जीवन में ज्योतिष शास्त्र का जितना महत्व माना जाता है, उतना ही प्रभाव अंक ज्योतिष का भी होता है। किसी भी व्यक्ति की जन्म तिथि के आधार पर उसका मूलांक निकाला जाता है और इसी से उसके स्वभाव व भविष्य के बारे में कई बातें पता चलती हैं।
कुछ खास मूलांक वाले लोग अपने जीवन में नाम, शोहरत और ऊंचे ओहदों की चाहत रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि धन की देवी माता लक्ष्मी भी ऐसे लोगों के प्रति विशेष रूप से आकर्षित होती हैं और उनके जीवन में समृद्धि बनी रहती है।
मूलांक 5 और बुध ग्रह का संबंध
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का जन्म महीने की 5 तारीख, 14 तारीख या फिर 23 तारीख को हुआ है, तो उसका मूलांक 5 बनता है। अंक शास्त्र के गणित में इस मूलांक का सीधा संबंध बुद्धि और व्यापार के कारक बुध ग्रह से जोड़ा जाता है।
बुध के प्रभाव के कारण इस मूलांक के लोग बहुत बुद्धिमान और तीव्र बुद्धि के धनी होते हैं। जानकारों का मानना है कि मूलांक 5 वाले जातक अपनी कार्यकुशलता के बल पर दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाते हैं और जीवन में हर मुकाम हासिल करते हैं।
स्वभाव और कार्यशैली
मूलांक 5 वाले जातकों की सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि वे किसी के बंधन में रहना पसंद नहीं करते। वे खुले आसमान में उड़ने वाले आजाद परिंदे की तरह जीना पसंद करते हैं और उन्हें अपने काम में किसी भी प्रकार की रोक-टोक बिल्कुल रास नहीं आती है।
ये लोग स्वभाव से बहुत साहसी और मजबूत इच्छाशक्ति वाले होते हैं। इनके सामने जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी मुश्किलें या बाधाएं क्यों न आ खड़ी हों, ये बिना डरे उनका मुकाबला करते हैं और अपने तय लक्ष्यों को पाकर ही दम लेते हैं।
नेतृत्व क्षमता और कमियां
इनमें पैदाइशी नेतृत्व गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं, जिसके चलते ये हर क्षेत्र में आगे रहते हैं। हालांकि कई बार इनका स्वभाव काफी नियंत्रित करने वाला यानी कंट्रोलिंग हो जाता है। वे अक्सर चाहते हैं कि उनके दोस्त, जीवनसाथी और परिवार के सभी सदस्य उनकी ही इच्छा के अनुसार चलें।
इसके अलावा, इस मूलांक के लोग थोड़े मूड़ी स्वभाव के भी होते हैं। इसी मूड के चलते वे कई बार दूसरों की सलाह या बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। उनकी यही एक आदत उनके रिश्तों में दूरियां ले आती है और कई बार आपसी संबंध लंबे समय तक नहीं टिक पाते हैं।

















