हर दिन रसोई में रोटी तैयार करना एक सामान्य काम लग सकता है, लेकिन ऐसी रोटियां सेकना जो गोल होने के साथ-साथ देर तक एकदम नरम बनी रहें, कई बार मुश्किल साबित होता है। अक्सर तवे से उतारने के थोड़ी ही देर बाद रोटियां सूखकर पापड़ जैसी कड़ी हो जाती हैं या फिर चबाने में रबड़ की तरह खिंचने लगती हैं। अगर आपके साथ भी यह दिक्कत बार-बार होती है, तो आटे को तैयार करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है। गूंथते वक्त उबले आलू और दूध का मेल आटे को इतना लचीला बना देता है कि रोटियां घंटों बाद भी वैसी ही ताजी और कोमल बनी रहती हैं, जैसे अभी तवे से उतारी गई हों।
टिफिन और सफर के लिए बेहतरीन विकल्प
जब रोटियों को तुरंत गरम-गरम नहीं खाना होता, बल्कि बच्चों के स्कूल टिफिन में पैक करना हो या किसी लंबे सफर के लिए साथ रखना हो, तब यह तरीका विशेष रूप से काम आता है। ठंडी होने पर भी इसका स्वाद और बनावट खराब नहीं होती। आलू और दूध के मिश्रण से तैयार यह रोटी इतनी कोमल होती है कि इसे घर के छोटे बच्चों से लेकर ऐसे बुजुर्गों को भी बिना किसी परेशानी के खिलाया जा सकता है, जिनके दांत कमजोर हों या न हों।
आलू और दूध वाली कोमल रोटी तैयार करने का तरीका
इस खास रोटी को तैयार करने के लिए सबसे पहले 1 से 2 आलू उबाल लें और फिर उन्हें पूरी तरह बारीक मैश कर लें, ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। इसके बाद मैश किए हुए आलू में 1 चौथाई कप दूध शामिल करें। अब इसमें आवश्यकतानुसार गेहूं का आटा, थोड़ा सा नमक और 1 चम्मच तेल मिलाएं। सभी चीजों को एक साथ मिलाते हुए गूंथना शुरू करें, और जरूरत महसूस होने पर ही बहुत हल्का सा पानी जोड़ें। आटा जब अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो उसके ऊपर हल्का सा तेल लगाकर उसे करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि वह अच्छी तरह सेट हो जाए।
निर्धारित समय के बाद आटे की लोइयां काट लें और उन्हें सामान्य रोटी की तरह बेल लें। तवे को गरम करें और रोटी को दोनों तरफ से हल्का सुनहरा भूरा होने तक अच्छी तरह सेक लें। तवे से उतारने के तुरंत बाद उस पर थोड़ा सा घी चुपड़ दें। इस प्रक्रिया से बनी रोटियां सुबह से लेकर शाम तक बिल्कुल भी कड़ी नहीं पड़ती हैं और उनका कोमलपन बरकरार रहता है।
नरम रोटियों के लिए अन्य उपयोगी तरीके
अगर आप आटे में उबले आलू का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो केवल दूध की मदद से भी रोटियों को कोमल रखा जा सकता है। इसके लिए सामान्य पानी के बजाय आटे में सिर्फ दूध और 1 चम्मच तेल डालकर काफी लचीला और नर्म आटा गूंथ लें। दूध के पोषक तत्व और वसा आटे की नमी को सूखने नहीं देते, जिससे रोटियां बहुत लंबे समय तक नरम बनी रहती हैं।
इसके अलावा, यदि आप दूध का प्रयोग भी नहीं करना चाहते, तो आटा लगाते समय पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ाकर उसे सामान्य से अधिक पतला गूंथें। पतले और ढीले आटे से बेली गई रोटियां भी सेंकने के बाद सख्त नहीं होतीं। साथ ही गूंथते समय उसमें अपनी पसंद का कोई भी तेल 1 चम्मच मिला देने से भी रोटियों का कड़ापन दूर हो जाता है और वे लंबे समय तक मुलायम बनी रहती हैं।



















