राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी कॉकरोच जनता पार्टी के भीतर बड़ा वैचारिक और संगठनात्मक विभाजन सामने आ गया है। इस पार्टी की स्थापना करने वाले अभिजीत दिपके को उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब उनके साथ जुड़े रहे मनीष ब्रह्मभट्ट ने अपनी एक अलग राह चुन ली। जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों और प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मनीष ब्रह्मभट्ट ने अब कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक नाम से एक नए राजनीतिक संगठन के गठन का ऐलान कर दिया है।
कौन हैं मनीष ब्रह्मभट्ट?
नए राजनीतिक दल की कमान संभालने वाले मनीष ब्रह्मभट्ट का पिछला चुनावी सफर भी चर्चा में रहा है। उन्होंने साल 2022 के दौरान हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में पालनपुर विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाई थी। उस चुनाव में वे मैदान में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में उतरे थे लेकिन उन्हें कुल 964 वोट ही हासिल हो सके जो कुल पड़े वोटों का मात्र 0.53 प्रतिशत हिस्सा थे। इस चुनावी मुकाबले में वे पांचवें पायदान पर रहे थे, जबकि उस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अनिकेत गिरीशभाई ठाकर ने 95,588 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा उनके ऊपर अलग-अलग मामलों में 4 आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं।
संगठन पर क्या होगा असर?
इस नई फूट के बाद से पार्टी के भीतर समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विभाजन से सीजेपी से जुड़े जेन-जी वर्ग का एक बड़ा हिस्सा अब मनीष ब्रह्मभट्ट के नए संगठन सीजेपी-डी की तरफ आकर्षित हो सकता है। आने वाले दिनों में इस नए राजनीतिक घटनाक्रम से युवाओं के बीच पकड़ बनाने को लेकर दोनों गुटों के बीच खींचतान और बढ़ने के पूरे आसार हैं।


















