चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच 10 लाख टन कर-मुक्त आयात को मंजूरी, अरविंद केजरीवाल ने एथनॉल नीति पर उठाए सवालनई दिल्ली में मिले भारत और जापान के रक्षा मंत्री, समुद्री सुरक्षा और रक्षा तकनीक पर बनी सहमतिपुणे महारैली से पहले राहुल गांधी ने पूछा सवाल, भारतीय महिला होने के क्या हैं मायनेस्कॉटियाबैंक का अनुमान, 1.41 के स्तर की ओर बढ़ सकता है ब्रिटिश पाउंडस्टार प्लस के लोकप्रिय शो 'तेरे लिए' के 16 साल, कैलाश खेर का टाइटल ट्रैक आज भी सोशल मीडिया पर मचा रहा धमालटॉम क्रूज़ बने डिगर रॉकवेल: आलेहांद्रो जी. इनारितु की नई अपोकैलिप्टिक कॉमेडी में दिखेगा अनोखा लुकतकनीक की मजबूती से चमकी एशियाई मुद्राएं, दक्षिण कोरियाई वॉन ने बनाई बढ़तजर्मनी के मजबूत PPI आंकड़ों से यूरो में तेजी, अमरीकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक दोगुना कियासिंगापुर में भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक संपन्न, दूरसंचार और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नए समझौतों पर बनी सहमतिघर की बालकनी में बिना बाजार के बीज उगाएं रसीले टमाटर, जानिए कटिंग से लेकर कटाई तक का आसान तरीका
रोज के राशिफल में चंद्रमा की चाल को इतना अहम क्यों माना जाता है, जानें पूरी वजहराशिफल
5 जुल॰ 2026, 2:10 pm (46 दिन पहले)· 2

रोज के राशिफल में चंद्रमा की चाल को इतना अहम क्यों माना जाता है, जानें पूरी वजह

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, जिससे रोज के राशिफल पर इसका असर सबसे पहले दिखता है। लेकिन नौकरी, शादी या धन जैसे बड़े फैसलों के लिए ज्योतिषी पूरी जन्म कुंडली और बाकी ग्रहों की स्थिति भी देखते हैं।

रोज सुबह जब आप अपना राशिफल पढ़ते हैं, तो उसमें अक्सर चंद्रमा की चाल का जिक्र सबसे पहले आता है। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन का ग्रह माना जाता है, और यही वजह है कि दैनिक राशिफल तैयार करते समय ज्योतिषी सबसे पहले चंद्रमा के गोचर पर नजर डालते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या सच में आपकी जिंदगी पर सबसे ज्यादा असर चंद्रमा का ही पड़ता है, या यह सिर्फ एक धारणा भर है।

हर ढाई दिन में बदल जाती है चंद्रमा की राशि

जो लोग रोजाना राशिफल पढ़ने के आदी हैं, उन्होंने गौर किया होगा कि उसमें चंद्रमा के गोचर की चर्चा लगभग हर बार होती है। वजह सीधी है, चंद्रमा करीब हर ढाई दिन में अपनी राशि बदल लेता है, और बाकी ग्रहों की तुलना में इसकी चाल सबसे तेज मानी जाती है। यही तेज रफ्तार दैनिक राशिफल में इसे इतनी अहमियत दिलाती है, क्योंकि यह कम समय में ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है।

ये भी पढ़ें

मन, सोच और मूड से जुड़ा है चंद्रमा का रिश्ता

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, सोच और भावनाओं को नियंत्रित करने वाला ग्रह माना गया है। मान्यता है कि जैसे ही चंद्रमा अपनी चाल बदलता है, वैसे ही व्यक्ति के मूड, उसके फैसले लेने के तरीके और दिनभर के अनुभवों में भी हलचल महसूस होने लगती है। कई बार ऐसा होता है कि किसी दिन सारे काम अपने आप बनते चले जाते हैं, वहीं किसी और दिन एक छोटी-सी बात भी मन को उलझन में डाल देती है। ज्योतिषियों का मानना है कि इसके पीछे चंद्रमा की बदलती स्थिति का बड़ा हाथ होता है। यही कारण है कि दैनिक राशिफल बनाते समय सबसे पहले चंद्रमा की मौजूदा स्थिति परखी जाती है, क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी पर असर दिखाने में यह बाकी ग्रहों से आगे रहता है।

ज्योतिषाचार्य बोले, चंद्रमा किसी भाव को जगाने का करता है काम

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, चंद्रमा को सिर्फ मन का ग्रह मान लेना काफी नहीं है। उनका कहना है कि चंद्रमा जिस भाव से होकर गुजरता है, उसे सक्रिय भी कर देता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, चंद्रमा करीब सवा दो दिन में एक राशि से दूसरी राशि में जाता है, और इस यात्रा के दौरान वह तीन नक्षत्रों से होकर गुजरता है। इतनी बार बदलाव होने के चलते इसका असर भी बहुत तेजी से बदलता रहता है।

ज्योतिष में हर राशि से जुड़े भाव होते हैं, जो जिंदगी के अलग-अलग पहलुओं जैसे करियर, धन, रिश्ते और सेहत को दर्शाते हैं। वहीं नक्षत्र इन्हीं राशियों का और बारीक विभाजन होते हैं। चंद्रमा जब किसी खास भाव या नक्षत्र से गुजरता है, तो उससे जुड़े विषय कुछ समय के लिए ज्यादा सक्रिय नजर आने लगते हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय यह भी बताते हैं कि भले ही किसी ग्रह का गोचर अच्छा चल रहा हो, लेकिन उसका असर तभी ज्यादा महसूस होता है जब चंद्रमा उस भाव या उस ग्रह से जुड़ता है। इसे आसान भाषा में समझें तो चंद्रमा उस भाव को जगाने का काम करता है। यही वजह है कि कई ज्योतिषी इसे रोजाना के फल का सबसे अहम ग्रह मानते हैं।

क्या सबकी जिंदगी पर पड़ता है एक जैसा असर?

इसका सीधा जवाब है, नहीं। हर व्यक्ति की जन्म कुंडली अलग होती है, इसलिए एक ही दिन और एक जैसे गोचर का असर भी दो अलग-अलग लोगों पर एक जैसा नहीं पड़ता। हो सकता है किसी के लिए वह दिन बेहद अच्छा साबित हो, जबकि किसी और को उसी दिन थोड़ा संभलकर और सावधानी से आगे बढ़ने की जरूरत पड़े। यही वजह है कि सिर्फ अपनी राशि पढ़कर पूरे भविष्य का अंदाजा लगाना सही तरीका नहीं माना जाता। पूरी तस्वीर समझने के लिए जन्म कुंडली में चंद्रमा के साथ-साथ बाकी ग्रहों की स्थिति भी देखनी पड़ती है।

बड़े फैसलों के लिए सिर्फ चंद्रमा पर निर्भर नहीं रहते ज्योतिषी

ज्योतिष के जानकारों की मानें तो रोजमर्रा की जिंदगी में चंद्रमा का असर जरूर अहम माना जाता है, लेकिन नौकरी, कारोबार, शादी, धन या जीवन के किसी बड़े फैसले को सिर्फ चंद्रमा के आधार पर नहीं परखा जाता। ऐसे मामलों में शनि, गुरु, राहु, केतु के गोचर के साथ-साथ जन्म कुंडली और उस समय चल रही दशा को भी बारीकी से देखा जाता है। यानी बड़े और अहम फैसलों के लिए सिर्फ एक ग्रह की चाल पर्याप्त नहीं मानी जाती, बल्कि पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी होता है।

कुल मिलाकर, दैनिक राशिफल में चंद्रमा की भूमिका को सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि यह हर ढाई दिन में राशि बदलते हुए रोजमर्रा के अनुभवों पर जल्दी असर छोड़ता है। लेकिन किसी व्यक्ति के पूरे भविष्य और जीवन के बड़े मोड़ को समझने के लिए पूरी जन्म कुंडली का अध्ययन ही भरोसेमंद तरीका माना जाता है।

सवाल-जवाब

चंद्रमा कितने दिनों में अपनी राशि बदलता है?
चंद्रमा करीब हर ढाई दिन यानी सवा दो दिन में एक राशि से दूसरी राशि में चला जाता है।
दैनिक राशिफल में चंद्रमा को इतना महत्व क्यों दिया जाता है?
बाकी ग्रहों के मुकाबले चंद्रमा की चाल सबसे तेज होती है, इसलिए इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर सबसे जल्दी दिखने लगता है।
चंद्रमा अपनी यात्रा के दौरान कितने नक्षत्रों से गुजरता है?
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, राशि बदलने के दौरान चंद्रमा तीन नक्षत्रों से होकर गुजरता है।
क्या चंद्रमा का असर सभी लोगों पर एक जैसा होता है?
नहीं, हर व्यक्ति की जन्म कुंडली अलग होने के कारण एक ही दिन और एक जैसे गोचर का असर अलग-अलग लोगों पर अलग तरह से पड़ता है।
क्या नौकरी, शादी या धन जैसे बड़े फैसले सिर्फ चंद्रमा देखकर लिए जा सकते हैं?
नहीं, बड़े फैसलों के लिए शनि, गुरु, राहु, केतु के गोचर के साथ-साथ पूरी जन्म कुंडली और चल रही दशा भी देखी जाती है।
ज्योतिष में चंद्रमा को किसका कारक माना जाता है?
चंद्रमा को मन, सोच और भावनाओं का कारक माना जाता है, और यह जिस भाव से गुजरता है उसे सक्रिय भी करता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR