सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर बलिया में दिखा सर्प जोड़ा, जगदीशपुर में लोगों की उमड़ी भीड़हिमाचल की राजधानी में टैंकर से भिड़ी कार, कैंथू पुलिस लाइन में तैनात दो जवानों ने गंवाई जानवास्तु के नियमों से घर में लगाएं क्रासुला पौधा, खिंचा चला आएगा धन और बनी रहेगी सुख समृद्धि16 साल 141 दिन की उम्र में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, दुबई के लक्ष्मणन मय्यप्पन बने दुनिया के सबसे युवा सीएबीजेपी की नई टीम में पीयूष गोयल को मिला खजाने का जिम्मा, पिता वेद प्रकाश गोयल ने 20 साल तक संभाली थी यह भूमिकासंविधान का हवाला देकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले, 'वंदे मातरम' गाने के लिए कोई मजबूर नहीं कर सकताहाथियों के गलियारों पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, फसलों के नुकसान का हवाला देकर रास्ता रोकने पर जताई नाराजगीदेशभक्ति के तर्क के साथ अरविंद केजरीवाल ने खुद को बताया 'दिमागी नक्सल', बीजेपी और आप आमने-सामनेरिटायरमेंट के बाद भी जारी रखें कमाई और एक्टिविटी, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10 बेहतरीन कामएलपीजी ई-केवाईसी की आखिरी तारीख आगे बढ़ी, जानिए अब कब तक करा सकेंगे आधार वेरिफिकेशन
अंक ज्योतिष: इन 3 मूलांकों के लोगों को 40 की उम्र के बाद मिलती है बड़ी सफलता, जानें आपकी जन्म तारीख इसमें है या नहींराशिफल
17 अग॰ 2026, 5:48 pm (2 घंटे पहले)· 2

अंक ज्योतिष: इन 3 मूलांकों के लोगों को 40 की उम्र के बाद मिलती है बड़ी सफलता, जानें आपकी जन्म तारीख इसमें है या नहीं

अंक शास्त्र के अनुसार 1, 4 और 8 मूलांक वाले जातकों का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहता है। हालांकि, 40 वर्ष की आयु के बाद इनकी किस्मत चमकती है और इन्हें अपार धन, नाम और स्थायित्व हासिल होता है।

अंकशास्त्र में व्यक्ति की जन्म तिथि का उसके जीवन की दिशा, करियर की प्रगति और वित्तीय सफलता से सीधा संबंध माना जाता है। किसी भी महीने की 1, 4, 8, 10, 13, 17, 19, 22, 26, 28 या 31 तारीख को पैदा हुए लोगों का जीवन एक विशेष पैटर्न पर चलता है। इन तारीखों से जुड़े मूलांकों वाले जातकों को शुरुआती दौर में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हें अपनी कड़ी मेहनत का फल तुरंत नहीं मिलता, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इनकी स्थिति निरंतर मजबूत होती जाती है। इन अंकों की सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को मानसिक और व्यावहारिक रूप से बेहद मजबूत बनाती है, जिससे वे जीवन के उत्तरार्ध में लंबे समय तक टिकने वाली बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

मूलांक 1: सूर्य का प्रभाव और आत्मनिर्भर स्वभाव

मूलांक 1 उन लोगों का होता है जिनका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ हो। अंक ज्योतिष में मूलांक 1 का स्वामी सूर्य ग्रह को माना गया है। सूर्य को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अधिकार और समाज में उच्च मान-सम्मान का कारक माना जाता है। इस मूलांक से प्रभावित लोग स्वभाव से काफी आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी होते हैं। ये अपने जीवन के निर्णय खुद लेना पसंद करते हैं और दूसरों के दबाव में काम करना इन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आता।

ये भी पढ़ें

इसी स्वतंत्र सोच के कारण शुरुआती करियर में इन्हें रुकावटों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि ये किसी की अनुचित अधीनता आसानी से स्वीकार नहीं करते। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता है और इनका अनुभव बढ़ता है, इनकी कार्यशैली में निखार आता जाता है। मूलांक 1 वाले लोगों को आमतौर पर 35 से 40 वर्ष की उम्र के बाद करियर में बड़ा पद, बड़ी जिम्मेदारी और वास्तविक सम्मान मिलता है। लगातार परिश्रम और धैर्य के बाद बनी यह स्थिति बेहद मजबूत होती है। उम्र के साथ बढ़ा हुआ आत्मविश्वास इनकी सबसे बड़ी ताकत साबित होता है, जिससे इन्हें लंबे समय तक चलने वाला संतोष और मान-सम्मान हासिल होता है।

मूलांक 4: राहु की ऊर्जा और क्रांतिकारी सोच

जिन लोगों का जन्म महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को होता है, उनका मूलांक 4 बनता है। इस मूलांक का संबंध राहु ग्रह से माना गया है। राहु की ऊर्जा इन जातकों को परंपरागत तरीकों से हटकर कुछ अलग और अनोखा करने की प्रेरणा देती है। ये लोग लकीर के फकीर नहीं होते, बल्कि अपनी लीक से हटकर सोच के जरिए दुनिया में पहचान बनाते हैं। इनकी यही अलग दृष्टि इन्हें दूसरों से आगे ले जाती है।

मूलांक 4 के जातकों के जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति लगातार बनी रहती है। इनके करियर और आर्थिक स्थिति में अचानक बड़े मोड़ आते हैं। सफलता पाने के लिए इन्हें लंबा इंतजार करना पड़ सकता है और शुरुआती दौर में कई विफलताएं भी झेलनी पड़ती हैं। हालांकि, जब व्यक्ति अपनी उम्र के दूसरे पड़ाव में पहुंचता है, यानी 40 वर्ष के आसपास या उसके बाद, तब इनके जीवन में सकारात्मक और क्रांतिकारी बदलाव आते हैं। अचानक मिलने वाले नए अवसर इनकी किस्मत का रुख पूरी तरह बदल देते हैं। सही दिशा में किए गए प्रयासों से इन्हें 40 की उम्र के बाद नाम और पैसा दोनों प्रचुर मात्रा में प्राप्त होते हैं।

मूलांक 8: शनि का न्याय और देर से मिलने वाली स्थायी सफलता

महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 8 होता है। अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 8 का प्रतिनिधित्व शनि ग्रह करता है। शनि को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है। शनि की विशेषता यह है कि यह किसी भी व्यक्ति को उसकी मेहनत का फल तुरंत देने के बजाय देर से देता है, लेकिन वह सफलता बेहद टिकाऊ और मजबूत होती है। इस अंक के जातकों को जीवन के शुरुआती दौर में कड़े संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

मूलांक 8 वाले लोगों को अपनी मेहनत का फल पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। लेकिन इस कड़े संघर्ष से गुजरने के बाद इनमें सफलता और संपत्ति को संभालने की अद्भुत क्षमता विकसित हो जाती है। इन लोगों का सबसे मजबूत और स्वर्णिम दौर 40 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होता है। वर्षों के अनुभव और अटूट धैर्य के बल पर इन्हें करियर में बड़ा मुकाम, आर्थिक स्थायित्व और समाज में प्रतिष्ठा मिलती है। शनि की यह देर से मिलने वाली कृपा इन्हें एक ठोस धरातल प्रदान करती है, जहां से ये कभी नीचे नहीं गिरते।

40 की उम्र के बाद क्यों टिकती है इन लोगों की सफलता?

अंकशास्त्र के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि मूलांक 1, 4 और 8 के जातकों के लिए देर से मिलने वाली सफलता जीवन में अधिक मूल्यवान साबित होती है। जो मुकाम शुरुआती उम्र में आसानी से मिल जाता है, उसे खोने का डर बना रहता है, लेकिन 40 की उम्र के बाद मिलने वाली सफलता कठोर परिश्रम और गहरे अनुभव पर टिकी होती है।

इन तीनों मूलांकों के लोग धैर्य, निरंतरता और अनुशासन के दम पर अपनी जगह बनाते हैं। 40 वर्ष के बाद इनके जीवन में न केवल वित्तीय समृद्धि आती है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी गहरा स्थायित्व आता है। सही दिशा में किया गया निरंतर प्रयास, संयम और परिपक्वता इन्हें जीवन के उत्तरार्ध में नाम, सम्मान और धन-दौलत से समृद्ध बनाती है।

सवाल-जवाब

किन मूलांक वाले लोगों की किस्मत 40 की उम्र के बाद विशेष रूप से चमकती है?
अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 1, 4 और 8 से जुड़े जातकों की किस्मत 40 वर्ष की आयु के बाद या उसके आसपास चमकती है।
मूलांक 1 के अंतर्गत कौन सी जन्म तारीखें आती हैं और इसका स्वामी ग्रह कौन है?
किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 1 होता है और इसका स्वामी ग्रह सूर्य है।
मूलांक 4 के जातकों को सफलता मिलने में समय क्यों लगता है?
मूलांक 4 का संबंध राहु ग्रह से है, जो अलग और लीक से हटकर सोच देता है। जीवन में उतार-चढ़ाव के कारण इन्हें अचानक बड़ा बदलाव और सफलता 40 के आसपास मिलती है।
मूलांक 8 के जातकों पर किस ग्रह का प्रभाव होता है?
मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि है, जो कर्म और न्याय का प्रतिनिधित्व करता है तथा देर से लेकिन स्थायी परिणाम देता है।
देर से मिलने वाली सफलता इन लोगों के लिए क्यों फायदेमंद मानी जाती है?
लंबे संघर्ष और अनुभव के बाद मिली सफलता को संभालने की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे करियर और धन में स्थायित्व लंबे समय तक बना रहता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR