जर्मन लग्जरी वाहन निर्माता मर्सिडीज-बेंज भारतीय ईवी बाजार में अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत करते हुए नई जीएलसी इलेक्ट्रिक एसयूवी को 4 नवंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर पेश करने की तैयारी कर रही है। घरेलू स्तर पर असेंबल होने वाला यह मॉडल महाराष्ट्र के पुणे स्थित चाकन संयंत्र में तैयार किया जाएगा। वैश्विक स्तर पर अनावरण के केवल छह महीने के भीतर इसे भारतीय बाजार में पेश किया जा रहा है, जिससे यह कंपनी के इतिहास में भारत आने वाला सबसे तेज सीकेडी मॉडल बन गया है। इस प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहन के लिए बुकिंग प्रक्रिया अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरू की जा रही है, जहां शुरुआत में ग्राहकों को केवल जीएलसी 400 4-मैटिक वेरिएंट ही खरीदने का विकल्प मिलेगा।
दमदार बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस के आंकड़े
इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की सबसे बड़ी खासियत इसका पावरट्रेन सेटअप है, जिसमें 94 KWH की एनएमसी बैटरी दी गई है। डुअल मोटर ऑल-व्हील ड्राइव सेटअप के साथ आने वाली यह कार डब्ल्यूएलटीपी साइकिल के तहत एक बार के फुल चार्ज में 715 किलोमीटर तक की प्रभावशाली रेंज ऑफर करती है। लगभग 2.5 टन के भारी वजन के बावजूद इसका पिकअप बेहद तेज है और यह महज 4.3 सेकंड में शून्य से 100 किमी प्रति घंटे की गति पकड़ लेती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 210 किमी प्रति घंटा सीमित की गई है। दोनों इलेक्ट्रिक मोटर्स मिलकर लगभग 489-490 बीएचपी की ताकत और 800 न्यूटन-मीटर का पीक टॉर्क जनरेट करती हैं। शोरूम में यह मॉडल मौजूदा पेट्रोल और डीजल आईसीई जीएलसी के साथ ही बेचा जाएगा, जिसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 80 से 90 लाख रुपये के बीच रहने की संभावना है।
एक्सटीरियर डिजाइन और डायमेंशन
लुक के मामले में यह एसयूवी ब्रांड की आधुनिक डिजाइन फिलॉसफी पर आधारित है। फ्रंट प्रोफाइल में स्टार-पैटर्न वाला एलईडी लाइट सिग्नेचर और एक बड़ी इल्यूमिनेटेड ग्रिल देखने को मिलती है, जो इसे सड़क पर अलग पहचान देती है। पीछे की तरफ स्टार-शेप्ड एलईडी टेल लैंप्स दिए गए हैं, जो प्रीमियम ग्लॉस-ब्लैक ट्रिम स्ट्रिप से आपस में जुड़े हैं। गाड़ी का व्हीलबेस 2,972 मिमी का रखा गया है और भारत में केवल स्टैंडर्ड व्हीलबेस मॉडल ही लाया जाएगा, जबकि चीनी बाजार वाला लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन यहां नहीं आएगा। साइज की बात करें तो इसकी कुल लंबाई 4,845 मिमी, चौड़ाई 1,913 मिमी और ऊंचाई 1,644 मिमी है। तंग जगहों और भारी ट्रैफिक में आसानी से मोड़ने के लिए इसमें रियर-व्हील स्टीयरिंग का फीचर स्टैंडर्ड दिया गया है, जो कम रफ्तार पर हैंडलिंग को बेहतर बनाता है।
हाइपरस्क्रीन केबिन और अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग तकनीक
गाड़ी के केबिन में प्रवेश करते ही सबसे पहले 39.1 इंच का विशाल एमबक्युएक्स हाइपरस्क्रीन ध्यान खींचता है। यह सेटअप ड्राइवर डिस्प्ले, सेंट्रल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और फ्रंट पैसेंजर स्क्रीन को एक निर्बाध कांच के नीचे जोड़ता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल असिस्टेंट भी शामिल किया गया है। ग्राहकों की सुविधा के लिए स्टीयरिंग व्हील और सेंटर कंसोल पर जरूरी फिजिकल नॉब्स और बटन्स को दोबारा शामिल किया गया है। उपयोगिता के लिहाज से इसमें 570 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जिसे पिछली सीटों को मोड़कर 1,740 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है, साथ ही आगे भी सामान रखने के लिए फ्रंक स्पेस उपलब्ध है।
चार्जिंग तकनीक में यह गाड़ी अत्याधुनिक 800-वोल्ट आर्किटेक्चर पर काम करती है और 330 किलोवाट तक की डीसी फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। अल्ट्रा-फास्ट चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को केवल 22 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज किया जा सकता है, जबकि सिर्फ 10 मिनट के प्लग-इन से लगभग 300 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज हासिल की जा सकती है। सुरक्षा के मोर्चे पर कार में एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम और मजबूत स्ट्रक्चरल सेफ्टी दी गई है। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला बीएमडब्ल्यू आईएक्स3 लॉन्ग व्हीलबेस जैसी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों से देखने को मिलेगा।



















