6 जुलाई 2026, सोमवार का दिन पंचांग की नजर से खास माना जा रहा है, क्योंकि आज भद्रा और पंचक दोनों का साया रहने वाला है। पंचांग हिंदू धर्म में दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का हिसाब बताने वाला पारंपरिक कैलेंडर है, और इन्हीं पांच अंगों के आधार पर पूजा-पाठ, व्रत, त्योहार और जरूरी कामों के लिए शुभ समय तय किया जाता है। शादी-ब्याह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन या किसी नए काम की शुरुआत से पहले लोग आज भी सबसे पहले पंचांग खोलकर देखते हैं कि दिन का मुहूर्त कैसा है। राहुकाल, अभिजित मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय जैसी जानकारियां भी पंचांग में शामिल रहती हैं, और ज्योतिष में मान्यता है कि सही समय पर किया गया काम बेहतर नतीजा देता है। आज मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर भी रोज का पंचांग आसानी से देखा जा सकता है, फिर भी करोड़ों लोग अब भी अपने दिन की शुरुआत पंचांग देखकर ही करना पसंद करते हैं, क्योंकि पारंपरिक गणना पर भरोसा आज भी उतना ही मजबूत बना हुआ है।
तिथि, योग, करण और चंद्रमा की चाल
आज विक्रमी संवत के हिसाब से आषाढ़ कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 01.48 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी। योग की बात करें तो आज सौभाग्य योग अपराह्न 03.51 बजे तक असर में रहेगा। करण के रूप में आज वणिज करण है। चंद्रमा की चाल पर नजर डालें तो चांद आज सुबह 09.58 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा, इसके बाद वह मीन राशि में प्रवेश कर जाएगा। सूर्य फिलहाल उत्तरायण की स्थिति में है। तिथि, योग, करण और राशि में बदलाव का यही समय पूजा-पाठ और शुभ कामों के लिए मुहूर्त तय करने में सबसे ज्यादा काम आता है, इसलिए पंचांग में इन्हें बड़ी बारीकी से दर्ज किया जाता है ताकि कोई भी काम शुरू करने से पहले सही घड़ी का पता लगाया जा सके।
शक संवत, पंजाब पंचांग और इस्लामी तारीख
अलग-अलग परंपराओं में आज की तारीख को अलग-अलग तरीके से गिना जा रहा है। शक संवत के हिसाब से आज 15 आषाढ़ (सौर) 1948 है। पंजाब पंचांग के अनुसार आज 22 आषाढ़ मास प्रविष्टे 2083 चल रहा है। वहीं इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक आज 20 मोहर्रम, 1448 की तारीख है। ये तीनों गणनाएं इस बात का संकेत हैं कि भारत में समय और तिथि नापने की कई परंपराएं आज भी साथ-साथ चलती हैं, और पंचांग इन सभी का ब्योरा एक ही जगह पेश करता है ताकि अलग-अलग समुदायों के लोग अपनी-अपनी परंपरा के हिसाब से तारीख आसानी से समझ सकें।
राहुकाल, भद्रा और पंचक का असर
आज का राहुकालम् प्रातः 07.30 बजे से प्रातः 09 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में राहुकाल के दौरान यात्रा शुरू करने, नया काम आरंभ करने या कोई शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आज भद्रा भी सक्रिय रहेगी, जो दोपहर 01.48 मिनट से शुरू होकर रात्रि 01.37 मिनट तक असर में रहेगी। भद्रा के समय भी शुभ और मांगलिक कार्यों को टालने की पुरानी परंपरा चली आ रही है। इसके साथ ही आज पंचक भी लगा हुआ है, जिसे लेकर मान्यता है कि इस दौरान लकड़ी से जुड़ा काम, दक्षिण दिशा की यात्रा या घर की छत डालने जैसे कुछ खास काम करने से परहेज किया जाता है। इस तरह आज का पूरा दिन राहुकाल, भद्रा और पंचक तीनों के प्रभाव में रहने वाला है, इसलिए कोई भी जरूरी या मांगलिक काम शुरू करने से पहले मुहूर्त जरूर देख लेना बेहतर रहेगा।
अभिजित मुहूर्त से निशिता मुहूर्त तक, जानें शुभ समय
दिन के सबसे शुभ मुहूर्तों में गिना जाने वाला अभिजित मुहूर्त आज दोपहर 01:23 बजे से 02:27 बजे तक रहेगा, और इसे किसी भी नए तथा जरूरी काम की शुरुआत के लिए अच्छा समय माना जाता है। गोधूलि मुहूर्त, यानी सूर्यास्त के आसपास का समय, आज रात 09:54 बजे से 10:10 बजे तक रहेगा। सायाह्न सन्ध्या का समय रात 09:56 बजे से 10:44 बजे तक तय किया गया है। रात के आखिरी पहर में आने वाला निशिता मुहूर्त आज रात 01:40 बजे यानी 07 जुलाई से लेकर 02:12 बजे यानी 07 जुलाई तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 03:55 बजे से 05:55 बजे तक और फिर शाम 05:39 बजे से 06:43 बजे तक भी बताया गया है। इन सभी मुहूर्तों को ध्यान में रखते हुए ही दिनभर के कामकाज, पूजा-पाठ और यात्रा की योजना बनाई जा सकती है, ताकि शुभ समय का पूरा फायदा उठाया जा सके और अशुभ समय में कोई नया काम शुरू करने से बचा जा सके।











