बांग्लादेश के हाथों करारी शिकस्त के बाद ऑस्ट्रेलिया का कड़ा फैसला, जेक वेदराल्ड बाहर और मैट रेनशॉ की वापसीऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री ने खोली पाकिस्तान की पोल, ब्रह्मोस हमलों के सबूत देख बौखलाई मुनीर की फौजअसम सरकार मसालों के उत्पादन को नई रफ्तार देने के लिए स्पाइस बोर्ड के साथ लंबी साझेदारी पर कर रही विचारसामुद्रिक शास्त्र: जीभ का रंग और आकार खोलता है किस्मत के राज, जानिए कौन सा रंग दिलाता है राजयोगदिल धड़कने दो रिव्यू (2015): जोया अख्तर की इस फिल्म के लिए पहली पसंद नहीं थीं शेफाली शाह, इस मशहूर एक्ट्रेस को मिला था रोलकोलाबा चोरी मामले में रूपा दत्ता को अदालत से राहत, 50 हजार के बॉन्ड पर मिली जमानतयूपी टी20 लीग: भुवनेश्वर कुमार की घातक गेंदबाजी, लखनऊ फाल्कन्स ने नोएडा किंग्स को दी मातदशरथ मांझी की श्रद्धांजलि सभा में तेजस्वी से हुई बड़ी चूक, जीतनराम मांझी ने कसा करारा तंजनेशनल स्पोर्ट्स अवॉर्ड 2025 की घोषणा, तेजस्विन शंकर और गायत्री गोपीचंद समेत 17 एथलीट अर्जुन पुरस्कार से सम्मानितपवन सिंह को आम्रपाली दुबे ने किया शादी के लिए प्रपोज, निरहुआ को छोड़ कही यह बात
ईमानदार मेहनत करने वालों को शनि के सबसे कठिन दौर में भी मिलता है शुभ फलराशिफल
4 जुल॰ 2026, 12:12 pm (45 दिन पहले)· 4

ईमानदार मेहनत करने वालों को शनि के सबसे कठिन दौर में भी मिलता है शुभ फल

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक शनि की साढ़ेसाती हर किसी के लिए बुरी नहीं होती, ईमानदार और मेहनती लोगों को इस दौरान भी तरक्की, पदोन्नति और धन लाभ मिल सकता है।

ज्यादातर लोग शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही परेशानी, नुकसान और संघर्ष के दिन याद करने लगते हैं। लेकिन ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। उनके मुताबिक शनि किसी को बिना वजह दंड नहीं देते, वे न्याय के देवता हैं और हर व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से ही फल देते हैं। यही वजह है कि साढ़ेसाती हर किसी के लिए एक जैसा अनुभव नहीं होती, कई लोगों के लिए यही समय तरक्की, धन लाभ और मान-सम्मान भी लेकर आता है।

शनि सिर्फ कर्म देखते हैं, रुतबा नहीं

पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि शनि किसी व्यक्ति के जीवन का पूरा हिसाब-किताब रखते हैं। वे यह नहीं देखते कि सामने वाला कितना ताकतवर है या उसके पास कितनी दौलत है, वे सिर्फ उसके कर्मों को परखते हैं। जिस व्यक्ति ने अपना काम ईमानदारी से किया हो, अपनी जिम्मेदारियां पूरी निभाई हों और किसी के साथ अन्याय न किया हो, शनि उसे अच्छा परिणाम देने में देरी नहीं करते। उनके अनुसार शनि दरअसल मेहनत का उचित फल दिलाने वाले ग्रह हैं, इसलिए जिसने जीवन में अच्छे कर्म किए हैं उसे साढ़ेसाती के दौरान भी सफलता और आर्थिक फायदा मिल सकता है।

ये भी पढ़ें

किन आदतों वाले लोगों पर रहती है शनि की कृपा

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक जो लोग मेहनत से कमाते हैं, अनुशासन में रहते हैं, अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटते और गलत रास्ते से दूर रहते हैं, शनिदेव उन पर प्रसन्न रहते हैं। जो लोग दूसरों का हक नहीं मारते, जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं और अपने व्यवहार में सादगी बनाए रखते हैं, उन्हें भी शनि का शुभ फल मिल सकता है।

साढ़ेसाती में भी बन सकते हैं तरक्की के योग

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार ऐसे लोगों को साढ़ेसाती के दौरान करियर में नए मौके मिल सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति मिलना, कारोबार का विस्तार होना, कहीं फंसा हुआ धन वापस मिलना या आय में बढ़ोतरी होना, ऐसे कई शुभ योग इस दौर में बन सकते हैं। यानी जो साढ़ेसाती को सिर्फ मुश्किल वक्त मानकर डरते हैं, उनके लिए यह जानकारी राहत देने वाली है कि यही समय मेहनत का पूरा इनाम भी दे सकता है।

बेईमानी और आलस्य पर भारी पड़ता है शनि का न्याय

पंडित नरेंद्र उपाध्याय की सलाह है कि साढ़ेसाती से डरने के बजाय व्यक्ति को अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। जो काम ईमानदारी से करता है, नियमों का पालन करता है और गलत आचरण से बचता है, उसे शनि शुभ परिणाम ही देते हैं। इसके उलट जो लोग छल, कपट, आलस्य या बेईमानी का रास्ता चुनते हैं, उन्हें अपने ही कर्मों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

डर नहीं, कर्मों पर भरोसा जरूरी

इसलिए साढ़ेसाती को सिर्फ कठिन दौर मान लेना ठीक नहीं है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक यह वह समय भी हो सकता है जब व्यक्ति को उसकी मेहनत का पूरा फल मिले। शनिदेव का न्याय हमेशा कर्मों पर आधारित होता है, यही वजह है कि अच्छे कर्म करने वालों के लिए साढ़ेसाती कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियां भी लेकर आती है।

सवाल-जवाब

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक शनि की साढ़ेसाती हमेशा बुरी क्यों नहीं होती?
क्योंकि शनि न्याय के देवता हैं और व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं, इसलिए अच्छे कर्म करने वालों के लिए यह समय तरक्की भी ला सकता है।
साढ़ेसाती के दौरान किन लोगों पर शनि की कृपा रहती है?
जो मेहनत से कमाते हैं, अनुशासन में रहते हैं, कर्तव्य निभाते हैं, गलत रास्ते से दूर रहते हैं और दूसरों की मदद करते हैं, उन पर शनि प्रसन्न रहते हैं।
साढ़ेसाती में किस तरह के शुभ परिणाम मिल सकते हैं?
नौकरी में पदोन्नति, कारोबार का विस्तार, रुका हुआ धन वापस मिलना और आय बढ़ना जैसे शुभ योग बन सकते हैं।
कौन से कर्म साढ़ेसाती में नुकसान की वजह बन सकते हैं?
छल, कपट, आलस्य और बेईमानी का रास्ता अपनाने वालों को अपने ही कर्मों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
यह जानकारी किसने दी है?
यह बात ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताई है।
साढ़ेसाती से डरने की बजाय क्या करना चाहिए?
पंडित नरेंद्र उपाध्याय की सलाह है कि व्यक्ति को अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए, ईमानदारी से काम करना चाहिए और गलत आचरण से बचना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR