किसी महत्वाकांक्षी इंसान के सपनों का सहारा बनना शुरुआत में भले ही भावनात्मक रूप से प्रेरणादायक लगे, लेकिन जब यह सिलसिला वर्षों तक बिना किसी ठोस नतीजे के खिंचता चला जाए, तो यह न केवल बैंक खाते पर बल्कि मानसिक शांति पर भी भारी बोझ बन जाता है। छह साल पहले ड्रामा स्कूल में एक साथ अभिनय का सपना देखने वाली एक युवती अब अपने 28 वर्षीय साथी का पूरा आर्थिक खर्च उठाते-उठाते बुरी तरह थक चुकी है। पार्टनर के पास न तो कोई स्थायी नौकरी है और न ही अभिनय में कोई ठोस प्रगति, फिर भी उसका मानना है कि वह आने वाले वक्त में जेम्स बॉन्ड का प्रतिष्ठित किरदार निभा सकता है। फ्लैट का किराया और तमाम बिल अकेले चुकाते हुए अब उस महिला ने अपनी इस घुटन और असमंजस को खुलकर साझा किया है।
ड्रामा स्कूल से शुरू हुआ सफर और हकीकत का टकराव
इस पूरे मामले की शुरुआत छह साल पहले हुई थी, जब दोनों की मुलाकात एक ड्रामा स्कूल में हुई थी। उस वक्त दोनों युवा थे और आंखों में बड़े पर्दे पर बतौर अभिनेता चमकने की समान महत्वाकांक्षाएं थीं। समय बीतने के साथ महिला ने जमीनी हकीकत को पहचाना और यह समझ लिया कि अभिनय में उसका करियर नहीं बनने वाला है। उसने समय रहते व्यावहारिक फैसला लिया और कास्टिंग इंडस्ट्री की एक कंपनी में नियमित नौकरी हासिल कर ली, जहां वह अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट और खुश है।
दूसरी ओर, उसके पार्टनर का करियर कभी पटरी पर नहीं आ सका। वह अब 28 साल का हो चुका है और उसकी जिंदगी कभी बार में काम करने, कभी टेबल सर्व करने तो कभी कॉल सेंटर में अस्थायी काम करने तक सीमित रह गई है। इस अनियमित काम की वजह से वह लगभग हमेशा तंगहाली के दौर में रहता है। यद्यपि उसे कभी-कभार अभिनय की छिटपुट और छोटी भूमिकाएं मिल जाती हैं, लेकिन वे भूमिकाएं कभी किसी बड़े या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में तब्दील नहीं हो पाईं।
किराए और बिलों का अकेला बोझ
वर्तमान में स्थिति यह है कि दोनों जिस फ्लैट में रहते हैं, उसका पूरा किराया और बाकी सभी जरूरी बिल महिला को अपनी जेब से भरने पड़ते हैं। लगातार आर्थिक बोझ उठाते हुए उसे अपनी मां की पुरानी सीख शिद्दत से याद आने लगी है, जिसमें कहा गया था कि पैसा भले ही इंसान को खुशियां न दे सके, लेकिन पैसे का न होना इंसान को निश्चित रूप से दुखी बना देता है।
इसके बावजूद उसका पार्टनर अपनी काल्पनिक दुनिया से बाहर निकलने को तैयार नहीं है। वह पूरी तरह आश्वस्त है कि उसे एक दिन बहुत बड़ा ब्रेक मिलेगा। उसका यह भी दावा है कि अगर किसी बड़े निर्देशक या निर्माता की नजर उस पर पड़ जाए, तो वह अगला जेम्स बॉन्ड बन सकता है। महिला भी मानती है कि उसका प्रेमी शारीरिक रूप से बेहद फिट, सक्रिय और आकर्षक दिखने वाला है, जिससे उस पर यह किरदार जंच सकता है, लेकिन केवल उम्मीदों के दम पर जिंदगी नहीं चलती।
स्वार्थ पर टिकी डोर और काउंसलर की दो टूक सलाह
हाल ही में एक करीबी दोस्त ने महिला को कड़वी सच्चाई का आईना दिखाते हुए कहा कि उसका पार्टनर सिर्फ पैसों और आश्रय के लिए उसके साथ टिका हुआ है, जबकि वह खुद उसके साथ सिर्फ इसलिए है कि शायद वह कभी मशहूर हो जाए। यह सुनकर उसे गहरा धक्का लगा, लेकिन उसने खुद भी स्वीकार किया कि दोनों के बीच का प्यार काफी पहले खत्म हो चुका है और अब यह रिश्ता केवल एक-दूसरे की जरूरतों पर टिका है।
इस उलझन पर परामर्श देते हुए 30 साल का अनुभव रखने वाली काउंसलर ने स्थिति को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया। काउंसलर के मुताबिक, पुरुष साथी को अपनी आर्थिक सुरक्षा और रहने के ठिकाने के लिए महिला की जरूरत साफ नजर आती है, लेकिन महिला के लिए इस रिश्ते में बने रहने का कोई वास्तविक आधार नहीं है। काउंसलर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर वह युवक कभी अमीर और मशहूर बन भी गया, तो इसकी पूरी संभावना है कि वह इस महिला को छोड़कर रेड कार्पेट पर किसी अन्य साथी के साथ नजर आएगा।
काउंसलर ने सांख्यिकीय हकीकत का हवाला देते हुए बताया कि उसके जीवन भर एक संघर्षरत अभिनेता ही बने रहने की संभावना कहीं अधिक है। ऐसे में महिला अपने सबसे बेहतरीन साल ऐसे व्यक्ति पर लुटाकर केवल पछतावा ही हासिल करेगी। काउंसलर ने साफ तौर पर इस व्यर्थ रिश्ते को फौरन खत्म करने और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की सलाह दी है, क्योंकि आम जिंदगी में ऐसे कई सामान्य और सुलझे हुए पुरुष मिल सकते हैं जो उसे सच्चा सुख दे सकें।


















