रामक कप्तानी और सटीक रणनीति ने उन्हें सबसे कम मैचों में सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली कप्तान का दर्जा दिला दिया है।
मैदान पर शानदार प्रदर्शन
सिर्फ कप्तानी ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी हरमनप्रीत कौर ने टीम को मजबूती दी। मैच की पहली पारी में उन्होंने 58 रन की महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, जिससे भारत का स्कोर 285 रन तक पहुँच सका। गेंदबाजों ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और इंग्लैंड को दबाव में रखा। 105 रन की बढ़त के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया, जिसका परिणाम 270 रन की बड़ी जीत के रूप में सामने आया। टीम की इस जीत में यास्तिका भाटिया, स्मृति मंधाना और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख मोड़ दिया।
दिग्गज कप्तानों की विशिष्ट सूची में शामिल
लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट जीत हासिल करने वाली चुनिंदा भारतीय कप्तानों की फेहरिस्त में अब हरमनप्रीत कौर का नाम भी शामिल हो चुका है। इससे पूर्व केवल कपिल देव (1986), महेंद्र सिंह धोनी (2014) और विराट कोहली (2021) ही पुरुष क्रिकेट में लॉर्ड्स में भारत को टेस्ट मैच जिताने में सफल रहे थे। हरमनप्रीत कौर की अंतरराष्ट्रीय सफलता का दायरा सिर्फ टेस्ट तक सीमित नहीं है। वह भारतीय महिला T20I इतिहास में 84 जीत के साथ पहले ही सबसे सफल कप्तान बनी हुई हैं। अगर तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, ODI और T20I) को मिला दिया जाए, तो 118 जीत के साथ वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे कामयाब कप्तान के रूप में उभरी हैं। उनकी यह यात्रा खेल के प्रति उनके समर्पण और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।











