हल्की भूख मिटाने और उपवास के दौरान खाने के लिए मखाना हमेशा से एक बेहतरीन और पौष्टिक स्नैक माना जाता है। आमतौर पर लोग इसे नमक और मसालों के साथ भूनकर खाते हैं, जिससे बच्चों से लेकर बड़े तक इसे खूब पसंद करते हैं। हालांकि, यदि नमकीन स्वाद से अलग कुछ नया आजमाने का मन हो, तो मखाने को मीठे अंदाज में भी ढाला जा सकता है। गुड़ के साथ तैयार कैरेमलाइज्ड मखाना न सिर्फ मुंह का स्वाद बदल देता है, बल्कि अचानक होने वाली शुगर क्रेविंग को भी बिना किसी नुकसान के शांत करता है।
मखाने को अच्छी तरह भूनना पहला चरण
इस स्वादिष्ट मीठे स्नैक को तैयार करने की शुरुआत मखाने को सही तरीके से भूनने से होती है। इसके लिए एक भारी तले की कड़ाही लें और उसमें मखाने डालें। इस दौरान किसी भी प्रकार के तेल या घी का इस्तेमाल नहीं करना है। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए मखाने को तब तक भूनें, जब तक कि वे अंदर तक पूरी तरह कुरकुरे न हो जाएं। अच्छी तरह सिक जाने के बाद इन्हें कड़ाही से निकालकर अलग रख दें ताकि वे ठंडे हो जाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ठंडा होने के दौरान उनका कुरकुरापन कम न पड़े।
गुड़ की चाशनी तैयार करने का तरीका
मखाने भूनने के बाद कैरेमलाइज्ड चाशनी बनाने की बारी आती है। उसी कड़ाही में थोड़ा सा पानी डालें, जिसकी मात्रा चाय वाले आधे छोटे कप से भी थोड़ी कम होनी चाहिए। जब पानी में हल्का उबाल आ जाए, तब लगभग 300 ग्राम गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर कड़ाही में डाल दें। मध्यम से धीमी आंच पर गुड़ को लगातार चलाते हुए पिघलाएं ताकि वह तले में चिपके नहीं। करीब 10 मिनट तक इस मिश्रण को तब तक पकाना है जब तक कि यह गाढ़ी चाशनी का रूप न ले ले।
चाशनी की सही जांच और कोटिंग की विधि
गुड़ अच्छी तरह पका है या नहीं, इसकी जांच करना सबसे अहम कदम है। एक कटोरी में सामान्य पानी लें और उसमें चाशनी की कुछ बूंदें टपकाएं। अगर चाशनी पानी में जाने के बाद बिल्कुल भी चिपचिपी नहीं रहती, एकदम सख्त हो जाती है और हाथ से दबाने पर आसानी से टूट जाती है, तो इसका मतलब है कि कैरेमल तैयार है। इस स्थिति में चाशनी में एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं। इसके तुरंत बाद पहले से भुने हुए मखाने कड़ाही में डालें और तेज हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि हर मखाने पर गुड़ की परत चढ़ जाए।
इसके बाद ऊपर से थोड़े से भुने हुए या सफेद तिल डालकर मिला दें, जिससे इसका स्वाद और रूप दोनों निखर जाते हैं। जब मखाने हल्के ठंडे होने लगें, तो उन्हें आपस में चिपकने से रोकने के लिए एक-एक करके अलग प्लेट में फैलाते जाएं। पूरी तरह ठंडा हो जाने के बाद इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रखा जा सकता है। यह स्नैक कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर है, जिसे बच्चों को रोजाना 10 से 12 दाने दिए जा सकते हैं या घर आए मेहमानों के सामने एक अनोखे नाश्ते के रूप में परोसा जा सकता है।


















