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सात साल के मिथक से आगे बढ़ी शादियां, तलाक से पहले अब 13 साल तक साथ निभा रहे जोड़ेयौन स्वास्थ्य
24 सित॰ 2026, 2:47 pm (2 घंटे पहले)· 0

सात साल के मिथक से आगे बढ़ी शादियां, तलाक से पहले अब 13 साल तक साथ निभा रहे जोड़े

नए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक शादियां टूटने से पहले अब औसतन 13 साल तक चलती हैं। आर्थिक स्थिरता, देर से विवाह और नो-फॉल्ट तलाक कानून ने रिश्तों की इस समयसीमा को बदल दिया है।

लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि वैवाहिक जीवन में सातवां साल सबसे कठिन इम्तिहान लेकर आता है, जिसे आम बोलचाल में सेवन-ईयर इच कहा जाता था। हालांकि, आधुनिक दौर में वैवाहिक रिश्तों के टूटने की यह समयसीमा काफी आगे खिसक चुकी है। नए जनसांख्यिकीय आंकड़ों से साफ हुआ है कि अब कानूनी तौर पर अलग होने का फैसला लेने से पहले दंपति औसतन 13 साल का लंबा वक्त साथ गुजार रहे हैं। यह बदलाव दिखाता है कि आधुनिक युग में लोग शादी, प्रतिबद्धता और निजी प्राथमिकताओं को बिल्कुल नए नजरिए से देख रहे हैं।

नए आंकड़े क्या बयां करते हैं

इंग्लैंड और वेल्स में वर्ष 2025 के दौरान कुल 1,05,002 तलाक दर्ज किए गए, जबकि 959 सिविल पार्टनरशिप समाप्त हुईं। आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि विपरीत-लिंगी दंपतियों की शादियां कानूनी अलगाव तक पहुंचने से पहले औसतन 13.0 साल तक कायम रहीं। वहीं, समान-लिंगी पुरुष सिविल पार्टनरशिप में यह अवधि औसतन 13.7 साल रही और समान-लिंगी महिला सिविल पार्टनरशिप औसतन 13.6 साल चलने के बाद टूटीं। यह रुझान साफ करता है कि शुरुआती सालों में ही कानूनी अलगाव की ओर कदम बढ़ाने की तुलना में जोड़े अब अपने रिश्ते को अधिक समय दे रहे हैं।

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देर से शादी और आर्थिक परिपक्वता का असर

इस बदलाव के पीछे कई सामाजिक और मानवीय पहलू काम कर रहे हैं। रिलेशनशिप कोच और विशेषज्ञ केट मैंसफील्ड के मुताबिक यह स्थिति केवल इसलिए नहीं है कि लोग असंतुष्ट होने के बावजूद बेवजह साथ खिंच रहे हैं, बल्कि इसके पीछे की हकीकत कहीं अधिक जटिल है। आजकल लोग पहले की तुलना में अधिक उम्र में शादी कर रहे हैं। शादी का फैसला लेने से पहले युवा अपने करियर को मजबूत बनाते हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होते हैं। जब व्यक्ति जीवनसाथी चुनने में अधिक परिपक्व और सजग होता है, तो शादी के शुरुआती वर्षों में तलाक की नौबत कम आती है, जिससे अलगाव की औसत समयसीमा स्वाभाविक रूप से ऊपर चली जाती है।

समझौता, उम्मीद और लंबे प्रयास

तलाक का कदम कभी भी किसी मामूली विवाद या पहली बार की अनबन पर नहीं उठाया जाता। रिश्ते जब किसी मुश्किल दौर से गुजरते हैं, तो यह तय करने में समय लगता है कि समस्या सुलझाई जा सकती है या नहीं। बच्चे, साझा घर, आपस में जुड़ी वित्तीय जिम्मेदारियां और साथ बिताए वर्षों की साझा यादें लोगों को तुरंत अलग होने से रोकती हैं। जोड़े कई साल तक इस उम्मीद में मेहनत करते हैं कि हालात सुधर जाएंगे। आधुनिक दौर में जोड़ों के पास काउंसलिंग, आपसी समझौते और नए सिरे से शुरुआत करने जैसे कई विकल्प मौजूद रहते हैं। लोग इसलिए साथ नहीं रहते कि वे कमजोर हैं, बल्कि इसलिए साथ रहते हैं क्योंकि उन्होंने रिश्ते में सच्चा प्यार, भावनात्मक ऊर्जा और पूरी जिंदगी लगाई होती है। अक्सर वे एक तरह के सनक-कॉस्ट चक्र में फंस जाते हैं, जिससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है।

नो-फॉल्ट कानून और अकेले आवेदन की प्रवृत्ति

वर्ष 2022 में नो-फॉल्ट तलाक कानून लागू होने के बाद से अलग होने की कानूनी प्रक्रिया का स्वरूप भी बदला है। वर्ष 2025 में मंजूर किए गए कुल अंतिम तलाक आदेशों में से 74.1 फीसदी मामले एकल आवेदन यानी किसी एक पक्ष द्वारा दायर किए गए थे। विपरीत-लिंगी शादियों में जब किसी एक व्यक्ति ने अकेले अर्जी दी, तो उसमें महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में काफी ज्यादा रही। ऐसे एकल आवेदनों में 61.2 फीसदी अर्जियां महिला आवेदकों की ओर से दी गईं, जबकि पुरुष आवेदकों की ओर से 35.6 फीसदी आवेदन किए गए थे। कानूनी प्रक्रिया का सरल होना भी लोगों को अपने अधिकारों के तहत फैसला लेने में मदद करता है।

तलाक को विफलता न समझने की सीख

विशेषज्ञों का मानना है कि तलाक को सीधे तौर पर एक विफलता मान लेना सही नहीं है। वैवाहिक जीवन में मुख्य सवाल यह नहीं होना चाहिए कि क्या हम इतने लंबे समय तक साथ रहे हैं कि अब अलग नहीं हो सकते। इसके विपरीत असली सवाल यह होना चाहिए कि क्या दोनों साथी मिलकर एक ऐसा रिश्ता बनाने में सक्षम और इच्छुक हैं, जो सुरक्षित, सम्मानजनक और भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ महसूस हो। यदि लगातार ईमानदार बातचीत और सच्चे प्रयासों के बावजूद काफी लंबे समय तक इसका जवाब नकारात्मक ही रहता है, तो केवल समय काटने से रिश्ता स्वस्थ नहीं बन जाता।

सवाल-जवाब

तलाक से पहले अब शादियां औसतन कितने साल तक चलती हैं?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार तलाक लेने से पहले विपरीत-लिंगी शादियां औसतन 13.0 साल तक चलती हैं।
समान-लिंगी जोड़ों की सिविल पार्टनरशिप कितने समय तक कायम रही?
समान-लिंगी पुरुष सिविल पार्टनरशिप औसतन 13.7 साल और महिला सिविल पार्टनरशिप औसतन 13.6 साल तक चलीं।
वर्ष 2025 में इंग्लैंड और वेल्स में कुल कितने तलाक हुए?
साल 2025 में इंग्लैंड और वेल्स के भीतर कुल 1,05,002 तलाक और 959 सिविल पार्टनरशिप समाप्त हुईं।
नो-फॉल्ट तलाक कानून के तहत एकल आवेदनों का अनुपात कितना रहा?
मंजूर किए गए कुल अंतिम तलाक आदेशों में से 74.1 फीसदी मामले किसी एक पक्ष द्वारा दिए गए एकल आवेदन थे।
विपरीत-लिंगी शादियों में अकेले तलाक की अर्जी किसने ज्यादा दी?
महिलाओं ने अकेले तलाक की 61.2 फीसदी अर्जियां दीं, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 35.6 फीसदी रही।
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