इंग्लैंड के दो सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा केंद्रों ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज के बीच सदियों पुरानी प्रतिद्वंद्विता अब तक शैक्षणिक उपलब्धियों, खेल मुकाबलों और शोध के स्तर तक सीमित मानी जाती थी। ऑक्सफोर्ड जहां सत्तर से ज्यादा नोबेल पुरस्कार विजेता देने का गौरव रखता है, वहीं विज्ञान और तकनीक की शाखाओं में कैम्ब्रिज की अपनी मजबूत साख रही है। हालांकि, हालिया स्वास्थ्य आंकड़ों ने दोनों शहरों के बीच एक बिल्कुल अलग क्षेत्र में बड़ा अंतर उजागर किया है। वर्ष 2025 के आधिकारिक स्वास्थ्य आंकड़ों के आधार पर तैयार किए गए विश्लेषण में सामने आया है कि ऑक्सफोर्ड में यौन संचारित संक्रमण यानी एसटीआई की दर कैम्ब्रिज की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है। इस विश्वविद्यालयी नगर में प्रति 1,00,000 निवासियों पर 674 नए संक्रमण मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके चलते यह समूचे इंग्लैंड के छात्र शहरों में पांचवें पायदान पर आ पहुंचा है।
शीर्ष पांच में ऑक्सफोर्ड की मौजूदगी और प्रमुख शहरों का परिदृश्य
वयस्क स्वास्थ्य मंच इरोबेला द्वारा इंग्लैंड के विश्वविद्यालयी शहरों के आधिकारिक आंकड़ों की पड़ताल में यह पाया गया कि ऑक्सफोर्ड ने संक्रमण दर के मामले में लिवरपूल और नॉटिंघम जैसे पारंपरिक रूप से चहल-पहल और पार्टियों के लिए पहचाने जाने वाले शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस अध्ययन के अनुसार मैनचेस्टर 924 नए मामलों के साथ सूची में सबसे ऊपर बना हुआ है, जबकि ब्राइटन 859 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। सैल्फर्ड 846 नए मामलों के साथ तीसरे और लिंकन 748 मामलों के साथ चौथे स्थान पर स्थित है। ऑक्सफोर्ड 674 मामलों के साथ पांचवें नंबर पर दर्ज हुआ है, जिसके ठीक बाद लिवरपूल में 638, नॉर्विच में 573, बर्मिंघम में 565, नॉटिंघम में 523 और रीडिंग में प्रति एक लाख आबादी पर 522 नए मामले पाए गए हैं।
कैम्ब्रिज की तुलना में ऑक्सफोर्ड का बढ़ता संक्रमण स्तर
इस ताजा सूची में कैम्ब्रिज की स्थिति ऑक्सफोर्ड से काफी अलग नजर आती है। कैम्ब्रिज में प्रति 1,00,000 निवासियों पर केवल 405 नए संक्रमण के मामले सामने आए, जिसके कारण वह रैंकिंग तालिका में 22वें पायदान पर लुढ़क गया। इन दोनों शहरों की संरचना काफी हद तक एक समान मानी जाती है, जिससे दोनों की सीधी तुलना बेहद प्रासंगिक हो जाती है। ऑक्सफोर्ड में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड ब्रूक्स यूनिवर्सिटी स्थित हैं, जबकि कैम्ब्रिज में यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी मौजूद हैं। दोनों नगरों की आबादी भी लगभग बराबर है, जहां ऑक्सफोर्ड की जनसंख्या 1,66,000 है तो कैम्ब्रिज की आबादी 1,49,000 दर्ज है। वर्ष 2025 के दौरान ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में लगभग 26,000 छात्र नामांकित थे, जबकि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की तादाद लगभग 24,000 रही।
लंबे समय के रुझानों को देखें तो ऑक्सफोर्ड में यह स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है। शहर में संक्रमण दर पिछले चार वर्षों से लगातार बढ़ रही है और बीते एक वर्ष में ही इसमें 11.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके उलट, कैम्ब्रिज में पिछले एक वर्ष के भीतर संक्रमण की दर में 23.6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कैम्ब्रिज के लिए चौदह वर्षों के उपलब्ध इतिहास का सबसे निचला स्तर है, जिसकी वजह से वह दसवें स्थान से खिसककर सीधे 22वें पायदान पर पहुंच गया। वर्ष 2015 के बाद से दोनों शहरों की संक्रमण दर के बीच का अंतर अब अपने सबसे व्यापक स्तर पर देखा जा रहा है, जबकि साल 2019 में कैम्ब्रिज की दर ऑक्सफोर्ड से अधिक थी और वर्ष 2022 में दोनों शहर बिल्कुल बराबरी पर थे।
युवाओं में टेस्टिंग की प्रवृत्ति और स्वास्थ्य जागरूकता
सितंबर का महीना सेक्सुअल हेल्थ अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है, जिसका मकसद प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, समय पर जांच को प्रोत्साहित करना और इससे जुड़ी सामाजिक झिझक को दूर करना है। इसी समयावधि में नए छात्र विश्वविद्यालय परिसरों में कदम रखते हैं। हालांकि, युवाओं के बीच नियमित जांच कराने की प्रवृत्ति में हाल के वर्षों में कमी देखी गई है। लॉयड्स फार्मेसी द्वारा पूर्व छात्रों पर किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया था कि 46 प्रतिशत पूर्व छात्र यह मानते हैं कि ब्रिटेन में यौन संचारित संक्रमण से प्रभावित लोगों में छात्रों का अनुपात सबसे बड़ा है। इस सर्वेक्षण में शामिल 500 ब्रिटिश स्नातकों में से केवल 36 प्रतिशत ने विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान कभी कोई टेस्ट कराया था। करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागियों का कहना था कि विश्वविद्यालय नियमित जांच को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाते, जबकि 86 प्रतिशत छात्रों ने यह राय दी थी कि हर छात्र आवास यानी हॉस्टल में टेस्टिंग किट उपलब्ध होनी चाहिए।
रात्रिकालीन जीवन और जांच की संख्या का प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों शहरों के बीच इस बड़े अंतर की एक वजह सामाजिक परिवेश और शहरी जीवनशैली हो सकती है। ऑक्सफोर्ड का रात्रिकालीन माहौल कैम्ब्रिज के मुकाबले कहीं अधिक विविधतापूर्ण और सक्रिय माना जाता है। वहां देर रात तक चलने वाले बार, डीजे क्लब और शहरी मनोरंजन के कई साधन मौजूद हैं, जबकि कैम्ब्रिज में देर रात तक खुलने वाले क्लबों और बारों की संख्या अपेक्षाकृत काफी सीमित है।
इसके अलावा जांच के तौर-तरीके और जांच कराने वाले समूहों की संख्या भी आंकड़ों में भिन्नता पैदा करती है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक ऑक्सफोर्ड में युवा महिलाओं के बीच क्लैमाइडिया के मामलों में पिछले साल की तुलना में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि कैम्ब्रिज में इसी बीमारी के मामले 44 प्रतिशत घटे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि किसी शहर में संक्रमण के आंकड़े इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि वहां कितने लोग सक्रिय होकर जांच करवा रहे हैं। जब तक युवा नियमित जांच नहीं कराते, तब तक संक्रमण के वास्तविक फैलाव पर नियंत्रण पाना मुश्किल बना रहता है।



















