दैनिक जीवन में लोग अपने परिवार या पार्टनर की तुलना में सबसे ज्यादा समय अपने सहकर्मियों के साथ बिताते हैं। एक ही छत के नीचे लंबे घंटों तक साथ काम करने और तनाव साझा करने की वजह से कई बार सहयोगियों के बीच का रिश्ता पेशेवर सीमाओं को लांघ जाता है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 40% लोगों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने वर्तमान साथी के साथ रहते हुए अपने ही दफ्तर के किसी सहकर्मी को धोखा दिया है। हजारों मामलों की गहराई से जांच कर चुके प्राइवेट डिटेक्टिव पॉल इवांस ने अपने पेशेवर अनुभवों के आधार पर उन शीर्ष पांच पेशों का ब्योरा साझा किया है, जिनमें काम करने वाले लोगों में बेवफाई के मामले सबसे अधिक देखे जाते हैं।
1. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवर
जांच के आंकड़ों में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र बेवफाई के मामलों में पहले पायदान पर दर्ज किया गया है। पॉल इवांस के अनुसार, उनके पास आने वाले मामलों में सबसे बड़ी तादाद उन लोगों की होती है जो मेडिकल क्षेत्र में काम कर रहे हैं। डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की दिनचर्या बेहद व्यस्त और तनावपूर्ण होती है। कई डॉक्टर सप्ताह में 60 घंटे तक अस्पताल परिसरों में ही गुजार देते हैं।
अस्पताल का माहौल अत्यंत दबाव, भावनात्मक उतार-चढ़ाव और गंभीर जिम्मेदारियों से भरा होता है। इसके साथ ही मौजूदा समय में अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक दबाव भी देखने को मिलता है। इस तरह के संवेदनशील माहौल में रात की शिफ्टों के दौरान लंबे समय तक साथ रहने वाले कर्मियों के बीच भावनात्मक निर्भरता तेजी से बढ़ जाती है। इवांस ने अपने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि एक डॉक्टर और नर्स नाइट शिफ्ट के दौरान अस्पताल के एक खाली कमरे में मिलते थे, जबकि उनके जीवनसाथी को लगता था कि वे दोनों अपनी आधिकारिक ड्यूटी निभा रहे हैं।
2. कॉल सेंटर और कस्टमर सपोर्ट कर्मचारी
कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच भी इस तरह के रिश्ते बनने की दर काफी ऊंची पाई गई है। इस क्षेत्र में कर्मचारी एक-दूसरे के बेहद करीब बैठकर लगातार कई-कई घंटे काम करते हैं। काम की गति तेज होने और ग्राहकों की समस्याओं से निपटने की वजह से यहां का कामकाजी माहौल बेहद तनावपूर्ण रहता है।
हर दिन एक जैसे दबाव और मुश्किल लक्ष्यों से जूझते हुए सहकर्मियों का आपस में जुड़ना बहुत स्वाभाविक प्रक्रिया बन जाती है। पॉल इवांस के मुताबिक, जब लोग लगातार लंबे घंटों तक कंधे से कंधा मिलाकर बैठते हैं, तो उनकी सामान्य दोस्ती धीरे-धीरे निजी और रोमांटिक आकर्षण का रूप लेने लगती है। कार्यस्थल का यह साझा तनाव सीमाओं को धुंधला करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
3. केबिन क्रू और फ्लाइट अटेंडेंट
हवाई यात्रा उद्योग में काम करने वाले फ्लाइट अटेंडेंट सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं। इस पेशे में काम करने वाले लोगों की जीवनशैली आम दफ्तरों से काफी अलग होती है। घर और परिवार से सैकड़ों मील दूर रहना, अलग-अलग शहरों में प्रवास करना और लगातार यात्राएं इस काम का अनिवार्य हिस्सा हैं।
जासूस इवांस का कहना है कि घर से दूरी, मिलने वाली आजादी और नए शहरों का ग्लैमरस परिवेश अक्सर प्रलोभन को बढ़ा देता है। पार्टनर से दूर रहने पर व्यक्तिगत सीमाएं बहुत तेजी से कमजोर पड़ने लगती हैं। उन्होंने एक शादीशुदा महिला फ्लाइट अटेंडेंट के मामले का खुलासा किया, जो लंबी दूरी की उड़ानों पर तैनात थी। जब उसके व्यवहार में बदलाव आया और जांच शुरू हुई, तो पता चला कि वह अपने लेओवर और स्टॉपओवर के दौरान दूसरी एयरलाइन के एक पायलट से लगातार मिल रही थी। दोनों कई महीनों से एक ही होटल में गुप्त रूप से कमरे बुक कर रहे थे।
4. सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स
सेल्स यानी बिक्री के क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवर इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। इस क्षेत्र में लगातार नए सौदे पूरे करने, कॉरपोरेट सीढ़ियां चढ़ने और कड़े लक्ष्यों को हासिल करने की आपाधापी रहती है। इस माहौल में उत्साह और एड्रेनालिन का स्तर हमेशा बहुत ऊंचा रहता है।
आई-स्पाई डिटेक्टिव्स के पॉल इवांस के अनुसार, सेल्स प्रोफेशनल्स बातचीत में माहिर और मनाने की कला में निपुण होते हैं। दूसरों को आसानी से प्रभावित करने की यह क्षमता जरूरत पड़ने पर बातें छिपाने में भी उनके काम आती है। जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां देश भर में दौरों पर जाने वाले सेल्स प्रतिनिधि सहकर्मियों या फिर यात्रा के दौरान होटल बार में मिलने वाले अपरिचित व्यक्तियों के साथ रिश्तों में लिप्त पाए गए।
5. आईटी और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स
आमतौर पर यह माना जाता है कि दिन भर कंप्यूटर स्क्रीन के सामने कुर्सी पर बैठकर कोडिंग करने वाले तकनीकी कर्मी इस तरह के मामलों से दूर रहते होंगे, लेकिन आंकड़े इसके ठीक उलट तस्वीर दिखाते हैं। तकनीकी क्षेत्र में आने वाले मामलों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक रही है।
आईटी प्रोफेशनल्स के पास तकनीक और डिजिटल टूल्स की गहरी समझ होती है, जिससे वे अपने डिजिटल फुटप्रिंट को बहुत सफाई से मिटा सकते हैं। इसके अलावा, दिन भर स्क्रीन के सामने समय बिताने की उनकी आधिकारिक मजबूरी उन्हें फोन या लैपटॉप पर गुप्त बातचीत जारी रखने का एक बेहद स्वाभाविक बहाना भी दे देती है। सोशल मीडिया और आधुनिक कम्युनिकेशन ऐप्स की निर्बाध पहुंच के चलते वे बिना किसी शक के निजी मैसेज छिपाने में सफल रहते हैं।
डिजिटल कैलेंडर और गुप्त कोड का खेल
धोखा देने वाले लोग पकड़े जाने से बचने के लिए कई चालाक तरीके अपनाते हैं, जिनमें से एक लोकप्रिय जरिया शेयर्ड डिजिटल कैलेंडर बन चुका है। ऊपर से देखने पर यह किसी डेंटिस्ट अपॉइंटमेंट, क्लाइंट मीटिंग या रूटीन वर्क शेड्यूल जैसा दिखता है, लेकिन गहराई से पड़ताल करने पर वही समय किसी गुप्त मुलाकात का कवर साबित होता है। ऐसे मामलों में हर हफ्ते एक ही स्लॉट इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें लोकेशन हर बार बदलती है लेकिन वहां वास्तविक काम का कोई नामोनिशान नहीं होता। इसके अलावा पकड़े जाने से बचने के लिए टीम लंच या क्लाइंट कॉल जैसे कोड शब्दों का सहारा भी लिया जाता है।



















