मौसम के अलग-अलग मिजाज अक्सर इंसानी जज्बातों और मूड को गहराई से प्रभावित करते हैं। कुछ समय पहले तूफानी मौसम और कड़कती बिजली से उत्तेजित होने वाले रुझान यानी केराउनोफिलिया ने लोगों का ध्यान खींचा था। ठीक इसी तरह वातावरण से जुड़ा एक और अनूठा रुझान तेजी से चर्चा में आ रहा है। प्रमाणित सेक्सोलॉजिस्ट एंजी राउंडट्री के मुताबिक, महिलाओं पर केंद्रित उनकी एडल्ट वेबसाइट पर इस खास प्रवृत्ति से जुड़ी दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इसे सेक्सोलॉजी की भाषा में नेबुलोफिलिया कहा जाता है।
नेबुलोफिलिया असल में कोहरे, धुंध, पानी की भाप, धुएं या कम रोशनी और धुंधलेपन वाले वातावरण के प्रति महसूस होने वाला एक कामुक आकर्षण है। इस तरह के माहौल में इंसान सिर्फ मौसम का आनंद नहीं लेता, बल्कि उसके भीतर एक खास किस्म का रोमांटिक और इंटिमेट खिंचाव पैदा होता है। सिनेमा और पॉप कल्चर में भी ऐसे दृश्यों को हमेशा से बेहद रूमानी अंदाज में पेश किया जाता रहा है। फिल्म टाइटैनिक का वह मशहूर दृश्य जहां बंद कार की कांच पर जमी भाप पर जैक और रोज के मिलन के दौरान हाथ का निशान बनता है, या फिर प्राइड एंड प्रेजुडिस में मिस्टर डार्सी का घने कोहरे को चीरते हुए एलिजाबेथ बेनेट के सामने अपने प्यार का इजहार करना, इसी रूमानी अहसास की मिसाल हैं।
नेबुलोफिलिया क्या है और यह कैसे काम करता है?
किंक विशेषज्ञ और 'किंक क्यूरियस' की लेखिका गीगी एंगले बताती हैं कि नेबुलोफिलिया का सीधा मतलब धुंध, बादलों और वायुमंडलीय परिस्थितियों से उत्तेजना महसूस होना है। उनके अनुसार, यह स्थिति तब पैदा होती है जब किसी व्यक्ति को त्वचा पर धुंध की बूंदों के स्पर्श से या फिर आंखों के सामने कोहरे और धुएं के गुबार देखकर गहरा कामुक अहसास होने लगता है। इसका ताल्लुक बादलों और कोहरे से पैदा होने वाले रहस्यमयी और रूमानी माहौल से होता है।
गीगी एंगले का कहना है कि यह पूरी तरह से संवेदी और दृश्यात्मक अनुभव है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोई व्यक्ति बादलों या कोहरे से आकर्षित हो रहा है, बल्कि वह धुंधला वातावरण उत्तेजना को भड़काने वाले एक माध्यम की तरह काम करता है। लवहनी की सेक्स विशेषज्ञ एनाबेल नाइट भी इस बात का समर्थन करती हैं। उनका मानना है कि धुंध और कोहरा इंसान के भीतर गहरी और तीव्र भावनाओं को जगाने की क्षमता रखते हैं, और यही वजह है कि फिल्मों और धारावाहिकों में अक्सर जज्बातों की गहराई दिखाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है।
सिनेमाई पर्दे पर इसके कई उदाहरण देखने को मिलते हैं। फिल्म 'वुदरिंग हाइट्स' में मार्गोट रॉबी और जैकब एलोर्डी के किरदारों की कहानी में यॉर्कशायर के दलदली इलाकों में छाया घना कोहरा कैथरीन और हीथक्लिफ के अनियंत्रित प्रेम और जुनून का प्रतीक बनकर उभरता है। फिल्म में कोहरे की ओट में कैथरीन का दृश्य हो या पिता के अंतिम संस्कार के दौरान धुंध के साए में कार के भीतर दोनों का गुप्त मिलन, वातावरण इस जुनून को कई गुना बढ़ा देता है। इसके अलावा बाथरूम में गर्म पानी से भरी भाप के बीच फिल्माए गए दृश्य भी तनाव और आकर्षण को गहरा करते हैं, जैसे 'हीटेड राइवलरी' में शेन हॉलैंडर और इल्या रोजानोव के बीच लॉकर रूम के शॉवर्स में बनने वाला खिंचाव। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दृश्यों ने आम लोगों के जेहन में धुंध और भाप को कामुकता का प्रतीक बना दिया है।
चारदीवारी का सुकून और बाहरी दुनिया से दूरी
किंक विशेषज्ञ गीगी एंगले बताती हैं कि खराब और धुंधला मौसम अक्सर लोगों को बाहरी दुनिया से अलग-थलग कर देता है। जब बाहर बारिश हो रही हो, चारों तरफ बादल घिरे हों या कोहरा छाया हो, तो यह इस बात का संकेत होता है कि मौसम बाहर निकलने लायक नहीं है। ऐसी स्थिति में लोग अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हो जाते हैं। यह मजबूरी अपने साथी के साथ ज्यादा से ज्यादा निजी और अंतरंग पल बिताने का बेहतरीन मौका बन जाती है। इस तरह मौसम और निजी पलों का आपस में गहरा जुड़ाव बन जाता है।
सेक्सोलॉजिस्ट एंजी राउंडट्री इस अहसास को और स्पष्ट करते हुए कहती हैं कि जब आप रात की हल्की बारिश के बाद सोकर उठते हैं और बाहर की दुनिया को घने कोहरे में लिपटा पाते हैं, तो सड़क और मकान सब ओझल नजर आते हैं। हवा में एक अजीब सा रहस्यमयी आकर्षण घुल जाता है। उस समय कुछ ही कदमों तक सीमित रहने वाला वह छोटा सा दायरा ऐसा लगता है मानो वह सिर्फ आपके और आपके साथी के लिए ही बना हो। वहां किसी तीसरे की नजर का डर नहीं होता और इंसान अपनी मनचाही शरारतें करने के लिए आजाद महसूस करता है। इस तरह के स्वप्निल माहौल में रोजमर्रा की दुनिया गायब हो जाती है, झिझक मिटने लगती है और एक सामान्य पल भी बेहद कामुक कल्पना में बदल जाता है।
इस अहसास को कैसे अपनाएं और किन सावधानियों का रखें ध्यान?
विशेषज्ञों के अनुसार, नेबुलोफिलिया कोई दुर्लभ चीज नहीं है बल्कि यह आम जिंदगी में काफी ज्यादा पाई जाती है। इसके साथ नए अनुभव करना भी बेहद आसान है। इसकी शुरुआत बाथरूम में गर्म पानी का शॉवर चालू करके की जा सकती है, जिससे पूरा कमरा भाप से भर जाए। हालांकि भाप से भरे बाथरूम में शारीरिक संबंध बनाते समय फर्श पर फिसलने का बड़ा जोखिम रहता है, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी जरूरी है।
एनाबेल नाइट एक और अहम स्वास्थ्य चेतावनी देती हैं। उनका कहना है कि भाप से भरे कमरे में संबंध बनाने का मतलब है कि आप अत्यधिक गर्म माहौल में हैं। ऐसे तापमान में ज्यादा शारीरिक जोर लगाने से चक्कर आने या बेहोश होने का खतरा रहता है, इसलिए खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। इसके अलावा जब बाहर घना कोहरा छाया हो, तब खिड़की के पास रहकर या सिर्फ उस मौसम के माहौल का आनंद लेते हुए भी अंतरंग पलों को खास बनाया जा सकता है। एनाबेल नाइट का सुझाव है कि अगर आपको इस तरह का माहौल पसंद है, तो इसमें किसी तरह की झिझक या शर्म महसूस करने की जरूरत नहीं है। यदि आप अपने साथी से इस बारे में बात करना चाहते हैं, तो नेबुलोफिलिया जैसे तकनीकी नाम का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे शब्दों में अपनी भावनाएं साझा करें कि यह मौसम आपको कैसा महसूस कराता है।



















