अंक ज्योतिष के सिद्धांतों के मुताबिक किसी भी जातक की जन्मतिथि का विश्लेषण करके उसके स्वाभाविक व्यवहार, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा का काफी हद तक अनुमान लगाया जा सकता है। व्यक्ति जिस तारीख को जन्म लेता है, उसके अंकों का कुल जोड़ मूलांक कहलाता है। इस गणना में यह पाया गया है कि कुछ खास जन्म तारीखों से जुड़े लोग अपने जीवन में भावनात्मक या पारिवारिक रिश्तों के मुकाबले धन, बचत और पेशेवर तरक्की को कहीं अधिक तवज्जो देते हैं। ऐसे लोगों का पूरा ध्यान अपनी महत्वाकांक्षाओं को साधने और खुद को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर टिका रहता है।
मूलांक 1: रुतबा और वित्तीय समृद्धि की गहरी चाह
किसी भी कैलेंडर माह की 1, 10, 19 अथवा 28 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्तियों का मूलांक 1 माना जाता है। इस अंक पर मुख्य रूप से सूर्य का प्रभाव देखने को मिलता है। सूर्य से संचालित होने की वजह से इन लोगों के भीतर कूट-कूटकर आत्मविश्वास भरा होता है। इनके लिए आर्थिक साधन और पैसा जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं, उच्च जीवनशैली और सामाजिक रसूख को कायम रखने की धुन में कई बार ये जातक अन्य जरूरी भावनात्मक पहलुओं और रिश्तों की पूरी तरह अनदेखी भी कर बैठते हैं।
मूलांक 3: शोहरत और पहचान बनाने की होड़
यदि किसी व्यक्ति का जन्म महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो उनका मूलांक 3 बनता है। इस अंक के अधिपति ग्रह गुरु यानी बृहस्पति हैं। इस मूलांक से संबंधित लोग समाज में अपनी एक अलग प्रतिष्ठा, पहचान और रुतबा हासिल करने के लिए निरंतर काम करना पसंद करते हैं। जीवन के हर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां और साधन जुटाने की प्रबल लालसा के चलते ये अक्सर अपनी निजी व पारिवारिक जिंदगी को नजरअंदाज कर देते हैं।
मूलांक 4: व्यावहारिक सोच, बचत और संपत्ति पर फोकस
जिन जातकों का जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को होता है, उनका मूलांक 4 निकलकर आता है। इस अंक के स्वामी ग्रह राहु माने गए हैं। राहु के असर से ये लोग अत्यधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण रखते हैं और इनके मस्तिष्क में हर वक्त भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं चलती रहती हैं। इनका पूरा जीवन धन संचय, सुरक्षित बचत और प्रॉपर्टी जुटाने जैसे भौतिक लक्ष्यों के इर्द-गिर्द घूमता रहता है, जिसमें रिश्तों का स्थान अक्सर पीछे छूट जाता है।
मूलांक 5: लाभ-हानि का गणित और पेशेवर तरक्की
महीने की 5, 14 या 23 तारीख को दुनिया में आने वाले लोगों का मूलांक 5 होता है। इन जातकों के स्वभाव और सोच पर बुध ग्रह की ऊर्जा का सर्वाधिक प्रभाव रहता है। ये किसी भी निर्णय अथवा रिश्ते में दाखिल होने से पहले अपने निजी नफा-नुकसान का पूरा आकलन करते हैं। अपनी व्यावसायिक प्रगति और व्यक्तिगत विकास को आगे बढ़ाने के लिए ये बेहद नपे-तुले ढंग से कदम उठाते हैं।
मूलांक 8: शनि का प्रभाव और गंभीर वित्तीय महत्वाकांक्षा
किसी भी महीने की 8, 17 अथवा 26 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्तियों का मूलांक 8 होता है। इस अंक पर कर्मफल दाता शनि की विशेष कृपा रहती है। इस वजह से ये जातक बेहद गंभीर, कर्मठ और गहरी महत्वाकांक्षाओं वाले होते हैं। इनके जीवन में आर्थिक स्थिति की मजबूती और करियर का स्तर सबसे अधिक मायने रखता है। ये हमेशा अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं को सर्वोच्च पायदान पर रखते हैं।
















