सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश से आज 5 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा, जानें दान का सही तरीकाराशिफल
2 घंटे पहले· 0

सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश से आज 5 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा, जानें दान का सही तरीका

आज सूर्यदेव मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे कन्या, मिथुन, वृषभ, कर्क और मकर राशि को फायदा होगा, जबकि मेष, कुंभ और सिंह राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आज कर्क संक्रांति है और सूर्यदेव मिथुन राशि को छोड़कर चंद्रमा की राशि यानी कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। ठीक जैसे जनवरी में मकर संक्रांति का दिन खास माना जाता है, वैसे ही साल के इस पड़ाव पर कर्क संक्रांति भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। फर्क सिर्फ इतना है कि मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जबकि आज के दिन सूर्यदेव दक्षिणायन में चले जाते हैं। यही वजह है कि इस दिन स्नान और दान का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। सूर्य की यह राशि बदलने की घटना हर राशि पर अलग तरह से असर डालती है, यानी किसी के लिए यह मौका बनकर आती है तो किसी के लिए सतर्क रहने की चेतावनी लेकर आती है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आज सूर्य किन राशियों पर मेहरबान रहेंगे, किन राशियों को संभलकर चलना होगा, और इस खास दिन पूजा-पाठ व दान का सही तरीका क्या है।

सूर्य के इस गोचर को समझें, मिथुन से कर्क तक का सफर

ज्योतिष में सूर्य को हर राशि में करीब एक महीने बिताने के बाद अगली राशि में प्रवेश करना बताया गया है, और इसी बदलाव को संक्रांति कहा जाता है। आज सूर्यदेव मिथुन राशि की यात्रा पूरी करके कर्क राशि में दाखिल हो रहे हैं, और कर्क चंद्रमा की अपनी राशि है, इसलिए यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से और भी दिलचस्प हो जाता है। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण की यात्रा छोड़कर दक्षिणायन में प्रवेश करते हैं, यानी अब सूर्य धीरे धीरे दक्षिण की ओर खिसकते नजर आएंगे। हिंदू परंपरा में उत्तरायण को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात माना गया है, इसलिए इस बदलाव के दिन पूजा पाठ, स्नान और दान का फल कई गुना बढ़ जाने की मान्यता है।

ये भी पढ़ें

इन पांच राशियों की चमकेगी किस्मत

सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश से कन्या, मिथुन, वृषभ, कर्क और मकर राशि वालों के लिए समय बहुत अनुकूल रहने वाला है। इन पांचों राशियों के लिए आत्मविश्वास बढ़ेगा, यानी जो लोग किसी बात को लेकर हिचकिचा रहे थे, वे अब खुलकर आगे बढ़ पाएंगे। जिन लोगों को सरकारी नौकरी की तलाश है, उनके लिए भी अच्छे योग बनते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा पिता की संपत्ति से जुड़ा कोई लाभ भी मिल सकता है, इसलिए परिवार में संपत्ति को लेकर जो बातचीत लंबे समय से अटकी हुई थी, वह इस दौर में आगे बढ़ सकती है। धन के मोर्चे पर भी इन राशियों के लिए मौके खुल रहे हैं, क्योंकि इस समय लिए गए फैसले सही साबित होने की संभावना ज्यादा है। यानी अगर आप निवेश या किसी नए काम को लेकर असमंजस में थे, तो यह समय आपके पक्ष में जा सकता है। कुल मिलाकर इन पांच राशियों के लिए सूर्य का यह गोचर बेहद खास और लाभकारी बताया गया है, बस शर्त यही है कि इस दौरान सूर्यदेव की उपासना नियमित रूप से करते रहें।

मेष, कुंभ और सिंह राशि को रहना होगा सतर्क

वहीं दूसरी ओर मेष, कुंभ और सिंह राशि के लिए यह समय उतना अनुकूल नहीं रहने वाला। इन तीनों राशियों के लोग किसी न किसी मामले में उलझ सकते हैं, और मन में लगातार उतार चढ़ाव बना रहेगा, जिसकी वजह से सही और गलत के बीच फैसला ले पाना मुश्किल हो जाएगा। रोजमर्रा के काम भी इस दौर में पहले से ज्यादा कठिन महसूस हो सकते हैं। पिता के साथ किसी बात पर असहमति होने की भी आशंका है, इसलिए पारिवारिक बातचीत में संयम बरतना जरूरी होगा। सबसे अहम बात यह है कि इस दौरान लिए गए फैसले साथ नहीं देंगे, यानी जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचना ही बेहतर रहेगा। अगर इन राशियों के लोग किसी जरूरी काम को टाल सकते हैं, तो फिलहाल टालना ही समझदारी होगी।

उत्तरायण-दक्षिणायन में सूर्य पूजा का इतना महत्व क्यों

शास्त्रों में कहा गया है कि उत्तरायण हो या दक्षिणायन, दोनों ही मौकों पर विशेष रूप से सूर्यदेव की पूजा करने वाला मनुष्य अपने सारे पापों से मुक्त हो जाता है। यही वजह है कि संक्रांति के दिन को सामान्य दिन की तरह नहीं, बल्कि पुण्य कमाने के खास अवसर की तरह देखा जाता है। इसी दिन पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है, यानी यह दिन सिर्फ सूर्य पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा जताने का भी दिन है। यही कारण है कि इस दिन स्नान और दान करना सबसे उत्तम माना गया है।

स्नान न कर पाएं तो क्या करें, और सूर्यदेव को क्या अर्पित करें

अगर किसी वजह से आप आज किसी पवित्र नदी में जाकर स्नान नहीं कर पा रहे, तो घबराने की जरूरत नहीं है। घर पर ही नहाने के पानी में काले तिल डालकर स्नान करने से भी वही पुण्य फल मिलता है। स्नान के बाद सूर्यदेव को छत्र, ध्वजा, पताका और चंवर जैसी वस्तुएं अर्पित करने की परंपरा है, इन्हें सूर्य पूजा का हिस्सा माना जाता है। इसके साथ ही इस दिन अन्न और वस्त्र का दान करने की भी सलाह दी गई है, यानी किसी जरूरतमंद को भोजन सामग्री या कपड़े दान करके भी आप इस दिन का पुण्य कमा सकते हैं। कुल मिलाकर आज के दिन थोड़ा समय निकालकर सूर्य पूजा, स्नान और दान की यह परंपरा निभाना कई राशियों के लिए शुभ फल ला सकता है, जबकि जिन राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, उनके लिए भी यह दिन धैर्य और सूर्य उपासना के जरिए स्थिति संभालने का अच्छा मौका बन सकता है।

सवाल-जवाब

कर्क संक्रांति क्या होती है?
जब सूर्य मिथुन राशि छोड़कर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, उस दिन को कर्क संक्रांति कहा जाता है और इस दिन सूर्य दक्षिणायन में चले जाते हैं।
मकर संक्रांति और कर्क संक्रांति में क्या अंतर है?
मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जबकि कर्क संक्रांति पर सूर्यदेव दक्षिणायन में चले जाते हैं।
कर्क संक्रांति पर किन राशियों को फायदा होगा?
कन्या, मिथुन, वृषभ, कर्क और मकर राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास, नौकरी और धन के मामले में शुभ रहेगा।
किन राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है?
मेष, कुंभ और सिंह राशि वालों को इस दौरान फैसले लेने में जल्दबाजी न करने और पिता से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कर्क संक्रांति पर स्नान के लिए क्या करें?
पवित्र नदी में स्नान न कर पाने पर घर के पानी में काले तिल डालकर स्नान करें और उसके बाद सूर्यदेव को छत्र, ध्वजा, पताका व चंवर अर्पित करें।
इस दिन क्या दान करना चाहिए?
कर्क संक्रांति पर अन्न और वस्त्र का दान करना शुभ माना गया है।
इस दिन पितरों से जुड़ी कौन सी परंपरा निभाई जाती है?
कर्क संक्रांति पर पितरों का श्राद्ध किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR