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दिवाली से पहले सिंह राशि में गुरु और केतु की युति से बदलेगी 4 राशियों की किस्मत, जानिए किसे मिलेगा धन और सम्मानराशिफल
31 जुल॰ 2026, 11:05 am (60 दिन पहले)· 1

दिवाली से पहले सिंह राशि में गुरु और केतु की युति से बदलेगी 4 राशियों की किस्मत, जानिए किसे मिलेगा धन और सम्मान

दिवाली से ठीक पहले 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां सूर्य और केतु के साथ उनकी युति से मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलेगा।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार दिवाली के पावन पर्व से पहले ग्रहों के मंत्रिमंडल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिलने वाली है। वर्तमान समय में देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं और सभी 12 राशियों पर अपना शुभ प्रभाव डाल रहे हैं। हालांकि दिवाली से ठीक पहले 31 अक्टूबर को गुरु का एक बड़ा राशि परिवर्तन होने जा रहा है। 31 अक्टूबर के दिन गुरु ग्रह कर्क राशि की अपनी यात्रा को विश्राम देते हुए सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सिंह राशि में गुरु का यह गोचर कई राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा, क्योंकि यहां पहले से मौजूद ग्रहों के साथ मिलकर गुरु अत्यंत प्रभावशाली योग बनाने जा रहे हैं।

सूर्य और गुरु का शुभ संगम

सिंह राशि सूर्य देव की अपनी स्वराशि मानी जाती है। जब 31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, तब वहां सूर्य और गुरु का एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली संयोग बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और गुरु की युति को बेहद कल्याणकारी माना गया है। गुरु और सूर्य मिलकर ज्ञान, प्रशासनिक सफलता, पद-प्रतिष्ठा और अपार धन-संपत्ति का योग बनाते हैं। 31 अक्टूबर तक उच्च के गुरु का शुभ प्रभाव सभी राशियों पर बना रहेगा, लेकिन सिंह राशि में प्रवेश करते ही सूर्य का साथ मिलने से गुरु का शुभ प्रभाव और अधिक प्रखर हो जाएगा। यह गोचर करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

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केतु की उपस्थिति से उत्पन्न होगी रहस्यमयी स्थिति

सिंह राशि में गुरु का यह गोचर जितना शुभ है, उतना ही यह सूक्ष्म और रहस्यमयी भी रहने वाला है। इसका कारण यह है कि सिंह राशि में पाप ग्रह केतु भी पहले से विराजमान हैं। ऐसे में सिंह राशि में गुरु, सूर्य और केतु का त्रिकोणीय प्रभाव देखने को मिलेगा। केतु की उपस्थिति के कारण कई बार जीवन में असमंजस, भ्रम और अनिश्चितता का माहौल बन सकता है। कई मौकों पर व्यक्ति को सही और गलत के बीच चुनाव करने में काफी कठिनाई महसूस होगी। इसके अलावा केतु अलगाववादी प्रवृत्ति भी पैदा करता है, जिससे कुछ समय के लिए मन में एकांत की भावना आ सकती है। हालांकि इस युति के प्रभाव से व्यक्ति का झुकाव अध्यात्म और धर्म के मार्ग पर तेजी से बढ़ेगा और लोग धार्मिक कार्यों में रुचि लेंगे।

तुला राशि: नए आय स्रोत और रुका हुआ धन

तुला राशि के जातकों के लिए सिंह राशि में गुरु का यह गोचर अत्यंत फलदायी और खुशहाली लाने वाला रहेगा। इस दौरान आपको जबरदस्त धन लाभ होने के मजबूत योग बन रहे हैं। जो लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, उनके लिए कमाई के नए रास्ते और नए जरिया सामने आएंगे। यदि आपका कोई पैसा काफी समय से कहीं अटका हुआ था या डूब चुका था, तो इस गोचर के दौरान उसकी वापसी की पूरी संभावना बन रही है। इसके साथ ही तुला राशि के जातकों की कोई ऐसी मनोकामना या सपना, जो लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ था, वह भी इस अवधि में पूरा हो सकता है।

सिंह राशि: मान-सम्मान के साथ थोड़ी सावधानी जरूरी

सिंह राशि में स्वयं गुरु देव का आगमन हो रहा है, जिससे इस राशि के जातकों को सीधा और सबसे बड़ा फायदा मिलने वाला है। सूर्य और गुरु का गठबंधन आपके जीवन में मान-सम्मान, उच्च पद और धन-धान्य की वृद्धि कराएगा। शादीशुदा जातकों का वैवाहिक जीवन काफी सुखद और मधुर रहेगा, वहीं संतान पक्ष की ओर से भी कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। हालांकि, सिंह राशि में केतु की मौजूदगी के कारण कुछ मामले रहस्यमयी रूप ले सकते हैं और अचानक से ऐसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं जो आपको थोड़ा परेशान या भ्रमित कर दें। इसलिए किसी भी बड़े फैसले को लेते समय जल्दबाजी से बचना होगा।

मिथुन राशि: करियर में तरक्की और बढ़ेगा आत्मविश्वास

मिथुन राशि वाले लोगों के लिए दिवाली से पहले का यह समय बेहद शानदार और अनुकूल रहने वाला है। गुरु के इस गोचर से मिथुन राशि के जातकों के आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। कार्यस्थल और समाज में आपकी साख बढ़ेगी और लोग आपकी बातों को महत्व देंगे। करियर और पेशेवर जिंदगी के मामले में आपको तरक्की के कई बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। जो लोग नौकरी में बदलाव या प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए भी लाभ के नए योग बन रहे हैं।

मेष राशि: साढ़ेसाती के बीच मिलेगी बड़ी राहत

मेष राशि के जातक इस समय शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से गुजर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन दिवाली से ठीक पहले जब गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, तो मेष राशि के जातकों के लिए एक अत्यंत शुभ स्थिति का निर्माण होगा। यह गोचर साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभावों को कम करके चीजें अनुकूल बनाने में मदद करेगा। मेष राशि के लोग अपनी संतान की उपलब्धियों और अपनी बुद्धिमत्ता व ज्ञान के बल पर जीवन में तेजी से आगे बढ़ेंगे। बौद्धिक क्षमता के बल पर आप अपने अटके हुए कार्यों को पूरा करने में सफल रहेंगे।

सवाल-जवाब

गुरु का सिंह राशि में प्रवेश कब हो रहा है?
गुरु ग्रह 31 अक्टूबर को दिवाली से ठीक पहले कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
सिंह राशि में गुरु के साथ किन ग्रहों की युति बन रही है?
सिंह राशि में प्रवेश करते ही गुरु की सूर्य देव और केतु के साथ युति बनेगी।
गुरु और केतु की युति का क्या प्रभाव पड़ेगा?
गुरु और सूर्य की युति शुभ फल देगी, लेकिन केतु के कारण भ्रम, अलगाव और रहस्यमयी स्थितियां बन सकती हैं। साथ ही अध्यात्म और धर्म के प्रति झुकाव बढ़ेगा।
दिवाली से पहले गुरु के इस गोचर से किन राशियों को लाभ होगा?
गुरु के सिंह राशि में गोचर करने से मुख्य रूप से मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को विशेष लाभ और शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।
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