नए साल के जश्न से ठीक एक दिन पहले जब कोई व्यक्ति किसी नए रिश्ते को लेकर बेहद उत्साहित होता है, तब अचानक मिला धोखा किसी भी इंसान को भीतर तक झकझोर सकता है। इकतीस दिसंबर दो हजार दो की सुबह जब एक पच्चीस वर्षीय युवती अपनी गाड़ी से घर लौट रही थी, तब पिछली रात के कड़वे अनुभवों और भारी दिल के साथ उसका सफर बेहद दर्दनाक बन चुका था। पिछली शाम जिस शख्स के साथ खूबसूरत भविष्य के सपने देखे जा रहे थे, अगली ही सुबह उसी के घर से बिना किसी बातचीत के निकलना पड़ा।
इंटरनेट के जरिए मुलाकात और बढ़ती नजदीकियां
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया की एक ऑनलाइन डेटिंग वेबसाइट के जरिए हुई थी। उस वेबसाइट पर तीस से पैंतीस वर्ष के एक ब्रिटिश व्यक्ति से परिचय हुआ जो लग्जरी सामान से जुड़े कारोबार में काम करता था। उसने अपनी प्रोफाइल में खुद को सादगी पसंद इंसान बताया था। बातचीत आगे बढ़ी और दोनों के बीच कई मुलाकातों का दौर शुरू हुआ। शुरुआती मुलाकातों में वह व्यक्ति बेहद शालीन और समझदार नजर आया। वह अपने बारे में लंबी चौड़ी बातें करने के बजाय सामने वाले की जिंदगी और पसंद में गहरी दिलचस्पी दिखाता था।
युवती की उम्र उस समय पच्चीस वर्ष थी और उसने पहले कभी किसी ऐसे व्यक्ति को डेट नहीं किया था जो पहले से बच्चों का पिता हो। उस व्यक्ति के पूर्व रिश्ते से बच्चे थे और वह पानी के खूबसूरत नजारे वाले एक शानदार अपार्टमेंट में रहता था। दोनों के बीच लगातार बातचीत और कई मौकों पर साथ में भोजन करने के बाद रिश्ता काफी मजबूत लगने लगा था। क्रिसमस से कुछ दिन पहले समुद्र किनारे दोपहर के भोजन के दौरान उस व्यक्ति ने युवती को तीस दिसंबर की रात अपने फ्लैट पर आने का न्योता दिया।
उम्मीदों भरी पांचवीं डेट और अप्रत्याशित मोड़
तीस दिसंबर का दिन आ पहुंचा। युवती के माता-पिता उस समय शहर में आए हुए थे और उसने अपनी इस योजना के बारे में उन्हें पहले ही बता दिया था। शाम को जब वह उस व्यक्ति के शानदार फ्लैट पर पहुंची, तो उसने रिमोट से गैराज का दरवाजा खोला और दोनों लिफ्ट से ऊपर पहुंचे। घर से पानी का नजारा बेहद खूबसूरत था। घर में खाना बनाने की कोई तैयारी नहीं थी, इसलिए दोनों पास के एक सामान्य बार में शराब और तला हुआ खाना खाने चले गए।
बार में कई घंटे बिताने और शराब पीने के बाद माहौल काफी हल्का और खुशनुमा लग रहा था। आधी रात के करीब जब बार बंद होने का समय हुआ, तो वे दोनों वापस अपार्टमेंट लौट आए। लिविंग रूम के सोफे पर बैठकर बाहर की रोशनी देखते हुए युवती को लगा कि यह रिश्ता अब आगे बढ़ रहा है। उस व्यक्ति ने अचानक उसकी तारीफ की, लेकिन अगले ही पल उसका मिजाज पूरी तरह बदल गया। उसने लड़खड़ाती जुबान में कहा कि वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ा सकता क्योंकि उसे कोई खास आकर्षण महसूस नहीं हो रहा है।
एक ही कमरे में गुजरी असहज रात
अचानक आए इस बदले हुए फैसले से युवती हैरान रह गई। जब उसने सवाल किया तो उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसे अपने पूर्व रिश्ते में भी कभी ऐसा खास खिंचाव महसूस नहीं हुआ था। देर रात होने और शराब के असर की वजह से युवती के लिए तुरंत गाड़ी चलाकर घर वापस जाना मुमकिन नहीं था। घर में सोफा काफी छोटा और सख्त था, जिसके कारण दोनों को एक ही बड़े बिस्तर पर सोना पड़ा।
बिस्तर पर दोनों के बीच भारी दूरी और असहजता बनी रही। युवती अपने जूते और झुमके उतारकर बिना रजाई के किनारे पर लेट गई। पूरी रात बेचैनी में बीती और अगली सुबह तबीयत बेहद खराब लगने लगी। जी मिचलाने के बावजूद वह उस घर के बाथरूम में खुलकर अपनी तकलीफ जाहिर नहीं कर सकी। अपार्टमेंट के गैराज का दरवाजा केवल उस व्यक्ति के रिमोट से ही खुल सकता था, इसलिए बिना बताए चुपचाप निकलना भी संभव नहीं था।
खामोश विदाई और बदहवास वापसी
सुबह जब उस व्यक्ति की आंख खुली तो उसने किचन में बिना एक शब्द बोले चाय बनाई। दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई और कमरे में केवल सन्नाटा पसरा रहा। चाय खत्म होते ही युवती ने नीचे गैराज का गेट खोलने को कहा। लिफ्ट से नीचे उतरते वक्त दोनों बिल्कुल चुप रहे। एक छोटी सी औपचारिक विदाई के बाद युवती अपनी कार में बैठ गई और बिना पीछे मुड़े गाड़ी आगे बढ़ा दी।
सड़क पर आते ही रात के खान-पान और तनाव की वजह से युवती की तबीयत बिगड़ने लगी। मुख्य सड़क पर गाड़ियों की रफ्तार और लगातार हरी बत्तियों के कारण उसे रुकने का मौका नहीं मिला और कार के भीतर ही उल्टी हो गई। घर पहुंचने पर उसने राहत की सांस ली कि माता-पिता बाहर गए हुए थे, जिससे उसे खुद को और गाड़ी को साफ करने का वक्त मिल गया।
नए साल की शुरुआत और सबक
माता-पिता जब दोपहर में लौटे तो उन्होंने अपनी बेटी को परेशान देखा। पूरी बात सुनने के बाद मां ने दिलासा दिया कि शायद यह अलगाव भविष्य के लिए बेहतर था, क्योंकि किसी ऐसे इंसान के साथ जुड़ना आसान नहीं होता जिसके पहले से बच्चे हों। नए साल की पूर्व संध्या पर कोई अन्य योजना न होने के कारण युवती ने अपने माता-पिता और उनके एक पारिवारिक मित्र के साथ स्थानीय थाई रेस्तरां में रात का खाना खाकर साल दो हजार दो को विदा किया। हालांकि उसने तुरंत ऑनलाइन डेटिंग छोड़ना मुनासिब नहीं समझा, लेकिन बाद में मिले कुछ अन्य बुरे अनुभवों के बाद उसने उस माध्यम से पूरी तरह दूरी बना ली।



















