शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों में उल्लेखनीय मजबूती देखने को मिली। बाजार में यह उछाल ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल द्वारा कंपनी पर नई कवरेज शुरू करने के बाद आया। फर्म ने इस धातु उत्पादक कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से 20 फीसदी तक की वृद्धि की संभावना जताई है।
बाजार में प्रदर्शन
शुक्रवार को वेदांता एल्युमीनियम का शेयर सकारात्मक शुरुआत के साथ खुला। कारोबार के दौरान यह 2.59 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 455.95 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,79,467.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दिन के कारोबार में शेयर ने अधिकतम 455.85 रुपये का स्तर छुआ, जबकि इसका न्यूनतम स्तर 445.00 रुपये रहा।
विकास के मुख्य कारक
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, वेदांता एल्युमीनियम को भविष्य में दो मोर्चों पर बड़ा लाभ मिल सकता है: अनुकूल उद्योग स्थितियां और कंपनी की अपनी आंतरिक संरचनात्मक मजबूती। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी कमाई के एक महत्वपूर्ण मोड़ (earning inflexion point) पर खड़ी है। वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का EBITDA 18 फीसदी से अधिक की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है।
कंपनी के विकास को तीन प्रमुख कारक गति देंगे। इनमें वॉल्यूम में विस्तार, संरचनात्मक लागत में कटौती और मूल्य-वर्धित उत्पादों (VAP) की बढ़ती हिस्सेदारी शामिल है। मोतीलाल ओसवाल ने वेदांता एल्युमीनियम के लिए 540 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है।
ब्रोकरेज की राय
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2028 के अनुमानों के आधार पर 5.4x EV/EBITDA पर आधारित है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कंपनी का पीछे की ओर एकीकरण (backward integration) और अधिक आत्मनिर्भर बनने की प्रक्रिया इसके वैल्यूएशन मल्टीपल को फिर से रेटिंग दिलाने में मददगार साबित होगी। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 'BUY' रेटिंग दी है।
वित्तीय और परिचालन दृष्टिकोण
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का पिछड़ा एकीकरण, मूल्य-वर्धित उत्पादों का बढ़ता योगदान और भारत में मजबूत मांग का परिदृश्य मध्यम अवधि में कमाई और नकदी प्रवाह को लेकर स्पष्टता प्रदान करता है। ब्रोकरेज ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान कंपनी का समेकित रेवेन्यू, EBITDA और PAT क्रमशः 11 फीसदी, 18 फीसदी और 23 फीसदी की CAGR से बढ़ सकते हैं।
जोखिम और उतार-चढ़ाव
हालांकि विकास की राह उज्ज्वल दिख रही है, लेकिन मोतीलाल ओसवाल ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। इनमें परिचालन में देरी, एल्युमीनियम की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव, कच्चे माल की लागत में वृद्धि और व्यापार से संबंधित चुनौतियां शामिल हैं।
ऐतिहासिक प्रदर्शन
बीते समय पर नजर डालें तो 15 जून 2026 को वेदांता एल्युमीनियम का शेयर BSE पर 538 रुपये के 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया था, उस समय कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,74,813.90 करोड़ रुपये था। वहीं, 29 जून 2026 को यह शेयर 421.65 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर पर भी रहा था। पिछले एक सप्ताह के दौरान कंपनी के शेयर मूल्य में लगभग 2.79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।











