प्यार और अंतरंगता के सफर में हर किसी का अपना तरीका होता है, लेकिन एक 28 साल की पत्रकार ईशा ने हाल ही में अपने रिश्ते से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प पहलू साझा किया है जिसके बारे में उनके बॉयफ्रेंड चाड को कोई जानकारी नहीं थी। दोनों की मुलाकात दो साल पहले एक पार्टी में हुई थी और तब से वे एक साथ हैं। उनके बीच हफ्ते में चार से पांच बार संबंध बनते हैं, जिसे ईशा दोनों के बीच की गहरी केमिस्ट्री बताती हैं। उनके अनुसार उन्हें इस मामले में कभी किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा क्योंकि वे एक-दूसरे के साथ पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं।
किताबों के पन्नों से जुड़ा नया शौक
हाल ही में ईशा की दिनचर्या में एक दिलचस्प बदलाव आया है। कुछ महीने पहले उन्होंने कामुक और रोमांटिक उपन्यास पढ़ना शुरू किया। उन्हें यह महसूस हुआ कि स्क्रीन पर कुछ देखने की तुलना में किताबों में अंतरंगता के दृश्यों को पढ़ना उनके मन पर बिल्कुल अलग प्रभाव डालता है। धीरे-धीरे यह पढ़ना उनके निजी जीवन का एक गुप्त हिस्सा बन गया। अब चाड से मिलने जाने से पहले वह थोड़ी देर किताबें पढ़ती हैं, जिससे उनके मन में एक खास तरह की उत्तेजना पैदा हो जाती है।
सोमवार और मंगलवार की शुरुआत
सोमवार की रात को जब दोनों की मुलाकात नहीं होती, तब ईशा बिस्तर पर उपन्यास पढ़ती हैं। वह सिल्विया डे द्वारा लिखित 'बेयर्ड टू यू' जैसी किताबें पसंद करती हैं, जिनमें रोमांस की अधिकता होती है। उनका मानना है कि तुरंत सब कुछ होने के बजाय दो00 पन्नों तक खिंचने वाला तनाव और इंतजार उन्हें ज्यादा आकर्षित करता है। इसके बाद वह चाड को एक रहस्यमयी मैसेज भेजती हैं कि वह इस समय क्या सोच रही हैं। अगले दिन मंगलवार को जब उन्हें चाड से मिलना होता है, तो वह तैयार होने से बीस मिनट पहले किताब उठा लेती हैं। इस बदलाव की वजह से अब वह अपने पार्टनर से मिलने के दो घंटे पहले से ही उनके बारे में सोचने लगती हैं। चाड ने भी इस बात पर ध्यान दिया है कि अब वह पहले से ज्यादा पहल करती हैं और मजाक में पूछ बैठते हैं कि उन पर किस चीज का असर हो गया है। मिलने के बाद दोनों किसिंग और फोरप्ले के बाद मिशनरी स्टाइल में संबंध बनाते हैं, जिसके दौरान ईशा का पूरा ध्यान सिर्फ चाड पर होता है।
काल्पनिक दुनिया और असल जिंदगी का फर्क
बुधवार का दिन पूरी तरह से सामान्य और बिना किसी कामुकता के बीता, जिसमें सिर्फ ऑफिस के काम, ईमेल और लैपटॉप पर समय बिताना शामिल था। घर लौटने पर उन्होंने इस बात पर विचार किया कि जो चीजें उन्हें किताबों में पढ़ने में अच्छी लगती हैं, उन्हें वह असल जिंदगी में कभी नहीं चाहेंगी। उदाहरण के लिए, किसी पुरुष किरदार का अत्यधिक ईर्ष्यालु होना या अधिकार जताना कहानी में तो रोमांचक लग सकता है, लेकिन वास्तविक जीवन में ऐसा नियंत्रण करने वाला पार्टनर उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आएगा। कहानी में सुरक्षा का दायरा होने के कारण वह नाटक का आनंद ले पाती हैं, जबकि असल रिश्ते में उन्हें भरोसा, स्वतंत्रता और बराबरी चाहिए होती है।
गुरुवार से शनिवार तक का सफर
गुरुवार को बाथटब में फोन पर पढ़ते समय उन्हें एक अलग ही तरह का आनंद मिला, क्योंकि उन्हें पता था कि वह जल्द ही चाड से मिलने वाली हैं। इस लंबे इंतजार और तैयारी के बाद जब वे दोनों मिले, तो ईशा का स्वभाव सामान्य से अधिक स्नेही था। शुक्रवार को बिना कुछ पढ़े चाड से मिलने पर उन्हें एक अलग ही तुलना करने का मौका मिला। उस दिन का अनुभव ज्यादा सहज और स्वाभाविक लगा, जिसमें दिमाग घंटों तक पहले से नहीं उलझा हुआ था। इससे उन्हें यह अहसास हुआ कि बॉयफ्रेंड की गंध और उनकी आवाज के छोटे-छोटे लहजे उन्हें किसी भी काल्पनिक किरदार से ज्यादा आकर्षित करते हैं। शनिवार को वह नई किताबें तलाशने में लगीं और उन्हें एहसास हुआ कि वह अपनी पसंद को लेकर काफी चुनिंदा हो चुकी हैं। आखिरकार उन्होंने टिफ़नी रीज़ द्वारा लिखित 'द सायरन' पढ़ना शुरू किया और उस रात अकेले ही उस ऊर्जा का आनंद लिया।
रविवार का निष्कर्ष और आपसी समझ
रविवार का दिन एक सामान्य दिन की तरह बीता, जिसमें नाश्ता, कॉफी, टहलना और घर पर डिनर शामिल था। शाम को टीवी देखते समय ईशा ने चाड को अपनी इस डायरी के बारे में बताया और समझाया कि कैसे यह उनके मिलने से पहले का एक छोटा सा अनुष्ठान बन गया है। चाड इस बात पर हंसे और पूछा कि क्या उन्हें किसी काल्पनिक पुरुष से खतरा महसूस करना चाहिए, जिस पर ईशा ने साफ मना कर दिया। किताबों की दुनिया चाहे कितनी भी गढ़ी हुई हो, लेकिन चाड के साथ बिताए गए दो सालों का अपनापन और उनकी हंसी किसी भी काल्पनिक पात्र से मुकाबला नहीं कर सकती। इसके बाद दोनों ने पारंपरिक तरीके से समय बिताया और इस बात को माना कि कल्पना चाहे जितनी मर्जी नाटकीय हो, लेकिन असल जिंदगी का प्यार और जुड़ाव हमेशा सबसे ऊपर होता है।



















