इस वर्ष 12 जुलाई 2026 को रवि प्रदोष का व्रत पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाएगा। इस वर्ष का यह रवि प्रदोष व्रत अत्यंत विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन मासिक शिवरात्रि का मंगलमय संयोग भी बन रहा है। आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को विधि-विधान से संपन्न करने से जीवन में सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा, जिन जातकों की कुंडली में सूर्य ग्रह से संबंधित प्रतिकूल प्रभाव या दोष होते हैं, वे रविवार के दिन भगवान शिव की विशेष आराधना करके अपनी समस्याओं का निवारण कर सकते हैं।
पूजा के लिए शुभ समय
प्रदोष काल में भगवान शिव के पूरे परिवार की पूजा का विशेष विधान है। पंचांग के अनुसार, इस दिन संध्या काल में पूजा करने के लिए 02 घंटे 04 मिनट्स का समय अत्यंत शुभ रहेगा। भक्त शाम 07:03 बजे से लेकर रात 09:07 बजे के बीच शिव पूजा संपन्न कर सकते हैं। दिनभर के अन्य शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:58 बजे से 04:40 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 05:37 बजे से 07:03 बजे तक और रात 09:55 बजे से 11:19 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक
पूजा की विधि
स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भक्त पूजा की तैयारी करें। गोधूलि बेला यानी शाम के समय घर के मंदिर में दीपक जलाएं और मुख्य द्वार पर भी प्रकाश करें। इसके बाद शिव मंदिर जाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना करें। प्रभु को कच्चा दूध, गंगाजल, बेलपत्र, सफेद चंदन, अक्षत और कनेर के फूल अर्पित करें। पूजा के दौरान रवि प्रदोष व्रत की कथा सुनें। श्रद्धा भाव से घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए अंत में भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना अवश्य करें।
राशि अनुसार शिव उपाय
प्रत्येक राशि के जातक अपनी राशि के अनुकूल शिव पूजन करके विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं
- वृषभ: भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित करें।
- मिथुन: शिव जी की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं।
- कर्क: भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कनेर के फूल अर्पित करें।
- सिंह: भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए भांग का भोग लगाएं।
- कन्या: भगवान शिव को खुश करने के लिए शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं।
- तुला: पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें।
- वृश्चिक: विधि-विधान से शिव पूजा करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
- धनु: कृपा पाने के लिए ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।
- मकर: शिव चालीसा का पाठ करें।
- कुंभ: शिवलिंग पर काला तिल चढ़ाएं और गंगाजल से अभिषेक करें।
- मीन: रवि प्रदोष के दिन कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें।











