मानसून में बाइक या स्कूटर चलाना वैसे भी आसान नहीं होता, और जब हेलमेट का वाइजर बीच रास्ते में धुंधला पड़ जाए तो यह मुश्किल किसी बड़े खतरे में बदल सकती है। बाहर बरसता पानी और अंदर सांस लेने से बनने वाली भाप, ये दोनों मिलकर वाइजर पर एक धुंधली परत जमा देते हैं जिससे सामने की सड़क साफ दिखनी बंद हो जाती है। ऐसे में कई राइडर बार-बार वाइजर ऊपर उठाकर गाड़ी चलाने लगते हैं, जिससे बारिश की बूंदें सीधे आंखों में जाती हैं और दिक्कत घटने की बजाय और बढ़ जाती है। राहत की बात यह है कि घर में मौजूद कुछ आसान और सस्ती चीजों से इस फॉगिंग की समस्या को मिनटों में दूर किया जा सकता है।
वाइजर पर भाप क्यों जमती है
दरअसल जब बारिश के दौरान बाहर की ठंडी हवा और हेलमेट के अंदर सवार की गर्म सांस आपस में टकराती हैं, तो वाइजर की सतह पर पानी की महीन बूंदें जम जाती हैं। यही भाप कुछ ही सेकंड में पूरे शीशे को ढक लेती है और सामने का रास्ता दिखना बंद हो जाता है। सड़क पर तेज रफ्तार में यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सफर पर निकलने से पहले वाइजर को फॉग-प्रूफ बनाना जरूरी हो जाता है।
पहला जुगाड़: कच्चे आलू का कमाल
सुनने में यह तरीका थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन आलू एक बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-फॉग एजेंट का काम करता है। आलू में मौजूद स्टार्च वाइजर की सतह पर पानी और भाप को टिकने नहीं देता। इसके लिए एक कच्चे आलू को बीच से काट लें और उसके अंदरूनी हिस्से को हेलमेट के वाइजर पर अंदर और बाहर, दोनों तरफ हल्के हाथों से रगड़ें। इसके बाद वाइजर को एक साफ, सूखे सूती कपड़े या टिश्यू पेपर से पोंछ लें। ध्यान रहे कि इसके बाद वाइजर को पानी से धोना नहीं है। यह तरकीब वाइजर पर एक हल्की सुरक्षात्मक परत बना देती है, जिससे पानी की बूंदें और भाप वहां टिक ही नहीं पातीं और शीशा साफ बना रहता है।
दूसरा तरीका: शेविंग क्रीम या फोम का इस्तेमाल
शेविंग क्रीम सिर्फ दाढ़ी बनाने के काम की चीज नहीं है, यह शीशे को धुंधला होने से बचाने में भी उतनी ही असरदार है। इसमें मौजूद तत्व वाइजर की सतह पर पानी को ठहरने से रोकते हैं। इसे इस्तेमाल करने के लिए थोड़ी सी शेविंग क्रीम या फोम लेकर वाइजर के अंदर और बाहर दोनों तरफ लगा दें और इसे करीब 2 मिनट के लिए वैसे ही छोड़ दें। तय समय बाद माइक्रोफाइबर कपड़े से वाइजर को अच्छी तरह साफ कर लें। इससे वाइजर एकदम चमक उठता है और बारिश के दौरान इस पर भाप जमनी लगभग बंद हो जाती है।
तीसरा तरीका: लिक्विड डिश सोप या शैंपू
बर्तन धोने वाला लिक्विड सोप या कोई भी माइल्ड शैंपू भी इस मामले में जादू की तरह असर दिखाता है। यह वाइजर की सतह के टेंशन को कम कर देता है, जिससे पानी की बूंदें उस पर टिक नहीं पातीं और फैल जाती हैं। इसके लिए एक या दो बूंद लिक्विड सोप या शैंपू वाइजर पर डालें और एक मुलायम कपड़े से इसे पूरे शीशे पर फैला दें। तब तक पोंछते रहें जब तक वाइजर पूरी तरह पारदर्शी न हो जाए। यह तरीका सफर के दौरान वाइजर को घंटों तक धुंधला होने से बचाए रखता है।
स्थायी हल: एंटी-फॉग फिल्म लगवाएं
अगर बार-बार इन घरेलू नुस्खों को आजमाने का झंझट नहीं चाहिए, तो बाजार या ऑनलाइन स्टोर से एक एंटी-फॉग पिनलॉक लेंस यानी एंटी-फॉग फिल्म इंसर्ट खरीदा जा सकता है। यह एक पारदर्शी स्टिकर जैसी फिल्म होती है, जिसे हेलमेट के वाइजर के अंदरूनी हिस्से पर चिपका दिया जाता है। यह पूरी तरह वॉटरप्रूफ और फॉग-प्रूफ होती है और बारिश के साथ-साथ ठंड के मौसम में भी विजन को साफ बनाए रखती है, यानी यह एक बार का खर्च करके बार-बार की झंझट से छुटकारा दिलाने वाला उपाय है।
वाइजर साफ करते समय बरतें ये सावधानियां
हेलमेट के वाइजर को साफ करने के लिए कभी भी रफ या गंदे कपड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शीशे पर बारीक खरोंचें पड़ सकती हैं जो आगे चलकर विजन को और खराब कर सकती हैं। हमेशा माइक्रोफाइबर कपड़े का ही इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। साथ ही अगर वाइजर बहुत पुराना हो चुका है और उस पर पहले से ही ढेर सारी खरोंचें हैं, तो ऊपर बताए गए घरेलू नुस्खे भी ज्यादा असर नहीं दिखाएंगे। ऐसी स्थिति में नया वाइजर लगवाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। बारिश के मौसम में सड़क पर दृश्यता यानी विजिबिलिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है, इसलिए सफर शुरू करने से पहले महज दो मिनट निकालकर इनमें से कोई एक तरीका जरूर अपनाना चाहिए, ताकि राइड सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे।










