छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश के बीच अब दोपहिया वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ने लगी है. बाइक या स्कूटी का बारिश में स्टार्ट न होना, चलते चलते बीच रास्ते में बंद हो जाना या इंजन में अचानक खराबी आ जाना इन दिनों बहुत आम शिकायत बन गई है. बिलासपुर के अनुभवी मैकेनिक विश्वजीत लहरे का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और समय पर मेंटेनेंस से इन झंझटों से आसानी से बचा जा सकता है.
विश्वजीत लहरे बताते हैं कि जैसे ही बारिश का मौसम शुरू हो, वाहन मालिकों को अपनी बाइक या स्कूटी की पूरी जांच करवा लेनी चाहिए. समय पर सर्विसिंग कराने का सीधा फायदा यह होता है कि छोटी छोटी खामियां शुरुआत में ही पकड़ में आ जाती हैं और वाहन बीच सफर में धोखा नहीं देता.
स्पार्क प्लग बना सकता है बड़ी परेशानी
बारिश के दौरान अक्सर नमी या पानी स्पार्क प्लग तक पहुंच जाता है, जिससे इंजन को पर्याप्त स्पार्क नहीं मिल पाता और गाड़ी स्टार्ट होने में दिक्कत आने लगती है. ऐसे में प्लग और प्लग कैप की नियमित जांच जरूरी है. अगर स्पार्क प्लग पुराना पड़ चुका हो या उसमें खराबी दिखे, तो देर किए बिना उसे तुरंत बदलवा लेना चाहिए, क्योंकि यही एक छोटा सा पुर्जा स्टार्टिंग की सबसे बड़ी वजह बनता है.
टैंक की सीलिंग में ढिलाई पड़ सकती है भारी
कई बार फ्यूल टैंक या ऑयल टैंक के ढक्कन और सीलिंग में मामूली खराबी होने पर बारिश का पानी अंदर घुस जाता है. इससे पेट्रोल और इंजन ऑयल दोनों की गुणवत्ता बिगड़ जाती है, जिसका सीधा असर इंजन के प्रदर्शन पर पड़ता है. यही कारण है कि टैंक की सीलिंग और ढक्कन की नियमित जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
इग्निशन सिस्टम और बैटरी टर्मिनल की सफाई भी जरूरी
जिस इग्निशन सिस्टम में चाबी लगाई जाती है, उसमें समय समय पर हल्की ग्रीसिंग और सफाई करते रहना चाहिए. ऐसा करने से नमी और जंग नहीं लगती, जिससे चाबी का सिस्टम लंबे समय तक ठीक तरीके से काम करता रहता है. इसके साथ ही बैटरी के टर्मिनल भी साफ रखने चाहिए, ताकि बिजली की सप्लाई में किसी तरह की रुकावट न आए.
टायर, ब्रेक और चेन पर भी बराबर नजर रखें
बारिश में सड़कें काफी फिसलन भरी हो जाती हैं और ऐसे में घिसे हुए टायर दुर्घटना की वजह बन सकते हैं. इसलिए ब्रेक शू और डिस्क ब्रेक की जांच भी समय समय पर करानी चाहिए. साथ ही बाइक की चेन को साफ रखकर उसमें नियमित रूप से लुब्रिकेंट लगाना चाहिए, ताकि उसमें जंग न लगे और वाहन का प्रदर्शन बेहतर बना रहे.
बारिश में पार्किंग और सफाई का रखें खास ख्याल
विशेषज्ञों की सलाह है कि जहां तक हो सके, बाइक या स्कूटी को शेड या छत के नीचे ही पार्क करें. अगर वाहन बारिश में भीग जाए, तो उसे सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें और स्टार्ट करने से पहले जरूरी हिस्सों की जांच जरूर कर लें, ताकि किसी भी तरह की नमी की वजह से बाद में दिक्कत न हो.
2000 किलोमीटर पर इंजन ऑयल और हर 15 दिन में जांच
विश्वजीत लहरे के मुताबिक, इंजन ऑयल लगभग 2000 किलोमीटर चलने के बाद बदल देना चाहिए. इसके अलावा मानसून के मौसम में हर 15 दिन में वाहन की जांच जरूर करानी चाहिए. अगर कोई पुर्जा खराब दिखाई दे, तो उसे तुरंत बदलवा लेना चाहिए. उनका कहना है कि नियमित मेंटेनेंस से बाइक पूरे मानसून सीजन में बेहतर प्रदर्शन करती है और अचानक खराब होने की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाती है.











