सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर बच्चों और किशोरों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। न्यूयॉर्क राज्य द्वारा दायर एक मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने एक आंतरिक प्रयोग के दौरान किशोरों और बच्चों को वास्तविक सेफ्टी टूल देने के बजाय एक प्रभावहीन 'डमी' फीचर थमा दिया। यूजर्स को लगा कि वे अपनी सिफारिशों को रीसेट करके हानिकारक वीडियो रोक रहे हैं, जबकि असल में उनके लिए सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
एल्गो रीफ्रेश टूल के नाम पर हुआ धोखा
इस कानूनी शिकायत के मुताबिक, कंपनी के प्रयोग में हजारों यूजर्स शामिल थे, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और किशोर भी थे। इन यूजर्स ने 'एल्गो रीफ्रेश' जैसे सुरक्षा विकल्प को सक्रिय किया था। यह टूल विशेष रूप से इसलिए डिजाइन किया गया है ताकि यूजर अपनी वीडियो सिफारिशों को पूरी तरह रीसेट कर सकें और अवांछित या संभावित रूप से नुकसानदेह सामग्री को अपनी फीड से हटा सकें।
हालांकि, जिन यूजर्स को इस गुप्त प्रयोग का हिस्सा बनाया गया था, उनके द्वारा टूल चालू करने के बावजूद उनकी फीड में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके विपरीत, जो यूजर्स इस प्रयोग का हिस्सा नहीं थे, उन्हें इस सुरक्षा टूल का पूरी तरह काम करने वाला वास्तविक संस्करण मिला और उनकी सिफारिशें तुरंत बदल गईं।
दो दर्जन से अधिक राज्यों के मुकदमे
न्यूयॉर्क द्वारा दायर यह कानूनी कार्रवाई उन दो दर्जन से ज्यादा मुकदमों का हिस्सा है, जो विभिन्न अमेरिकी राज्यों ने इस प्लेटफॉर्म के खिलाफ शुरू किए हैं। इन मुकदमों में कंपनी पर आरोप लगाया गया है कि उसने अपने प्लेटफॉर्म को जानबूझकर ऐसा बनाया है जिससे बच्चों में इसकी लत लगे, और साथ ही सुरक्षा उपायों को लेकर यूजर्स को गुमराह किया जा रहा है।
कंपनी ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा,
"हम अपने प्लेटफॉर्म में लगातार सुधार करते रहते हैं, जिसका अर्थ है कि अधिकांश कंपनियों की तरह हम नए उत्पादों और सुविधाओं का नियमित परीक्षण करते हैं ताकि अनुभव की पुष्टि की जा सके और यह समझा जा सके कि वे वास्तविक दुनिया में कैसे काम करते हैं।"
लाखों यूजर्स से सुरक्षा टूल रोकने के अन्य आरोप
मुकदमे में यह दावा भी किया गया है कि कंपनी ने इस तरह के अन्य परीक्षण भी किए हैं। पूर्व में सामने आई जानकारियों के अनुसार, ऐसे ही एक अन्य प्रयोग में अमेरिका के 1.5 करोड़ यूजर्स से सुरक्षा सुविधाएं रोक ली गई थीं। इस प्रयोग का शिकार बनने वालों में एक ऐसा किशोर भी शामिल था, जिसकी बाद में आत्महत्या से मौत हो गई थी। इस पूरे मामले ने प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर नए सिरे से तीखी बहस छेड़ दी है।



















