भारत में सितंबर से नवंबर के बीच का समय मौसम के लिहाज से काफी सुहावना माना जाता है। मानसून की विदाई के बाद चारों तरफ फैली हरियाली और अक्टूबर-नवंबर में बदलते मौसम का मिजाज पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। यही वजह है कि साल के इस दौर को छुट्टियों और यात्रा के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। यदि आप भी शरद ऋतु की इस मनमोहक खूबसूरती का अनुभव करना चाहते हैं, तो देश की इन पांच चुनिंदा जगहों पर जाने की योजना बना सकते हैं, जो हर तरह के सैलानी को पसंद आएंगी।
कश्मीर की वादियां और पतझड़ का जादू
कश्मीर की खूबसूरती हर मौसम में अनूठी होती है, लेकिन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में यहां का मौसम सैलानियों को बेहद लुभाता है। अपनी इस यात्रा के दौरान आप श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील के साथ-साथ पहलगाम और गुलमर्ग को भी अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं। शरद ऋतु के आगमन पर जब पेड़ों के पत्ते अपना रंग बदलते हैं, तो पूरी घाटी का नजारा किसी पेंटिंग जैसा नजर आता है। हालांकि नवंबर तक आते-आते ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड काफी बढ़ जाती है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाती है, इसलिए यात्रा पर निकलते समय अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े जरूर रखें।
मेघालय की प्राकृतिक हरियाली और झरने
मानसून की झमाझम बारिश थमने के बाद मेघालय की वादियां और वहां के झरने अपनी पूरी खूबसूरती के साथ पर्यटकों का स्वागत करते हैं। शिलांग के अलावा आप चेरापूंजी, मावलिननॉन्ग और उनके आसपास के इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता का दीदार कर सकते हैं। चूंकि सितंबर के महीने में भी हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहती है, इसलिए घर से निकलने से पहले वहां के स्थानीय मौसम और सड़क मार्गों की स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य जुटा लें। यहाँ की साफ हवा और हर तरफ फैली हरियाली मन को शांति देती है।
सिक्किम के पहाड़ और साफ आसमान
सिक्किम अपने ऊंचे पहाड़ों, शांत झीलों और खूबसूरत घाटियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। सितंबर के बाद जैसे-जैसे मौसम बदलता है, अक्टूबर और नवंबर के दौरान यहां आसमान के बिल्कुल साफ रहने की उम्मीद काफी बढ़ जाती है। आप अपनी यात्रा में राजधानी गंगटोक के साथ-साथ पेलिंग और राज्य के अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की सैर का आनंद ले सकते हैं। चूंकि यह एक पहाड़ी और ठंडा क्षेत्र है, इसलिए ऊंचाई वाले इलाकों में घूमने के लिए अपने साथ भारी ऊनी और गर्म कपड़े रखना बिल्कुल न भूलें।
राजस्थान के ऐतिहासिक किले और शाही संस्कृति
यदि आपको ऊंचे पहाड़ों के बजाय देश का इतिहास, पुरानी संस्कृति और शाही वास्तुकला आकर्षित करती है, तो राजस्थान आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे ऐतिहासिक शहरों में विशाल किले, भव्य महल, चहल-पहल से भरे पारंपरिक बाजार और लजीज स्थानीय खान-पान सैलानियों का मन मोह लेते हैं। हालांकि सितंबर के शुरुआती दिनों में कुछ जगहों पर गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अक्टूबर और नवंबर आते-आते यहां का मौसम पर्यटकों के घूमने के लिए बेहद सुहाना और आरामदायक हो जाता है।
केरल के बैकवाटर्स और शांत तट
मानसून के तुरंत बाद केरल के बैकवाटर्स और वहां की प्राकृतिक हरियाली का अनुभव करना अपने आप में एक अनोखा और सुकून भरा अहसास है। आप अपनी इस दक्षिण भारत की यात्रा के दौरान एलेप्पी, कुमारकोम, मुन्नार और कोच्चि जैसी शानदार जगहों को शामिल कर सकते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि कुछ इलाकों में सितंबर के दौरान भी बारिश हो सकती है, इसलिए अपनी यात्रा की तारीखें पक्की करने से पहले वहां के मौसम का पूर्वानुमान जरूर जांच लें ताकि ट्रिप में कोई रुकावट न आए।



















