अंक ज्योतिष में जन्म की तारीख के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव, प्राथमिकताओं और मानवीय रिश्तों के प्रति उसके नजरिए का आकलन किया जाता है। जब रिश्तों में पारदर्शिता, निष्ठा और सच की बात आती है, तब मूलांक 1 और मूलांक 4 से जुड़े जातकों का व्यक्तित्व बेहद खास माना जाता है। इन दोनों मूलांक के लोगों के बारे में माना जाता है कि इन्हें दोमुंहेपन और झूठ से सख्त नफरत होती है। यदि इनके बेहद करीबी व्यक्ति के आचरण में भी छल या फरेब की छाया नजर आ जाए, तो ये रिश्ते को लेकर अपना नजरिया बदलने में जरा भी वक्त नहीं लगाते।
जन्म तारीख से कैसे तय होता है मूलांक 1 और 4
अंक शास्त्र के बुनियादी नियमों के मुताबिक, किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्तियों का मूलांक 1 बनता है। वहीं दूसरी तरफ, महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को पैदा होने वाले लोग मूलांक 4 के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। इन दोनों ही तारीख समूहों के जातकों के स्वभाव में एक स्पष्ट समानता देखी जाती है, वह है अपनी बात पर अडिग रहना और हर मामले में साफ व्यवहार प्रदर्शित करना। यही वजह है कि ये सामाजिक मेलजोल और निजी संबंधों में किसी भी तरह की लाग-लपेट या दोगलेपन को कतई बर्दाश्त नहीं करते हैं।
सच्चाई और स्पष्टवादिता को देते हैं सर्वोच्च प्राथमिकता
मूलांक 1 और 4 के जातकों के जीवन में पारदर्शिता का स्थान सबसे ऊपर होता है। इन्हें रिश्तों के बीच बातें छिपाना, आधी-अधूरी जानकारी देना या मनगढ़ंत झूठ बोलना बिल्कुल रास नहीं आता है। सामने वाला व्यक्ति इनका कितना भी गहरा दोस्त, रिश्तेदार या जीवनसाथी ही क्यों न हो, एक बार सच सामने आने पर उनके लिए उस इंसान पर पहले जैसा यकीन बनाए रखना नामुमकिन सा हो जाता है। ये किसी गलतफहमी या कड़वाहट को लंबे समय तक खींचने के बजाय अपने मन को साफ कर लेना और स्थिति को वहीं स्पष्ट कर देना ज्यादा पसंद करते हैं।
नीयत भांपने और बदलाव को समझने की समझ
अंक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दोनों अंकों के लोग अपने आसपास के लोगों के व्यवहार और हाव-भाव को बहुत गहराई से परखते हैं। सामान्य बातचीत के दौरान ही इन्हें सामने वाले की नीयत, आवाज के लहजे और दृष्टिकोण में आने वाले बदलावों का आभास बहुत जल्दी हो जाता है। इस खासियत को किसी वैज्ञानिक परीक्षण या क्षमता के तौर पर नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से अंक ज्योतिष की पारंपरिक धारणा के तौर पर देखा जाता है। जब इन्हें यह पक्का अहसास हो जाता है कि सामने वाला ईमानदार नहीं है, तो ये सीधे टकराव में उलझने के बजाय धीरे-धीरे खुद को किनारे कर लेते हैं।
सच्चाई की बुनियाद और अकारण शक से नाराजगी
मूलांक 1 और 4 के व्यक्तियों के लिए आपसी संबंध में ईमानदारी की भूमिका सबसे अहम होती है। ये खुद किसी के साथ कपट या धोखा करने में विश्वास नहीं रखते और ठीक यही उच्च मानक वे सामने वाले से भी चाहते हैं। यदि कोई बिना किसी वाजिब कारण के इनकी नीयत या निष्ठा पर सवाल उठाए अथवा शक करे, तो यह बात इनके आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाती है। इनके मुताबिक परस्पर आदर और अटूट विश्वास ही किसी भी स्थायी रिश्ते की असली नींव होते हैं, जिसके बिना कोई संबंध टिक नहीं सकता।
वादे को गंभीरता से लेना और चुपचाप दूरी बना लेना
इन दोनों मूलांक के लोगों की एक और बड़ी खासियत यह होती है कि ये किसी भी जुबान या वादे को बहुत गंभीरता से लेते हैं। अगर किसी व्यक्ति ने इनसे कोई बात कही है या कोई वादा किया है, तो ये उसे एक साधारण या अनौपचारिक बात मानकर नजरअंदाज नहीं करते। जब वह वादा अधूरा रह जाता है या तोड़ा जाता है, तो इन्हें भारी निराशा होती है और रिश्ते में बना विश्वास दरक जाता है। यही कारण है कि इनके साथ किया गया वादा हर हाल में निभाना जरूरी माना जाता है। यदि कोई जानबूझकर इनसे फरेब करता है, तो ये झगड़ा करने के बजाय खामोशी से दूरी बना लेते हैं, क्योंकि इनके दिल में एक बार टूटा भरोसा दोबारा बहाल होना बेहद कठिन होता है।















