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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सवाल: राम मंदिर घोटाले में बड़ों की जांच क्यों नहीं?उत्तर प्रदेश
28 जून 2026, 9:04 pm (121 दिन पहले)· 4

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सवाल: राम मंदिर घोटाले में बड़ों की जांच क्यों नहीं?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर दान घोटाले में छोटे लोगों पर एफआईआर और बड़े लोगों की जांच न होने पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने एसआईटी के गठन, भाजपा सदस्यता और गाय को राज्य माता का दर्जा देने जैसे मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।

रामपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर दान घोटाले पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनकी हैसियत इतनी बड़ी रकम गबन कर पाने की नहीं है। इसलिए पूरे मामले में ऊपर के स्तर तक भी जांच होनी चाहिए।

बड़े लोगों की जांच क्यों नहीं?

शंकराचार्य ने साफ कहा कि यदि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता सच में हुई है, तो यह काम केवल छोटे कर्मचारियों के बस की बात नहीं। उनके अनुसार, इस मामले में बड़े पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की जांच भी जरूरी है। सिर्फ छोटे लोगों पर एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है।

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प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर बना था ट्रस्ट

शंकराचार्य ने याद दिलाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर हुआ था। ट्रस्ट के सदस्यों का चुनाव और मंदिर निर्माण से जुड़े अहम फैसले भी उसी व्यवस्था के तहत लिए गए। इसलिए उनका मानना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है और किसी को भी संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

एसआईटी के गठन की प्रक्रिया पर आपत्ति

उन्होंने एसआईटी बनाने के तरीके पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य के अनुसार, किसी भी मामले में पहले जांच शुरू होती है और उसके बाद विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित किया जाता है। लेकिन इस मामले में जांच की प्रक्रिया स्पष्ट किए बिना ही एसआईटी के गठन का प्रचार कर दिया गया, जिसे वे असामान्य मानते हैं।

भाजपा की सदस्यता नागरिकता का प्रमाण नहीं

शंकराचार्य ने भाजपा और नागरिकता के बीच खींचे जा रहे संबंध पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे भाजपा की सदस्यता ही नागरिकता का प्रमाण हो।

गाय को 'राज्य माता' का दर्जा मिलना चाहिए

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गौ-भक्ति पर भी सवाल उठाए। शंकराचार्य का कहना था कि यदि सरकार वास्तव में गौ-भक्त है, तो गाय को "राज्य माता" का दर्जा दिया जाना चाहिए। केवल बातों से गौ-भक्ति साबित नहीं होती।

सवाल-जवाब

शंकराचार्य ने राम मंदिर दान मामले में किस पर सवाल उठाए?
उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है, वे इतनी बड़ी रकम गबन करने में सक्षम नहीं हैं और बड़े पदों पर बैठे लोगों की भी जांच होनी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किसकी पहल पर हुआ था?
शंकराचार्य के अनुसार, ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर हुआ था और सदस्यों का चयन भी उसी प्रक्रिया से किया गया।
एसआईटी के गठन पर शंकराचार्य को क्या आपत्ति है?
उनका कहना है कि पहले जांच शुरू होती है, फिर एसआईटी बनती है, लेकिन इस मामले में जांच की प्रक्रिया स्पष्ट हुए बिना ही एसआईटी बनाने का प्रचार कर दिया गया।
शंकराचार्य ने भाजपा को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा माहौल बन रहा है जैसे भाजपा की सदस्यता ही नागरिकता का प्रमाण हो।
शंकराचार्य ने गाय के बारे में क्या मांग रखी?
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ-भक्त है तो गाय को 'राज्य माता' का दर्जा दिया जाना चाहिए।
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