अरब सागर में भारत और पाकिस्तान के समुद्री बेड़ों के बीच हुई टक्कर के कुछ ही हफ्तों के भीतर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान की ओर से उसी समुद्री क्षेत्र में एक नई पनडुब्बी की ताकत का प्रदर्शन किया गया है, जिसने रक्षा हलकों में सुगबुगाहट तेज कर दी है। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच पहले से संवेदनशील चल रहे सामरिक समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
हंगोर पनडुब्बी से पहली बार दागी गई मिसाइल
पाकिस्तान नौसेना की पहली हंगोर क्लास पनडुब्बी जिसका नाम PNS/M HANGOR है, ने 27 सितंबर को नॉर्थ अरबियन सी यानी उत्तरी अरब सागर में अपने हथियारों की मारक क्षमता का परीक्षण किया। इस दौरान पनडुब्बी ने लंबी दूरी पर स्थित एक निर्धारित लक्ष्य को निशाना बनाते हुए एंटी-शिप क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। पाकिस्तानी सेना की तरफ से इसे पानी के भीतर अपनी सामरिक ताकत और युद्धक तैयारियों को परखने का एक बड़ा कदम बताया गया है।
समुद्री टकराव के बाद गहराया कूटनीतिक तनाव
यह पूरा वाकया उस घटना के ठीक दो हफ्ते बाद सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज आपस में टकरा गए थे। इस समुद्री टक्कर के बाद नई दिल्ली से लेकर इस्लामाबाद तक राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई थी। नियमों का उल्लंघन होने पर भारतीय पक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तानी राजनयिक को तलब किया था और अपनी नाराजगी स्पष्ट कर दी थी। इस घटना के बाद से ही अरब सागर में सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
क्या है पूरा घटनाक्रम
भारत के मिसाइल डिस्ट्रॉयर और पाकिस्तानी जहाज के बीच हुई टक्कर के बाद दोनों देशों के संबंध एक बार फिर कूटनीतिक मोर्चे पर आमने-सामने आ गए थे। भारतीय नौसेना ने इस पूरी स्थिति में कड़ा ऐक्शन लेते हुए पड़ोसी देश को अपनी समुद्री सीमाओं और नियमों का पालन करने का कड़ा संदेश दिया था। अब उसी संवेदनशील इलाके में मिसाइल दागे जाने से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।



















