यदि आप रोज एक जैसी बोरिंग सब्जी खाकर थक चुके हैं और कुछ नया व मजेदार आजमाना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से चटपटी आलू की भुर्जी तैयार की जा सकती है। इस देसी रेसिपी का स्वाद ऐसा लाजवाब होता है कि खाने वाले उंगलियां चाटते रह जाते हैं। इसे बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होती है जो आसानी से रसोई में मिल जाती हैं। आलू के साथ इसमें प्याज, टमाटर और कुछ खास मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका जायका दोगुना हो जाता है। जब आप इस भुर्जी को कचौड़ी, पूरी या गरमागरम रोटियों के साथ परोसेंगे, तो सभी इसकी तारीफ करेंगे।
आवश्यक सामग्री और समय
इस शानदार रेसिपी को बनाने में आपको केवल 10 से 15 मिनट का समय लगता है। राहुल ने बताया कि उनकी मां इस पारंपरिक देसी तरीके से आलू की भुर्जी बनाती थीं। जब घर में कोई अन्य सब्जी उपलब्ध नहीं होती थी या जब भी कुछ मसालेदार खाने की इच्छा होती थी, तो मां तुरंत यह डिश तैयार कर देती थीं। करीब चार लोगों के परिवार के लिए लगभग आधा किलो आलू की आवश्यकता होती है। इसके अलावा चार से पांच प्याज, दो टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया चाहिए होता है। पकाने के लिए सरसों का तेल और जीरा जरूरी है, जबकि स्वाद बढ़ाने के लिए चाट मसाला, सब्जी मसाला और लाल मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बनाने की पूरी विधि
इस लजीज डिश को तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले आलू को अच्छी तरह से धोकर उबाल लें। उबलने के बाद इन्हें मनचाहे टुकड़ों में काट लें। इसी दौरान प्याज, टमाटर और हरी मिर्च को भी बारीक काट कर तैयार कर लें। अब एक कढ़ाई में बड़े ढक्कन से करीब दो ढक्कन सरसों का तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर उसमें जीरा डालें और जब जीरा चटक जाए तो बारीक कटा हुआ प्याज डालकर अच्छी तरह भून लें। प्याज के भुन जाने के बाद कटी हुई हरी मिर्च और टमाटर को भी कढ़ाई में शामिल कर लें।
जब प्याज, टमाटर और मिर्च अच्छी तरह से पक जाएं, तब इसमें कटे हुए उबले आलू मिला दें। राहुल राय ने जानकारी दी कि आलू मिलाने के बाद कढ़ाई को ढककर करीब दो से तीन मिनट के लिए छोड़ देना चाहिए। तय समय के बाद ढक्कन हटाकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं और फिर से दो मिनट के लिए पकने दें। दो मिनट बाद आपकी गरमागरम और स्वादिष्ट आलू भुर्जी पूरी तरह तैयार हो जाएगी। अंत में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया छिड़क दें ताकि भुर्जी में धनिये की सोंधी खुशबू आ सके। आप इस बेहतरीन भुर्जी को पूरी, रोटी या फिर दाल-चावल के साथ मजे से खा सकते हैं।



















