बेतरतीब अलमारी से नाराज़ होते हैं राहु देव, जानें कपड़े संभालने का सही तरीकावास्तु
2 घंटे पहले· 2

बेतरतीब अलमारी से नाराज़ होते हैं राहु देव, जानें कपड़े संभालने का सही तरीका

वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार अलमारी में बेतरतीब पड़े पुराने-फटे कपड़े राहु ग्रह की नकारात्मकता बढ़ा सकते हैं, इसलिए समय-समय पर छंटाई और सही तरीके से दान जरूरी बताया गया है।

घर के हर कोने की तरह अलमारी भी वास्तु शास्त्र के हिसाब से उतनी ही अहम मानी जाती है। कई घरों में अलमारी खोलते ही कपड़ों का ढेर बिखरा नजर आता है, जिसमें सालों पुराने और अब न पहने जाने वाले कपड़े भी शामिल होते हैं। ज्योतिष और वास्तु की मान्यताओं के मुताबिक अलमारी में इस तरह बेतरतीब पड़े फटे-पुराने कपड़े घर की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकते हैं और राहु ग्रह से जुड़ी नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकते हैं। यही वजह है कि वास्तु विशेषज्ञ कपड़ों को सलीके से रखने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि इस बारे में वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में क्या कहा गया है।

राहु की नाराज़गी की वजह क्या बनती है

मान्यता है कि जब अलमारी में कपड़े बेतरतीब ढंग से भरे रहते हैं या फिर गंदे कपड़े लंबे समय तक बिना इस्तेमाल के पड़े रहते हैं, तो इससे घर की ऊर्जा का संतुलन बिगड़ने लगता है। ज्योतिष के अनुसार ऐसी स्थिति में राहु ग्रह से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा और बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर घर के माहौल पर पड़ता है।

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हर कुछ महीनों में जरूर करें छंटाई

वास्तु से जुड़े जानकारों का कहना है कि अलमारी को हर 3 से 6 महीने में एक बार जरूर खंगालना चाहिए। इस दौरान जो कपड़े लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहे, उन्हें बाकी कपड़ों से अलग कर लेना चाहिए। जो कपड़े अब भी पहनने लायक हैं लेकिन आप उन्हें इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें जरूरतमंद लोगों तक दान के जरिए पहुंचाया जा सकता है। वहीं जो कपड़े पूरी तरह खराब हो चुके हैं या फट चुके हैं, उनका सही तरीके से निपटारा करना चाहिए, ताकि वे बेवजह अलमारी में जगह न घेरें।

तौलिये और बिस्तर की सफाई भी उतनी ही जरूरी

सिर्फ कपड़े ही नहीं, बल्कि एक ही गंदे तौलिये, चादर या बिस्तर को लगातार कई दिनों तक इस्तेमाल करना भी शुभ नहीं माना जाता। इसलिए वास्तु के नजरिए से कपड़ों के साथ-साथ तौलिये और बिस्तर की चादरों को भी नियमित रूप से साफ रखना जरूरी बताया गया है। अलमारी में कपड़ों को हमेशा तह लगाकर करीने से रखने की सलाह दी जाती है, जिससे न सिर्फ जगह बचती है बल्कि ऊर्जा का प्रवाह भी बना रहता है।

कपड़ों के रंग और ग्रहों का नाता

वैदिक ज्योतिष में हर रंग के कपड़े का संबंध किसी न किसी ग्रह से जोड़ा गया है। पीले रंग को गुरु ग्रह से, सफेद रंग को चंद्रमा और शुक्र ग्रह से, लाल रंग को मंगल ग्रह से, हरे रंग को बुध ग्रह से और काले या गहरे नीले रंग को शनि ग्रह का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार जब कपड़े बेकार पड़े रहते हैं तो उनमें मौजूद ऊर्जा एक तरह से ठहर जाती है, जिसका असर घर के अच्छे माहौल पर पड़ सकता है।

पुराने कपड़ों से सफाई करना क्यों माना जाता है अशुभ

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक फटे या पुराने कपड़ों से घर या फर्नीचर पोंछना ठीक नहीं समझा जाता। ऐसा करने से घर में आर्थिक तंगी बढ़ने की आशंका जताई जाती है। साथ ही यह भी सलाह दी जाती है कि अलमारी को पुराने और बेकार पड़े कपड़ों का गोदाम बनाकर न रखें, क्योंकि इससे नई और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश में रुकावट आ सकती है।

दान करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप पुराने कपड़े किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने की सोच रहे हैं, तो यह जरूर ध्यान रखें कि वे कपड़े साफ-सुथरे, बेदाग और पहनने लायक स्थिति में हों। गंदे या फटे कपड़े दान करने से बचना चाहिए। कुछ ज्योतिषाचार्य यह भी सलाह देते हैं कि दान करने से पहले कपड़ों को नमक मिले पानी से धो लेना चाहिए, ताकि उनसे जुड़ी किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सके।

सवाल-जवाब

अलमारी में गंदे या बेतरतीब कपड़े रखने से किस ग्रह पर असर पड़ता है?
मान्यता के अनुसार इससे राहु ग्रह से जुड़ी नकारात्मकता बढ़ती है।
अलमारी की छंटाई कितने समय में करनी चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक हर 3 से 6 महीने में अलमारी की जांच और छंटाई करनी चाहिए।
पुराने लेकिन पहनने लायक कपड़ों का क्या करना चाहिए?
ऐसे कपड़ों को जरूरतमंद लोगों को दान कर देना चाहिए।
दान करने से पहले कपड़ों को लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
कपड़े साफ, बेदाग और उपयोग योग्य होने चाहिए, कुछ ज्योतिषाचार्य नमक के पानी से धोने की भी सलाह देते हैं।
किस रंग के कपड़े का संबंध किस ग्रह से बताया गया है?
पीला रंग गुरु से, सफेद रंग चंद्रमा और शुक्र से, लाल रंग मंगल से, हरा रंग बुध से तथा काला व गहरा नीला रंग शनि ग्रह से जुड़ा माना जाता है।
फटे-पुराने कपड़ों से घर की सफाई करना क्यों मना किया जाता है?
मान्यता है कि इससे घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ने की आशंका रहती है।

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