बचपन की दोस्ती और दो दशक पुराने भरोसे के बीच जब प्यार और आकर्षण का पर्दा आ जाए, तो रिश्ते बेहद उलझ जाते हैं। ऐसी ही एक जटिल और नाज़ुक स्थिति में फंसे एक युवक ने अपनी कहानी साझा की है। वह अपने सबसे अच्छे दोस्त की गर्लफ्रेंड की तरफ बेहद आकर्षित हो चुका है। दिलचस्प और पेचीदा बात यह है कि वह खुद भी पहले से एक रिश्ते में बंधा हुआ है। इसके बावजूद वह अपनी साथी के साथ अपना कोई भविष्य नहीं देख पा रहा और उसका पूरा ध्यान अपने साथी के दोस्त की प्रेमिका पर टिका हुआ है।
बीस साल पुरानी दोस्ती और अनचाहा खिंचाव
इस युवक की अपने दोस्त से पहली मुलाकात जूनियर स्कूल के दिनों में हुई थी। पिछले 20 वर्षों के दौरान दोनों ने ज़िंदगी के तमाम उतार-चढ़ाव साथ देखे हैं। चाहे प्रेम संबंधों की परेशानियां हों, नौकरी छूटने का संकट हो या फिर पैसों की तंगी, दोनों हमेशा एक-दूसरे की ढाल बनकर खड़े रहे। युवक का कहना है कि उसका दोस्त उसके लिए सगे भाई जैसा है और वह उसके बिना अपनी ज़िंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकता। लेकिन इसी मजबूत रिश्ते की बुनियाद अब डगमगा रही है।
युवक अपने दोस्त की मौजूदा पार्टनर को लेकर पूरी तरह दीवना हो चुका है। हालांकि उसके दोस्त के जीवन में पहले भी कई लड़कियां रही हैं, लेकिन इस बार उसका दोस्त अपनी इस नई साथी को बेहद खास मानता है। युवक का भी मानना है कि वह लड़की वाकई बहुत अलग और आकर्षक है। समस्या यह है कि लाख कोशिशों के बाद भी वह अपने दिल से उसके ख्याल नहीं निकाल पा रहा है।
चौकड़ी की मुलाकातें और स्पेन की छुट्टियां
युवक की अपनी प्रेमिका बेहद सौम्य और अच्छी है, लेकिन वह साफ महसूस करता है कि वह उसके साथ अपनी पूरी ज़िंदगी नहीं बिता सकता। चारों लोग अक्सर साथ में बाहर घूमने जाते हैं। इसी गर्मी के मौसम में चारों साथ मिलकर स्पेन की यात्रा पर भी गए थे। इस वेकेशन के दौरान युवक को अपने दोस्त की प्रेमिका को करीब से जानने और समझने का भरपूर मौका मिला।
चारों जब भी किसी महफिल या डिनर पर साथ होते, तो माहौल ऐसा बन जाता मानो असल जोड़ी उन दोनों की हो, जबकि बाकी दोनों साथी सिर्फ संख्या पूरी करने के लिए वहां मौजूद हों। दोनों की पसंद एक जैसी है, वे एक ही बात पर खुलकर हंसते हैं और आपस में गहरी बातचीत करते हैं। युवक इस बात से हैरान रहता था कि बाकी दोनों को उनकी इस बढ़ती नजदीकी और तालमेल की भनक तक कैसे नहीं लग रही है।
शादी समारोह में नशे की हालत में इज़हार
यह खामोश खिंचाव हाल ही में एक शादी समारोह के दौरान अचानक खुलकर सामने आ गया। वहां शराब के नशे में युवक ने हिम्मत जुटाकर दोस्त की प्रेमिका के सामने अपने दिल की बात कह दी। वह तब हैरान रह गया जब उस युवती ने भी स्वीकार किया कि वह भी उसके लिए ठीक वैसा ही महसूस करती है। दोनों के बीच छिपी भावनाएं एकतरफा नहीं थीं।
इस खुलासे के बाद से दोनों के बीच फोन पर लंबी बातचीत और संदेशों का सिलसिला शुरू हो चुका है। युवक का कहना है कि जब भी वे दोनों एक ही कमरे में होते हैं, तो उनके बीच का शारीरिक और भावनात्मक तनाव चरम पर पहुंच जाता है। उसे डर है कि किसी भी वक्त उनके बीच शारीरिक संबंध बन सकते हैं, जबकि वह अपने सबसे प्यारे दोस्त की पीठ में छुरा घोंपने के ख्याल से भी नफरत करता है।
काउंसलर की स्पष्ट राय और आगे का रास्ता
इस पूरे मामले पर 30 साल का काउंसलिंग अनुभव रखने वाली विशेषज्ञ लौरा कॉलिंस ने बेहद खरी और व्यावहारिक सलाह दी है। कॉलिंस का मानना है कि यह यकीन करना मुश्किल है कि बाकी दोनों साथियों को इस केमिस्ट्री का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं हुआ होगा। हो सकता है कि वे सच्चाई को नकार रहे हों या फिर अनजान बने रहने की कोशिश कर रहे हों। लेकिन यह स्थिति हमेशा ऐसी नहीं रहेगी, और यह छिपाव जितना लंबा खिंचेगा, दर्द उतना ही ज्यादा गहरा होगा।
परामर्शदाता के अनुसार, युवक को सबसे पहले अपनी मौजूदा पार्टनर से अलग हो जाना चाहिए, क्योंकि वह उसके लिए जीवनभर की साथी नहीं है। उस बेकसूर लड़की को रिश्ते से आज़ाद कर देना चाहिए ताकि वह अपने लिए कोई सही जीवनसाथी तलाश सके। इसके बाद युवक को अपने दोस्त की प्रेमिका से साफ बात करनी चाहिए कि यदि वह वाकई इस रिश्ते को लेकर गंभीर है, तो उसे भी हिम्मत दिखाकर अपने बॉयफ्रेंड से नाता तोड़ना होगा।
जब दोनों पूरी तरह सिंगल हो जाएं, तब युवक को अपने दोस्त के सामने पूरी सच्चाई ईमानदारी से बयां करनी होगी। यह बातचीत उसके दोस्त के लिए बेहद तकलीफदेह होगी, लेकिन किसी तीसरे जरिए से सच पता चलने की तुलना में यह कम दर्दनाक साबित होगी। युवक को यह कड़वी हकीकत स्वीकार करनी होगी कि इस नए रिश्ते को पाने की कीमत उसकी 20 साल पुरानी दोस्ती का अंत हो सकती है। लोग अलगाव के दर्द से उबर जाते हैं, और उसका दोस्त भी आगे बढ़ जाएगा, लेकिन शायद दोबारा उसका दोस्त बनकर नहीं रहेगा।
























