अमेरिकी शेयर बाजार के वायदा कारोबार में गुरुवार दोपहर बाद शुरुआती बढ़त पूरी तरह गायब हो गई और प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। अमेरिकी बॉन्ड बाजार में ट्रेजरी यील्ड के 24 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से इक्विटी बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई। 10 साल और 30 साल की अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाला प्रतिफल वर्ष 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छू गया, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। इसके अलावा, सर्विसेज पीएमआई, विनिर्माण सूचकांक और साप्ताहिक बेरोजगारी दावों जैसे कई अहम आर्थिक आंकड़ों के आने से ठीक पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफावसूली की।
फ्यूचर्स कारोबार में प्रमुख सूचकांकों की स्थिति
वायदा बाजार के ताजा रुझानों में डाउ जोन्स फ्यूचर्स 220 अंक यानी 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ लगभग 51,076 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसके विपरीत, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया और यह 9.25 अंक अथवा 0.12 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर 7,724.75 पर टिका रहा। वहीं, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 123 अंकों की बढ़त के साथ 30,821.75 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, दोनों सूचकांक अपने दिन के ऊपरी स्तरों से काफी नीचे फिसल गए। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स अपने इंट्राडे हाई 7,767.75 से लुढ़क गया, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स अपने 31,151.50 के उच्चतम स्तर से नीचे आ गया, जहां उसने पहले लगभग 275 अंकों की बढ़त बनाई हुई थी।
बीते कारोबारी सत्र का लेखा-जोखा
वायदा बाजार में आई यह कमजोरी पिछले नियमित कारोबारी सत्र में बाजार के मिले-जुले प्रदर्शन के बाद आई है। बीते दिन डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 443.87 अंक यानी 0.87 प्रतिशत का भारी गोता लगाकर 50,906.05 के स्तर पर बंद हुआ था। एसएंडपी 500 इंडेक्स भी दबाव नहीं झेल सका और 19.30 अंक या 0.25 प्रतिशत फिसलकर 7,651.54 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, तकनीकी कंपनियों के प्रभुत्व वाले नैस्डैक कंपोजिट में खरीदारी की रफ्तार बनी रही और यह 63.52 अंक अथवा 0.24 प्रतिशत चढ़कर 26,861.06 पर बंद होने में कामयाब रहा। बाजार जानकारों का मानना है कि अगस्त के महंगाई आंकड़ों के उम्मीद से कम आने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तुरंत बढ़ोतरी की आशंका तो कम हुई थी, लेकिन मजबूत आर्थिक आंकड़ों और ऊंची यील्ड ने तेजी पर लगाम लगा दी।
ट्रेजरी यील्ड 2002 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर
बाजार में घबराहट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का लगातार बढ़ना रहा। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि 30 साल की ट्रेजरी यील्ड में उछाल देखा गया और यह 5.67 प्रतिशत तक चढ़ गई। ये दोनों स्तर वर्ष 2002 के बाद से नहीं देखे गए थे। बॉन्ड यील्ड में इस तीव्र वृद्धि ने अमेरिकी डॉलर को भी काफी मजबूती प्रदान की। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.5 के पार निकल गया, जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। मजबूत डॉलर और बढ़ती हुई बॉन्ड यील्ड मिलकर इस बात की प्रबल संभावना पैदा करते हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी करने के लिए विवश हो सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से थोड़ी राहत
बढ़ती बॉन्ड यील्ड के विपरीत असर के बीच ऊर्जा बाजार से कुछ सुकून भरी खबर देखने को मिली। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल फिसलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 96 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार करता पाया गया। कच्चे तेल की कीमतों में इस नरमी ने ऊर्जा संकट से जुड़ी उन चिंताओं को थोड़ा शांत किया, जो वित्तीय और औद्योगिक शेयरों पर दबाव बना रही थीं। विश्लेषकों का मानना था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति की कमी और ऊर्जा आधारित महंगाई की आशंकाओं से बाजार में घबराहट बनी हुई थी, जिसे कच्चे तेल के इस सुधार ने कुछ हद तक नियंत्रित किया है।
महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व का रुख
हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में अमेरिकी पीसीई प्राइस इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो बाजार के 0.4 प्रतिशत के अनुमान से कम रही। वहीं, कोर पीसीई में महज 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो विश्लेषकों के 0.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान से बेहतर थी। कुल हेडलाइन पीसीई महंगाई दर 3.4 प्रतिशत पर आई, जबकि बाजार का अनुमान 3.7 प्रतिशत का था। कोर पीसीई में उम्मीद से कम बढ़त ने इस उम्मीद को हवा दी कि फेडरल रिजर्व अक्टूबर की आगामी बैठक में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी से बच सकता है। मुद्रास्फीति की व्यापकता और रफ्तार ही अंततः यह तय करेगी कि फेड फंड्स रेट की भावी दिशा क्या होगी।
आर्थिक आंकड़ों की भरमार और नतीजों का असर
गुरुवार का सत्र आर्थिक आंकड़ों से भरा हुआ है, जिसमें निर्माण खर्च, सतत बेरोजगारी दावे, ईआईए प्राकृतिक गैस भंडार, प्रारंभिक बेरोजगारी दावे, आईएसएम विनिर्माण सूचकांक, एसएंडपी ग्लोबल यूएस विनिर्माण पीएमआई और सर्विसेज पीएमआई शामिल हैं। साथ ही, कॉरपोरेट अर्निंग्स के मोर्चे पर एक्सेंचर, एक्यूइटी, एंजियोडायनामिक्स, मैककॉर्मिक एंड कंपनी और नाइकी अपने तिमाही वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। इसके अलावा, शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल यानी रोजगार के आंकड़े बाजार के लिए सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित होंगे। अगर रोजगार रिपोर्ट बहुत मजबूत आती है तो अक्टूबर और दिसंबर दोनों बैठकों में ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम बढ़ जाएगा, जबकि यील्ड और दर वृद्धि की आशंका को घटाने के लिए किसी बेहद कमजोर रिपोर्ट की दरकार होगी।



















