अष्टमी तिथि के क्षय से बदलेगा तर्पण का समय, जानिए पितृपक्ष की प्रमुख तिथियां और पंचबली का पूरा विधाननथिंग ने उतारा हेडफोन (1) प्रो: तीन ड्राइवर्स और फ्लैट ईक्यू मोड के साथ स्टूडियो साउंड का नया विकल्पआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पश्चिम एशिया तनाव से महंगाई बढ़ने की चेतावनी, कुक ने दिए सख्त नीति के संकेत30 सितंबर 2026 दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल और गणेश पूजा का प्रभावशुक्र के तुला में गोचर से अगले 7 दिन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्तेसोने की कीमतों में 4,200 डॉलर का स्तर टूटना बड़ी गिरावट नहीं बल्कि अहम इम्तिहान, 4,000 डॉलर पर खरीदारों की नजरअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त हुआ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, सट्टेबाजी में शॉर्ट पोजीशन दिसंबर 2025 के बाद सबसे ऊंचे स्तर परपेरिस में एफिल टावर के सामने ऐश्वर्या राय बच्चन का शाही अंदाज, रैंप पर केंडल जेनर और सेलीन डियोन संग बटोरीं सुर्खियांरिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के दायरे में ठहरानया घर बनाते समय दीवारों को सीलन और रिसाव से कैसे बचाएं, आगरा के विशेषज्ञ ने दी अहम सलाह
9 अक्टूबर तक बुध के नक्षत्र में शनि का संचरण, इन 5 राशियों को मिलेगा बंपर धन लाभ और कुंभ के सुधरेंगे बिगड़े कामराशिफल
17 अग॰ 2026, 2:07 pm (43 दिन पहले)· 1

9 अक्टूबर तक बुध के नक्षत्र में शनि का संचरण, इन 5 राशियों को मिलेगा बंपर धन लाभ और कुंभ के सुधरेंगे बिगड़े काम

न्याय के देवता शनि 9 अक्टूबर तक अपने मित्र ग्रह बुध के नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। मीन राशि में वक्री चाल चल रहे शनि देव का यह नक्षत्र गोचर कन्या, मिथुन, वृषभ, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक तरक्की, संपत्ति लाभ और करियर में सफलता के योग बना रहा है।

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के नक्षत्र परिवर्तन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव जनमानस और व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। कर्मफल दाता और न्याय के प्रतीक शनि देव इस समय अपने परम मित्र ग्रह बुध के नक्षत्र में संचरण कर रहे हैं। शनि का मित्र ग्रह के नक्षत्र में होना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान शनि का प्रभाव अधिक सौम्य और कल्याणकारी हो जाता है। शनि ग्रह 9 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में उपस्थित रहेंगे और इसके बाद इसके द्वितीय पद में प्रवेश करेंगे। वर्तमान में शनि मीन राशि में वक्री स्थिति में चल रहे हैं और वर्ष के अंत में यानी दिसंबर महीने में वे मार्गी होंगे। जब शनि मार्गी चाल चलना शुरू करेंगे, तब कई राशियों की सोई हुई किस्मत जाग उठेगी और उन्हें जबरदस्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

शनि के नक्षत्र गोचर और वक्री चाल का ज्योतिषीय प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को अनुशासन, कड़े परिश्रम, न्याय और कर्म का कारक ग्रह माना गया है। वे प्रत्येक व्यक्ति को उसके द्वारा किए गए अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर ही फल प्रदान करते हैं। यही कारण है कि किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में शनि की स्थिति और उनके गोचर का सूक्ष्म विश्लेषण करना आवश्यक होता है। जब शनि देव बुध जैसे तार्किक, बुद्धिजीवी और मित्र ग्रह के नक्षत्र में आते हैं, तो उनकी गति में एक प्रकार की नरमाहट और शीतलता आ जाती है। 9 अक्टूबर तक रहने वाली यह स्थिति कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और अटके हुए कार्यों को गति प्रदान करेगी।

ये भी पढ़ें

कन्या, मिथुन और वृषभ राशि के लिए धन और संपत्ति के योग

शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन से कन्या राशि के जातकों को बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है। चूंकि कन्या राशि का स्वामी ग्रह बुध है, इसलिए शनि का यह गोचर आपके लिए विशेष रूप से अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपके जीवन में आ रही रुकावटें दूर होंगी और परिस्थितियां पहले की तुलना में अधिक बेहतर हो जाएंगी। आपके लिए नया वाहन खरीदने या नई संपत्ति एवं प्रॉपर्टी में निवेश करने के बहुत ही सुंदर योग बन रहे हैं।

मिथुन राशि के जातकों के लिए भी यह समय किसी वरदान से कम नहीं सिद्ध होगा। शनि देव आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। आपके आय के नए स्रोत बनेंगे और धन की बचत करने में भी आप सफल रहेंगे। चाहे आप किसी व्यापार से जुड़े हों या फिर सरकारी अथवा निजी नौकरी कर रहे हों, दोनों ही क्षेत्रों में आपको शानदार सफलता और उन्नति देखने को मिलेगी।

इसके साथ ही वृषभ राशि के लोगों के लिए भी यह नक्षत्र परिवर्तन अत्यंत शुभ फल देने वाला रहेगा। शनि की कृपा से आपके जीवन में अनुकूल योगों का निर्माण हो रहा है। शनि देव इस अवधि में आपको अनुशासित बनाए रखेंगे, जिससे आप जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय नहीं लेंगे और संभावित नुकसान से बचे रहेंगे। यह समय आपके वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करेगा और आप खुद को आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित महसूस करेंगे।

मकर और कुंभ राशि के जातकों पर शनि देव की मेहरबानी

मकर राशि के स्वामियों के लिए शनि का यह नक्षत्र गोचर विशेष रूप से लाभदायक रहेगा। इस दौरान आपके पेशेवर जीवन और करियर में तरक्की के नए द्वार खुलेंगे। आपके धन, भौतिक सुख-सुविधाओं और अचल संपत्ति में वृद्धि होने के प्रबल संकेत हैं। इसके अलावा समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी मान-प्रतिष्ठा और छवि में सुधार होगा, जिससे लोग आपके कार्यों की सराहना करेंगे।

कुंभ राशि के जातकों के लिए भी शनि का यह संचरण राहत लेकर आया है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि कुंभ राशि पर वर्तमान में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है और मायावी ग्रह राहु भी इसी राशि में स्थित है। इन दो बड़े ग्रहों की उपस्थिति के बावजूद, शनि का मित्र नक्षत्र में होना आपके लिए लाभ के अवसर उत्पन्न करेगा। शनि देव आपके रुके हुए और बिगड़े हुए कामों को दोबारा पटरी पर लाएंगे। आपको धन और संपत्ति का लाभ होगा और किस्मत का साथ मिलना शुरू हो जाएगा। साढ़ेसाती के कठिन समय में भी यह गोचर आपको मानसिक सुकून और आर्थिक संबल प्रदान करेगा।

शनि और राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के सरल उपाय

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कुंभ या अन्य राशियों के जातक शनि की साढ़ेसाती या राहु के प्रभाव से परेशान हैं, तो वे कुछ आसान और अचूक शास्त्रीय उपाय करके शांति प्राप्त कर सकते हैं।

  • पीपल की पूजा: नियमित रूप से या विशेषकर शनिवार की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें। इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और कष्टों का निवारण होता है।
  • दान पुण्य: शनि ग्रह से संबंधित वस्तुएं जैसे काले तिल, उड़द की दाल, काले कपड़े, सरसों का तेल और लोहे के बर्तन का सामर्थ्य अनुसार दान करें।
  • कर्म शुद्धता: शनि कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए अपने आचरण, विचारों और कर्मों में पवित्रता एवं ईमानदारी बनाए रखें। किसी के साथ छल-कपट न करें और असहाय लोगों की मदद करें।

सवाल-जवाब

शनि किस तारीख तक बुध के नक्षत्र में रहेंगे?
शनि देव 9 अक्टूबर तक अपने मित्र ग्रह बुध के नक्षत्र में रहेंगे और इसके बाद इसके द्वितीय पद में प्रवेश करेंगे।
शनि इस समय किस राशि में और किस चाल में हैं?
शनि इस समय मीन राशि में स्थित हैं और वक्री (उल्टी) चाल चल रहे हैं।
शनि कब मार्गी होंगे?
शनि दिसंबर महीने में अपनी वक्री चाल समाप्त करके मार्गी यानी सीधी चाल में चलना शुरू करेंगे।
किन-किन राशियों को शनि के नक्षत्र गोचर से धन लाभ होगा?
कन्या, मिथुन, वृषभ, मकर और कुंभ राशि के जातकों को इस गोचर से विशेष आर्थिक लाभ, संपत्ति और करियर में तरक्की मिलेगी।
साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?
साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं, शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान करें और अपने कर्मों में ईमानदारी रखें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp