OTT पर इन दिनों मलयालम सिनेमा का जलवा कुछ ऐसा है कि बड़े-बड़े बॉलीवुड और हॉलीवुड मेकर्स भी हैरान रह गए हैं। पांच मलयालम फिल्मों ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसा धमाल मचाया है कि व्यूअरशिप के पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं, और वजह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि उनका दमदार, चौंकाने वाला क्लाइमैक्स भी है।
दर्शकों की पसंद क्यों बदल रही है
पिछले कुछ बरसों में इंडियन ऑडियंस के देखने के तरीके में साफ बदलाव नजर आया है। अब लोग सिर्फ बड़े सितारों के नाम पर या भारी-भरकम बजट देखकर फिल्म नहीं चुनते, बल्कि कहानी और स्क्रिप्ट में दम होना जरूरी हो गया है। यही वजह है कि मलयालम इंडस्ट्री, जो कभी सीमित दर्शक वर्ग तक सिमटी थी, आज पूरे देश में सिनेमा प्रेमियों की पहली पसंद बन चुकी है। इस इंडस्ट्री की सबसे बड़ी खूबी यही है कि बेहद कम बजट और सीमित संसाधनों में भी यहां ऐसी जादुई कहानियां गढ़ी जाती हैं, जिन्हें देखकर बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक के फिल्ममेकर्स दंग रह जाते हैं। अगर बोरिंग कंटेंट देखते-देखते थक चुके हैं और कुछ ऐसा तलाश रहे हैं जो आखिरी सीन तक सीट से बांधे रखे, तो नीचे दी गई पांच कल्ट मलयालम फिल्में मिस मत कीजिए। इनमें से कुछ हिंदी में डब होकर भी उपलब्ध हैं।
दृश्यम 3: मोहनलाल की चालाकी ने फिर उड़ाए होश
मलयालम सिनेमा का जिक्र हो और सुपरस्टार मोहनलाल तथा डायरेक्टर जीतू जोसेफ की दृश्यम फ्रेंचाइजी का नाम न आए, ऐसा मुमकिन नहीं। इसी साल थिएटर में रिलीज हुई दृश्यम 3 ने बॉक्स ऑफिस पर 238 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी, और अब अमेजन प्राइम वीडियो पर आते ही इसने व्यूअरशिप के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पिछली फिल्में खत्म हुई थीं। पुलिस एक बार फिर जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार को एक पुराने, छिपे हुए राज में फंसाने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन इस बार भी जॉर्जकुट्टी का तेज दिमाग दर्शकों को चौंकाने के लिए काफी साबित होता है। फिल्म के आखिरी 20 मिनट का क्लाइमैक्स इतना कसा हुआ और दमदार है कि देखने वाला हैरान रह जाता है। यह फिल्म जल्द ही हिंदी में भी रिलीज होने वाली है, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ेगी।
करुप्पु: 130 करोड़ के बजट ने कमाए 315 करोड़ से ज्यादा
इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी जाने वाली करुप्पु ने अमेजन प्राइम वीडियो पर तमिल और मलयालम, दोनों भाषाओं के दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बना ली है। महज 130 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 315 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाकर सबको चौंका दिया था। यह एक कच्चा, डार्क और इंटेंस क्राइम थ्रिलर है, जो समाज के एक बेहद संवेदनशील और अक्सर छिपाए जाने वाले पहलू को सामने लाती है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी इतने असरदार हैं कि दर्शक पूरी तरह कहानी में डूब जाता है। इसका क्लाइमैक्स सिर्फ एक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरा सामाजिक संदेश और भावुक कर देने वाला ट्विस्ट भी छोड़ जाता है, जो फिल्म खत्म होने के बाद भी दिमाग में घूमता रहता है।
माना शंकरा वरप्रसाद गारू: आंसू ला देने वाला फैमिली ड्रामा
यह फिल्म असल में तेलुगु और मलयालम दोनों की शैली वाली एक बड़े स्तर की प्रोडक्शन थी, और रिलीज के दौरान इसने 301 करोड़ रुपये कमाए थे। जी5 पर आने के बाद इसके हिंदी वर्जन को नॉर्थ इंडिया में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह एक गहरा भावुक फैमिली ड्रामा है, जो इंसानी रिश्तों, कुर्बानी और इंसाफ की लड़ाई के इर्द-गिर्द बुना गया है। लीड एक्टर्स की बारीक और संजीदा परफॉर्मेंस पूरी फिल्म में जान डाल देती है। स्क्रीनप्ले बेहद खूबसूरती से आगे बढ़ता है, और क्लाइमैक्स तक पहुंचते-पहुंचते दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं।
पेद्दी: बड़े बजट का एक्शन जो OTT पर छा गया
अगर सस्पेंस और तगड़े एक्शन के शौकीन हैं, तो पेद्दी बिल्कुल सही विकल्प है। 350 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी इस फिल्म ने थिएटर में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन नेटफ्लिक्स पर आते ही यह छा गई। कहानी एक ऐसे हीरो के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अकेले दम पर करप्शन और विलेन के पूरे साम्राज्य को जड़ से उखाड़ फेंकता है। स्क्रीनप्ले तेज रफ्तार से आगे बढ़ता है और बीच-बीच में कई दिलचस्प ट्विस्ट देता रहता है। क्लाइमैक्स में चेज और एक्शन सीक्वेंस का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो घर के टीवी स्क्रीन पर भी थिएटर जैसा अनुभव करा देता है।
इरट्टा: जुड़वां भाइयों के राज ने उड़ाए सबके होश
अगर एक ऐसे सस्पेंस भरे क्लाइमैक्स की तलाश है जो चौंका दे, तो इरट्टा एक शानदार मास्टरपीस साबित होती है। इसे मलयालम सिनेमा की बेहतरीन थ्रिलर फिल्मों में गिना जाता है। कहानी की शुरुआत एक पुलिस स्टेशन के भीतर एक पुलिस अफसर की अचानक मौत से होती है। जांच आगे बढ़ने पर उसके तीन साथी और उसका जुड़वां भाई, जो खुद भी पुलिस अफसर है, शक के घेरे में आ जाते हैं। लीड एक्टर जोजू जॉर्ज ने दोनों जुड़वां भाइयों का किरदार इतनी बारीकी और दमदार अंदाज में निभाया है कि देखने वाला हैरान रह जाता है। फिल्म का क्लाइमैक्स इतना चौंकाने वाला है कि आज भी लोग सोशल मीडिया पर इसके आखिरी 10 मिनट पर बहस करते नजर आते हैं। हिंदी डबिंग के साथ उपलब्ध यह फिल्म हर सस्पेंस लवर की पसंदीदा बनी हुई है।
क्यों बनी ये पांचों फिल्में इस सीजन की सबसे बड़ी हिट
इन पांचों फिल्मों में एक बात समान है, हर एक का क्लाइमैक्स इतना मजबूत है कि कहानी खत्म होने के बाद भी दर्शक उसके बारे में सोचते रहते हैं। चाहे दृश्यम 3 की चालाकी हो, करुप्पु का सामाजिक संदेश, माना शंकरा वरप्रसाद गारू का भावुक अंत, पेद्दी का एक्शन से भरा क्लाइमैक्स या इरट्टा का रहस्य, हर फिल्म अपने अंदाज में दर्शकों को बांधे रखती है। यही वजह है कि मलयालम सिनेमा आज सिर्फ केरल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिंदी डबिंग और सबटाइटल के जरिए पूरे देश के OTT दर्शकों तक पहुंच रहा है।











