मानसून की बारिश शुरू होते ही उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और आसपास के पूरे तराई क्षेत्र में एक पुरानी परेशानी फिर से सिर उठाने लगती है, घरों और आंगनों में सांप दिखाई देने लगते हैं। लगातार बारिश से खेत, बिल और झाड़ियां पानी से भर जाते हैं, जिससे सांप सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में सीधे रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ आते हैं। ऐसे मौसम में घर-घर में डर का माहौल बनना स्वाभाविक है।
हर सांप खतरनाक नहीं, फिर भी सावधानी जरूरी
यह समझना जरूरी है कि हर सांप जहरीला नहीं होता और सांप बिना किसी वजह इंसानों पर हमला नहीं करते। वे सिर्फ तभी काटते हैं जब उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस होता है। इसलिए घबराने से बेहतर है सही जानकारी रखना और थोड़ी एहतियात बरतना। यही वजह है कि कई परिवार अब घर के आसपास कुछ खास पौधे लगाने लगे हैं, जिनकी तेज गंध, कांटेदार बनावट या बदला हुआ वातावरण सांपों को पास फटकने नहीं देता।
गेंदे की खुशबू से सांपों को परहेज
गेंदे का पौधा लगभग हर घर और बगीचे में आसानी से उग जाता है। इसकी तेज महक की वजह से इसे कई तरह के कीड़े मकौड़ों को दूर भगाने वाला पौधा माना जाता रहा है, और यही मान्यता सांपों को लेकर भी है। कहा जाता है कि पीले नारंगी गेंदे के फूलों की खुशबू सांपों को बिल्कुल पसंद नहीं आती, इसलिए वे इस पौधे के आसपास आने से बचते हैं। खास बात यह है कि गेंदा सिर्फ सांप भगाने तक सीमित नहीं है, यह घर की सुंदरता भी बढ़ाता है और इसे गार्डन, बालकनी या छत, कहीं भी लगाया जा सकता है।
स्नेक प्लांट, दिखने में तीखा, सांपों के लिए नागवार
स्नेक प्लांट को इसके लंबे रूटस्टॉक्स की वजह से मदर इन लॉज टंग भी कहा जाता है। इसकी पत्तियां देखने में किसी जीभ की तरह नुकीली और तीखी होती हैं। मान्यता है कि सांपों को इस पौधे के पास रहना पसंद नहीं आता। यह पौधा सिर्फ सांपों को दूर रखने के काम ही नहीं आता, बल्कि घर की सजावट में भी अपनी अलग पहचान रखता है और इसे उपयोगी पौधों में गिना जाता है।
सर्पगंधा, नाम में ही छिपा है इसका असर
सर्पगंधा के पौधे के बारे में कहा जाता है कि इसकी गंध इतनी अजीब होती है कि सांप इसे सूंघते ही वहां से भाग खड़े होते हैं। इस पौधे की जड़ों का रंग पीला भूरा होता है, जबकि इसकी पत्तियां चमकीली हरी दिखती हैं। बारिश के मौसम में सांपों को घर से दूर रखने के लिए इसे बालकनी में लगाया जा सकता है। सर्पगंधा सिर्फ सांप भगाने का नुस्खा भर नहीं है, यह एक जाना माना औषधीय पौधा भी है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से होता आ रहा है।
कांटेदार कैक्टस से बनेगी दूरी
कैक्टस भी सांपों को दूर रखने में असरदार माना जाता है। इसका कांटेदार रूप ऐसा होता है कि सांप इस तरह के पौधों के आसपास जाने से भी कतराते हैं। इसे बालकनी, खिड़की के पास या फिर घर के अंदर भी लगाया जा सकता है। इससे उस रास्ते से सांपों का गुजरना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
नागदौना की तीखी महक, सांपों के लिए असहनीय
नागदौना एक ऐसा पौधा है जिसकी खास गंध सांपों से बर्दाश्त नहीं होती। जो लोग अपने घर परिवार को इस खतरनाक जीव से सुरक्षित रखना चाहते हैं, वे नागदौना का पौधा गार्डन, आंगन, बालकनी या घर के मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं। यह पौधा नर्सरी में आसानी से मिल जाता है। इसकी तीखी गंध ऐसी होती है कि सांप इससे दूर ही रहना पसंद करते हैं।













