उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ धार्मिक संयोग के बीच एक अनोखा नजारा सामने आया है। जिले के चिलकहर क्षेत्र में स्थित जगदीशपुर गांव में नाग-नागिन का एक जोड़ा आपस में अठखेलियां करता हुआ दिखाई दिया। पवित्र पर्व के दिन गांव में इस तरह सर्प जोड़े के सामने आने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों से ग्रामीणों का तांता लग गया। लोगों ने इस प्राकृतिक और दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, जिसके बाद यह पूरे इलाके में कौतूहल और जनचर्चा का केंद्र बन गया।
बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में उमड़ी भीड़ और सपेरों का जमावड़ा
सावन माह के इस खास अवसर पर बलिया के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। शहर के प्रसिद्ध बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाने और दर्शन-पूजन के लिए हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे। नाग पंचमी का पर्व होने के कारण जगह-जगह सपेरे भी नाग देव के दर्शन कराने के लिए खड़े नजर आए, जहां लोगों ने पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना हुआ था और शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
जगदीशपुर में पंकज सिंह के मुख्य द्वार पर दिखा दुर्लभ नजारा
धार्मिक उत्सव के बीच जगदीशपुर गांव निवासी पंकज सिंह के घर के मुख्य द्वार पर अचानक एक नाग और नागिन का जोड़ा दिखाई दिया। दोनों सांप एक-दूसरे से लिपटे हुए काफी देर तक शांत और सहज अंदाज में घूमते और खेलती हुई मुद्रा में नजर आए। आमतौर पर सांपों को देखते ही लोग भयभीत होकर दूर भाग जाते हैं, लेकिन नाग पंचमी का पावन दिन होने के कारण स्थानीय लोग इस नजारे को आस्था से जोड़कर देखने लगे। मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो जल्द ही पास के अन्य गांवों में भी तेजी से फैल गया।
स्थानीय निवासी मन्टू कुमार का वक्तव्य और रहस्यमयी शिवाला
घटना की जानकारी देते हुए गांव के निवासी मन्टू कुमार ने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ अवसर पर ऐसा नजारा देखने को मिलना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में भी सांपों को इस तरह शांत भाव से अठखेलियां करते देखना बहुत कम ही संभव होता है, इसलिए स्थानीय लोग इसे ईश्वर की विशेष कृपा और धार्मिक संकेत मान रहे हैं।
इसके अलावा जगदीशपुर गांव अपने एक अन्य ऐतिहासिक और रहस्यमयी स्थान के लिए भी जाना जाता है। गांव में स्थित मुड़ीकटवा शिवाला के बारे में कई लोककथाएं और रहस्य जुड़े हुए हैं। इस शिवाले में सामान्य मंदिरों की तरह नियमित पूजा-पाठ नहीं होता है और स्थानीय मान्यता के अनुसार सूर्यास्त के बाद लोग इस स्थान की ओर जाने से कतराते हैं। पवित्र त्यौहार के दिन गांव में सर्प जोड़े का दिखना और इस रहस्यमयी पृष्ठभूमि के कारण जगदीशपुर गांव लगातार लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।


















