शारीरिक अंतरंगता और चरम सुख के बाद शरीर में कंपन या त्वचा का संवेदनशील होना बेहद सामान्य माना जाता है, लेकिन कई बार महिलाओं को इस अनुभव के ठीक बाद पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द या ऐंठन का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर महिलाएं इस प्रकार के क्रैम्प्स को मासिक धर्म या ओव्यूलेशन के दौरान अंडाणु रिलीज होने की प्रक्रिया से जोड़कर देखती हैं। हालांकि, अंतरंग पलों या हस्तमैथुन के बाद पेल्विक क्षेत्र में उठने वाली यह ऐंठन कई लोगों के लिए काफी असहज और हैरान करने वाली स्थिति बन जाती है।
ऑर्गेज्म के बाद ऐंठन और सोशल मीडिया पर साझा अनुभव
सार्वजनिक मंचों पर महिलाएं अपने इस असहज अनुभव को लेकर खुलकर चर्चा कर रही हैं। इंटरनेट कम्युनिटी पर एक महिला ने बताया कि कॉपर टी अथवा आईयूडी लगवाने के कुछ ही समय बाद उन्हें ऑर्गेज्म के उपरांत पेल्विक हिस्से में ध्यान देने योग्य ऐंठन शुरू हो गई। उनके अनुसार यह दर्द आमतौर पर 10 से 15 मिनट तक बना रहता है और फिर अपने आप शांत हो जाता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि सेक्स की तुलना में हस्तमैथुन से चरम सुख तक पहुंचने पर यह ऐंठन अधिक बार और ज्यादा तीव्रता से महसूस होती है। हालांकि यह असहनीय नहीं होती, लेकिन काफी असहज जरूर कर देती है।
इसी तरह की चर्चा में एक अन्य महिला ने उल्लेख किया कि सेक्स के बाद उन्हें पेट के निचले हिस्से में ऐसी ऐंठन महसूस होती है जैसे उनके शरीर के भीतर हवा फंस गई हो और उसे बाहर निकलने का कोई रास्ता न मिल रहा हो। कई अन्य महिलाओं ने भी स्वीकार किया है कि इस तरह का दर्द उन्हें अंतरंग पलों के आनंद से वंचित कर देता है और मन में अनजाना डर पैदा करता है।
चरम सुख के बाद का दर्द कितना चिंताजनक है?
यदि यौन संबंध बनाने या चरम सुख पाने के दौरान या बाद में नियमित रूप से दर्द का अनुभव होता है, तो इसे बिल्कुल भी सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। यह स्थिति एंडोमेट्रियोसिस जैसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं का प्राथमिक लक्षण भी हो सकती है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में प्रकाशित 2017 के एक अध्ययन के अनुसार, ब्रिटेन में लगभग 10 में से 1 महिला को सेक्स के दौरान दर्द का सामना करना पड़ता है। अध्ययन में पाया गया कि 50 और 60 के दशक की उम्र वाली महिलाओं में यह समस्या सबसे अधिक देखी जाती है। इसके अलावा 2025 में एनएचएस द्वारा संदर्भित आंकड़ों में यह अनुमान लगभग 15% तक बताया गया था।
मेडिकल भाषा में चरम सुख के दौरान या उसके बाद होने वाले दर्द और ऐंठन के लक्षणों को डिसऑर्गेस्मिया कहा जाता है। सुपरड्रग ऑनलाइन डॉक्टर की डॉक्टर क्लेयर ग्रेंजर ने समझाया कि डिसऑर्गेस्मिया एक व्यापक शब्द है जिसका उपयोग ऑर्गेज्म के दौरान या उसके तुरंत बाद होने वाले दर्द को परिभाषित करने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाओं के लिए यह पेट के निचले हिस्से या पेल्विक क्षेत्र में ऐंठन, लगातार बना रहने वाला दर्द या एक तेज चुभन जैसा महसूस हो सकता है। चरम सुख के दौरान पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां एक लय में सिकुड़ती हैं और गर्भाशय में भी संकुचन होता है, जिसकी वजह से कुछ लोगों को बाद में हल्की और कुछ देर तक रहने वाली ऐंठन महसूस हो सकती है।
अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं के संभावित संकेत
डॉक्टर क्लेयर ग्रेंजर के मुताबिक, यदि यह दर्द बार-बार या नियमित आधार पर महसूस हो रहा है, तो यह किसी अंदरूनी मेडिकल स्थिति से जुड़ा हो सकता है। इन कारणों में पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन, एंडोमेट्रियोसिस, ओवेरियन सिस्ट (अंडाशय की गांठ) या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज शामिल हो सकते हैं। इसलिए केवल ऐंठन पर ध्यान देने के बजाय शरीर में दिखने वाले अन्य लक्षणों पर भी नजर रखना बेहद आवश्यक है।
डॉक्टर ग्रेंजर का कहना है कि सेक्स के दौरान दर्द, असामान्य वेजाइनल डिस्चार्ज, अचानक रक्तस्राव, पेशाब करते समय दर्द या पीरियड्स के चक्र में बदलाव जैसी बातें डॉक्टर को सही समस्या समझने में मदद करती हैं। इसके अलावा कुछ सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शंस (एसटीआई) भी पेल्विक हिस्से में दर्द पैदा कर सकते हैं और जरूरी नहीं कि उनके स्पष्ट लक्षण तुरंत सामने आएं। यदि किसी ने असुरक्षित यौन संबंध बनाए हैं या कोई नया पार्टनर है, तो एसटीआई की जांच करवाना एक समझदारी भरा कदम है। असामान्य डिस्चार्ज या जलन दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, क्योंकि कई अलग-अलग बीमारियों के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। यदि ऐंठन कुछ ही मिनटों में गायब हो जाती है तो घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन अगर यह बनी रहती है तो मेडिकल जांच आवश्यक है। अचानक या गंभीर पेल्विक दर्द, विशेष रूप से बुखार, अत्यधिक रक्तस्राव, चक्कर आने या बहुत अस्वस्थ महसूस होने की स्थिति में तुरंत इमरजेंसी डॉक्टरी सलाह ली जानी चाहिए।
क्या गर्भनिरोधक उपायों से यह ऐंठन बढ़ जाती है?
कई महिलाओं का व्यक्तिगत अनुभव रहा है कि कॉइल या आईयूडी लगवाने के बाद सेक्स के बाद होने वाली ऐंठन बढ़ जाती है या पहली बार शुरू होती है। हालांकि, डॉक्टर क्लेयर ग्रेंजर बताती हैं कि इस बात का समर्थन करने के लिए कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। गर्भनिरोधक और पेल्विक दर्द के बीच का संबंध काफी जटिल होता है। वास्तव में, कुछ हार्मोनल गर्भनिरोधक दर्दनाक पीरियड्स और एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थितियों से जुड़े लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
इसके बावजूद हर व्यक्ति का शरीर गर्भनिरोधक पर अलग तरह से प्रतिक्रिया दे सकता है। डॉक्टर ग्रेंजर की सलाह है कि जिन लोगों ने कोई नया हार्मोनल गर्भनिरोधक तरीका अपनाया है और उसके बाद दर्द में बदलाव महसूस किया है, उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के उसे अचानक बंद करने के बजाय अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।



















