सावन के पवित्र महीने की शुरुआत से ठीक पहले, जुलाई का यह आखिरी सप्ताह और अगस्त की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अभूतपूर्व और बेहद खास रहने वाली है। अंतरिक्ष में ग्रहों की स्थिति में इतने बड़े और व्यापक बदलाव एक साथ देखने को मिल रहे हैं, जिनका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस वर्तमान सप्ताह और आने वाले अगले सप्ताह के भीतर कई प्रमुख ग्रहों की चाल, उनकी राशियों और नक्षत्रों में भारी परिवर्तन होने जा रहा है। कुछ ग्रह अपनी चाल को वक्री (उल्टी) से मार्गी (सीधी) करेंगे, तो कुछ अस्त अवस्था से निकलकर उदय होंगे, जबकि कुछ प्रमुख ग्रह नए नक्षत्रों में प्रवेश करेंगे। ग्रहों के इस सामूहिक फेरबदल और महागोचर का सीधा परिणाम यह होगा कि कई राशियों के जातकों को विशेष लाभ, नई दिशा और जीवन में बड़े बदलाव का सामना करना पड़ेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन सा ग्रह कब अपनी चाल बदल रहा है और उसका क्या व्यापक असर होगा।
देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में अस्त होना और मांगलिक कार्यों पर रोक
वर्तमान समय में ग्रहों की स्थिति पर गौर करें, तो देवगुरु बृहस्पति फिलहाल अस्त अवस्था में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, विवाह, भाग्य और सभी शुभ कार्यों का कारक माना जाता है। पंचांग और ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 15 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति ने कर्क राशि में गोचर करते हुए अस्त अवस्था में प्रवेश कर लिया था। जब भी कोई बड़ा ग्रह अस्त होता है, तो उसका अर्थ है कि सूर्य के करीब आने के कारण उसकी शुभ और सकारात्मक दृष्टि का असर पृथ्वी पर काफी कम हो जाता है। यही कारण है कि 15 जुलाई को बृहस्पति ग्रह के अस्त होने के साथ ही शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, सगाई और अन्य सभी प्रकार के शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से विराम लग गया है।
ज्योतिषियों की मानें तो इस अस्त अवधि के दौरान कोई भी नया शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। चूंकि गुरु की शुभ दृष्टि का असर कम है, इसलिए इस दौरान नकारात्मकता से बचने के लिए लोगों को भगवान विष्णु की नियमित रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। भगवान विष्णु की आराधना से गुरु दोष शांत होता है। देवगुरु बृहस्पति की यह अस्त अवस्था 12 अगस्त को समाप्त होगी। 12 अगस्त को देवगुरु पुनः उदय होंगे, जिसके बाद से एक बार फिर रुके हुए शुभ कार्यों की शुरुआत हो सकेगी।
सूर्य देव का कर्क राशि में अहम गोचर
ग्रहमंडल के राजा और आत्मा के कारक माने जाने वाले सूर्य देव ने भी अपनी स्थिति में अहम बदलाव किया है। सूर्य ग्रह वर्तमान में कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं और वे आगामी 17 अगस्त तक इसी जल तत्व वाली कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। सूर्य और चंद्रमा के बीच नैसर्गिक रूप से मित्रता का भाव माना जाता है, इसलिए सूर्य का अपने मित्र चंद्रमा की राशि में यह गोचर बेहद खास है। सूर्य और चंद्रमा की इस ऊर्जा के मिलन का असर मौसम के साथ-साथ लोगों के स्वभाव और आत्मविश्वास पर भी देखने को मिलेगा। 17 अगस्त तक सूर्य इसी राशि में रहकर अपना प्रभाव डालेंगे।
बुध ग्रह की चाल में बदलाव: वक्री से मार्गी और उदय
जुलाई के अंतिम सप्ताह में ग्रहों के राजकुमार और बुद्धि, तर्क तथा व्यापार के कारक बुध देव भी अपनी चाल बदल रहे हैं। ज्योतिषीय समयावली के अनुसार, 24 जुलाई से बुध ग्रह की चाल सीधी हो जाएगी। इसका मतलब है कि बुध देव अपनी वक्री (उल्टी) गति को त्याग कर मार्गी अवस्था में आ जाएंगे। इसके ठीक अगले दिन, यानी 25 जुलाई को बुध देव उदित हो जाएंगे। बुध के उदय होने से व्यापार और संवाद के क्षेत्र में रुकी हुई गति वापस आएगी। इसके बाद अपनी यात्रा जारी रखते हुए, बुध ग्रह 5 अगस्त को कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जहां वे सूर्य के साथ युति बना सकते हैं।
शनि की मीन राशि में वक्री (उल्टी) चाल और साढ़ेसाती के समीकरण
कर्मों का फल देने वाले और न्याय के देवता शनि देव की चाल में होने वाला बदलाव इस गोचर का सबसे बड़ा हिस्सा है। सूर्य के पुत्र माने जाने वाले शनि ग्रह 26 जुलाई के बाद से अपनी उल्टी चाल शुरू कर देंगे। सटीक ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 27 जुलाई को शनि मीन राशि में अपनी वक्री (उल्टी) चाल आरंभ करेंगे। शनि ग्रह की यह वक्री अवस्था कोई छोटी अवधि के लिए नहीं, बल्कि इस साल के अंत तक, यानी दिसंबर महीने तक जारी रहेगी। मीन राशि से शुरू हो रही शनि की इस उल्टी चाल का सबसे बड़ा असर शनि की साढ़ेसाती के समीकरणों पर पड़ेगा।
ज्योतिषियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि शनि के इस चाल बदलाव से साढ़ेसाती झेल रही राशियों के पूरे समीकरण बदल जाएंगे। इसका प्रभाव केवल साढ़ेसाती वाली राशियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साढ़ेसाती की राशि से ठीक एक राशि ऊपर की राशियों पर भी इसका गहरा और सीधा असर होगा। शनि की यह वक्री गति लोगों के जीवन में दोहरा प्रभाव लेकर आएगी। जहां एक ओर कुछ लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य लोगों के जीवन में नई परेशानियां और चुनौतियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
राहु और मंगल की युति: धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश
अगस्त महीने की शुरुआत राहु और केतु जैसे मायावी ग्रहों की चाल में बदलाव के साथ होगी। आने वाले सप्ताह में राहु और केतु अपनी चाल और नक्षत्र बदल रहे हैं। विशेष रूप से 2 अगस्त को राहु का मंगल ग्रह के साथ एक महत्वपूर्ण संबंध बनेगा। इस दिन राहु और मंगल की युति होगी, क्योंकि राहु गोचर करते हुए सीधे मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। राहु का मंगल के नक्षत्र धनिष्ठा में जाना ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा इवेंट माना जाता है। इस परिवर्तन का सीधा असर आम लोगों के आर्थिक जीवन पर पड़ेगा। राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन लोगों के लिए बिजनेस और पैसा निवेश करने की सही दिशा तय करेगा। इसके प्रभाव से व्यापार और निवेश के लिए सफलता के नए रास्ते खुलेंगे।
ग्रहों के बदलाव से इन 5 राशियों को मिलेगा लाभ
इन सभी ग्रहों (सूर्य, बृहस्पति, शनि, बुध, राहु) के इस महागोचर और चाल बदलाव का असर सभी बारह राशियों पर दिखाई देगा। लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, विशेष रूप से पांच राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह समय बहुत ही शानदार और अनुकूल रहने वाला है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए ग्रहों का यह वर्तमान बदलाव सबसे उत्तम और शानदार समय लेकर आ रहा है। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में जबरदस्त मजबूती आएगी। धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। आप जो भी प्रयास करेंगे, आपके वे सभी रुके हुए काम अब आसानी से बनने लगेंगे, जिससे मानसिक संतुष्टि मिलेगी।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोगों के लिए विशेष रूप से बुध, राहु और शनि का यह गोचर व्यापारिक मोर्चे पर बड़े अवसर लेकर आया है। जो जातक बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें अपने व्यापार में नेटवर्किंग से भारी लाभ मिलेगा। नए लोगों से संपर्क स्थापित होंगे, जो भविष्य में आपके व्यापार को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के जीवन में यह गोचर कार्यक्षेत्र और सामाजिक जीवन में बड़े बदलाव करेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अहम है क्योंकि आपके सीनियर नौकरी में इस गोचर से काफी प्रभावित होंगे। इसके साथ ही, आपको अपने सामाजिक दायरे में भरपूर सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
तुला राशि
ग्रहों के इस बड़े फेरबदल से तुला राशि के जातकों के लिए भी एक बहुत अच्छा और सकारात्मक समय शुरू होने जा रहा है। आपके परिवार के सदस्यों के साथ आपके संबंध पहले से कहीं ज्यादा अच्छे और मधुर होंगे। हालांकि, ग्रहों की स्थिति यह भी संकेत देती है कि आपको किसी भी प्रकार की बेकार की बहस से पूरी तरह बचना चाहिए, अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं।
मीन राशि
शनि आपकी ही राशि (मीन) में वक्री होने जा रहे हैं, जो आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत फायदेमंद साबित होगा। मीन राशि के जातकों के लिए इस गोचर के प्रभाव स्वरूप इनकम के नए सोर्स बनेंगे। धन आगमन के नए रास्ते खुलने से आपकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी और बचत में वृद्धि होगी।



















