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साल 2027 में मेष राशि में शनि का गोचर, जानिए किस पर शुरू होगी साढ़ेसाती और ढैय्याराशिफल
9 अग॰ 2026, 12:15 pm (2 घंटे पहले)· 0

साल 2027 में मेष राशि में शनि का गोचर, जानिए किस पर शुरू होगी साढ़ेसाती और ढैय्या

2027 में शनि देव मीन राशि छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे और फिर वक्री होकर वापस लौटेंगे। इस चाल परिवर्तन से कुंभ, मीन, मेष, वृषभ, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का प्रतीक माना गया है। व्यक्ति के कर्मों के अनुसार परिणाम देने वाले शनि देव जब भी अपनी राशि बदलते हैं, तो उसका असर हर राशि के जातक पर पड़ता है। विशेष रूप से जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उनके जीवन में इस गोचर का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। वर्ष 2027 में शनि देव अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। इस बदलाव से साढ़ेसाती और ढैय्या की पूरी गणना में बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा।

2027 में शनि देव का दोहरा गोचर और समय

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 जून 2027 को सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर शनि देव मीन राशि की अपनी यात्रा समाप्त करके मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि में कुछ महीनों तक रहने के बाद शनि देव की चाल में पुनः परिवर्तन आएगा। 20 अक्टूबर 2027 को सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर शनि देव वक्री यानी उल्टी चाल चलते हुए वापस मीन राशि में लौट आएंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि साल 2027 में शनि का राशि परिवर्तन एक समान नहीं रहने वाला है। एक ही वर्ष में ग्रहों के इस बड़े न्यायकर्ता की स्थिति में दो बार बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जिससे राशियों पर इसका प्रभाव भी दो चरणों में बंट जाएगा।

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साढ़ेसाती का नया समीकरण और प्रभावित राशियां

जब शनि देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तो साढ़ेसाती के विभिन्न चरणों की स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार जब शनि किसी व्यक्ति की जन्म चंद्र राशि से 12वें भाव, प्रथम भाव यानी खुद की राशि या द्वितीय भाव में स्थित होते हैं, तो उस अवधि को साढ़ेसाती कहा जाता है। मेष राशि में शनि के आते ही अलग-अलग राशियों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेगा।

  • मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए यह साढ़ेसाती का अंतिम यानी तीसरा चरण रहेगा।
  • मेष राशि: मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का मध्य यानी दूसरा चरण शुरू हो जाएगा, जो सबसे अधिक प्रभाव डालता है।
  • वृषभ राशि: वृषभ राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा।
  • कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों को लंबे समय से चली आ रही साढ़ेसाती के प्रभाव से पूरी तरह मुक्ति और राहत मिलेगी।

हालांकि यह स्थिति साल भर एक जैसी नहीं रहेगी। 20 अक्टूबर 2027 को जब शनि देव वक्री होकर दोबारा मीन राशि में लौटेंगे, तो साढ़ेसाती का यह समीकरण फिर से बदल जाएगा। इसलिए 2027 में साढ़ेसाती से प्रभावित लोगों को शनि की बदलती चाल पर लगातार ध्यान देना होगा।

कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या का प्रभाव

चंद्र राशि के आधार पर जब शनि देव मेष राशि में गोचर करेंगे, तो कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव शुरू हो जाएगा। ढैय्या की यह अवधि ढाई वर्षों की होती है और इस दौरान जीवन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतनी होती है।

ढैय्या के दौरान कर्क और वृश्चिक राशि के लोगों को अपनी नौकरी, व्यापार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक रिश्तों में सतर्क रहना होगा। इस समय में मेहनत का फल मिलने में थोड़ा समय लग सकता है और बने बनाए कामों में रुकावटें आ सकती हैं। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। चूंकि शनि कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए जो लोग ईमानदारी, लगन और अनुशासन के साथ अपना काम करेंगे, उन्हें शनि देव शुभ और सकारात्मक परिणाम भी प्रदान करेंगे।

2027 में शनि का नक्षत्र परिवर्तन और तिथियां

राशि परिवर्तन के साथ-साथ साल 2027 में शनि देव का नक्षत्र परिवर्तन भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरे वर्ष के दौरान शनि देव निम्नलिखित तिथियों पर अपने नक्षत्र बदलेंगे।

  • 8 फरवरी 2027: शनि देव रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
  • 3 जून 2027: रेवती से निकलकर अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
  • 22 जुलाई 2027: अश्विनी नक्षत्र के दूसरे चरण में गोचर करेंगे।
  • 28 अगस्त 2027: वक्री चाल चलते हुए पुनः अश्विनी नक्षत्र के पहले चरण में लौट आएंगे।
  • 20 अक्टूबर 2027: वक्री होकर वापस रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे।

साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान सावधानियां

शनि के इस महत्वपूर्ण गोचर के दौरान साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित जातकों को अपने दैनिक जीवन में संयम बरतने की आवश्यकता है। किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें। कार्यक्षेत्र और व्यापार में नियमों का उल्लंघन बिल्कुल न करें, क्योंकि नियम तोड़ने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। धन से जुड़े मामलों में बिना सोचे समझे निवेश करने से बचें और अपने बजट पर नियंत्रण बनाए रखें। धर्म और कर्म के प्रति निष्ठा बनाए रखना इस अवधि में सबसे लाभदायक सिद्ध होता है।

सवाल-जवाब

2027 में शनि मेष राशि में कब प्रवेश करेंगे?
शनि देव 3 जून 2027 को सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
2027 में शनि कब वक्री होकर वापस मीन राशि में लौटेंगे?
शनि देव 20 अक्टूबर 2027 को सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर वक्री होकर वापस मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
मेष राशि में शनि के जाने से किन राशियों पर साढ़ेसाती रहेगी?
शनि के मेष राशि में रहते मीन राशि पर अंतिम चरण, मेष राशि पर मध्य चरण और वृषभ राशि पर पहला चरण रहेगा।
2027 में किन राशियों पर शनि की ढैय्या शुरू होगी?
शनि के मेष राशि में गोचर के दौरान कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा।
किस राशि को 2027 में साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी?
3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में प्रवेश करते ही कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी।
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