अंक ज्योतिष की गणना के अनुसार, जन्म की तारीख का हमारे स्वभाव और व्यक्तित्व पर गहरा असर पड़ता है। कुछ विशेष तारीखों में जन्मे लोग ऐसे होते हैं, जो हर परिस्थिति में अपने रिश्तों को निभाना जानते हैं। ये लोग न केवल भरोसेमंद होते हैं, बल्कि मुसीबत के वक्त अपनों के साथ मजबूती से खड़े भी रहते हैं। इन लोगों की निष्ठा और ईमानदारी इन्हें एक सच्चा साथी बनाती है।
मूलांक 2: चंद्रमा का प्रभाव
जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है। अंक शास्त्र के नजरिए से इस मूलांक का स्वामी चंद्रमा है। चंद्रमा की ऊर्जा के कारण ये जातक स्वभाव से अत्यंत भावुक और संवेदनशील होते हैं। जब ये किसी को अपना मित्र या साथी मान लेते हैं, तो पूरी ईमानदारी के साथ उस रिश्ते को आगे बढ़ाते हैं। ये लोग कभी भी किसी का भरोसा नहीं तोड़ते और संकट की घड़ी में सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं।
मूलांक 6: शुक्र का साथ
महीने की 6, 16 या 24 तारीख को जन्म लेने वाले व्यक्तियों का मूलांक 6 होता है, जिस पर शुक्र ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है। ऐसे लोगों के जीवन में मानवीय संबंधों और रिश्तों का स्थान सर्वोपरि होता है। चाहे वह पारिवारिक रिश्ते हों या फिर मित्रता, ये जातक अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हैं। एक बार जब ये किसी के साथ जुड़ जाते हैं, तो उसे छोड़ना इनके स्वभाव में नहीं होता। इनका प्रेम और समर्पण इन्हें दूसरों की नजरों में बेहद भरोसेमंद बनाता है।
मूलांक 7: केतु की ऊर्जा
मूलांक 7 वाले लोग वे होते हैं जिनका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है। इन पर केतु का प्रभाव माना जाता है। अंक ज्योतिष कहता है कि ये जातक दिखावे से कोसों दूर रहते हैं और रिश्तों में गहराई व सच्चाई को महत्व देते हैं। इनके लिए किसी का साथ देना सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि निभाने वाली बात होती है। ये लोग अपनों के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं और पीठ पीछे भी कभी किसी का अहित नहीं सोचते।
क्यों हैं ये सबसे अलग
मूलांक 2, 6 और 7 के जातकों की सबसे बड़ी खूबी यही है कि ये अपने वचनों के पक्के होते हैं। इनके चरित्र में स्थिरता होती है, जिसके कारण लोग इन पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। ये केवल सुख के साथी नहीं होते, बल्कि कठिन समय में भी अपने करीबियों का साथ थामे रखते हैं।











