रांची से एक अच्छी खबर है उन युवाओं के लिए जो एयर होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड या ग्राउंड हैंडलर बनकर विमानन क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं. झारखंड सरकार के तहत चलने वाले झारखंड फ्लाइंग इंस्टिट्यूट में इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है और एडमिशन की प्रक्रिया इस समय जारी है. अब उम्मीदवारों को महंगे प्राइवेट संस्थानों में दाखिले के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. राज्य सरकार की यह पहल विमानन क्षेत्र को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार के नए मौके देने के मकसद से शुरू की गई है. इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद चयन प्रक्रिया शुरू होगी. चयन तीन आधार पर होगा, 12वीं की मेरिट, व्यक्तिगत साक्षात्कार और अंग्रेजी बोलने की क्षमता.
पाठ्यक्रम और फीस का पूरा गणित
झारखंड फ्लाइंग इंस्टिट्यूट में फिलहाल चार तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें सर्टिफिकेट और डिप्लोमा, दोनों स्तर के कोर्स शामिल हैं. एविएशन एंड हॉस्पिटैलिटी विषय पर छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाता है, जिसमें एयर होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड और ग्राउंड हैंडलर, तीनों की ट्रेनिंग शामिल है. इस कोर्स के लिए संस्थान ने 1,00,500 रुपये फीस तय की है. जो उम्मीदवार लंबी अवधि का प्रशिक्षण चाहते हैं उनके लिए एक साल का डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध है, यह भी एविएशन एंड हॉस्पिटैलिटी (एयर होस्टेस/फ्लाइट स्टीवर्ड और ग्राउंड हैंडलर) पर आधारित है और इसकी फीस 1,55,500 रुपये रखी गई है. दोनों ही कोर्स की फीस में सिर्फ पढ़ाई का खर्च शामिल नहीं है, बल्कि पंजीकरण शुल्क, पढ़ाई की सामग्री, यूनिफॉर्म, परीक्षा शुल्क, ग्रूमिंग किट के साथ साथ तैराकी और फिटनेस प्रशिक्षण का खर्च भी इसी में जोड़ दिया गया है, यानी उम्मीदवारों को अलग से कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा.
पात्रता की शर्तें, उम्र, ऊंचाई और टैटू पर रोक
संस्थान के विज्ञापन में साफ लिखा है कि आवेदकों के शरीर के किसी भी दिखने वाले हिस्से पर टैटू नहीं होना चाहिए, यह शर्त पात्रता मानदंडों में स्पष्ट रूप से दर्ज है. उम्र सीमा को लेकर भी नियम तय हैं, आवेदकों की उम्र 1 जुलाई 2026 को 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए. शारीरिक मानकों की बात करें तो महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम ऊंचाई 157 सेंटीमीटर और पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम ऊंचाई 170 सेंटीमीटर तय की गई है. शैक्षणिक योग्यता के मोर्चे पर राहत है, चारों प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किसी भी स्ट्रीम से 12वीं यानी 10+2 पास होना ही काफी है, किसी खास विषय की बाध्यता नहीं रखी गई है.
आवेदन प्रक्रिया और सीटों में आरक्षण का गणित
आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को फॉर्म के साथ 1000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य है, यह ड्राफ्ट झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट रांची के नाम से बनवाना होगा. आवेदन पत्र संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है और भरे हुए फॉर्म के साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की स्व प्रमाणित प्रतियां भेजनी होंगी. इच्छुक अभ्यर्थी जेएफआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी प्रक्रिया देख सकते हैं. सीटों की बात करें तो विभाग के निर्देश के मुताबिक कुल 60 अभ्यर्थियों का ही नामांकन किया जाएगा, इनमें से 30 सीटें अनारक्षित यानी जनरल कैटेगरी के लिए रखी गई हैं. बाकी बची 30 सीटों पर आरक्षण के नियम लागू होंगे, इनमें अनुसूचित जनजाति यानी एसटी के लिए 16 सीटें और अनुसूचित जाति यानी एससी के लिए 6 सीटें तय हैं. इसके अलावा पिछड़ा वर्ग-1 के लिए 4 सीटें, पिछड़ा वर्ग-2 के लिए 2 सीटें और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के छात्रों के लिए 2 सीटें आरक्षित रखी गई हैं. यह प्रशिक्षण केंद्र रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रोड पर स्थित स्टेट हैंगर में संचालित होता है.








