भोजपुरी फिल्म और संगीत जगत में शीर्ष कलाकार की पदवी को लेकर दर्शकों और प्रशंसकों के बीच अक्सर गंभीर चर्चाएं देखने को मिलती हैं। मनोज तिवारी, रवि किशन, पवन सिंह और खेसारी लाल यादव जैसे स्थापित चेहरों के बीच इंडस्ट्री का सबसे बड़ा सितारा कौन है, इस सवाल पर हर किसी की अलग राय रहती है। इसी सिलसिले में भोजपुरी के चर्चित अभिनेता और गायक रितेश पांडे ने सिनेमा के मौजूदा दौर, साथी कलाकारों की भूमिका और अपने करियर की वास्तविकताओं पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं।
शीर्ष स्थान की बहस पर संतुलित दृष्टिकोण
जब रितेश पांडे से इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार के चयन को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने किसी एक चेहरे को सर्वोच्च बताने के बजाय सभी दिग्गजों के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस विषय पर कूटनीतिक रुख अपनाना पसंद करेंगे क्योंकि किसी एक नाम का चुनाव करना संभव नहीं है। उनका मानना है कि इस मुकाम तक भोजपुरी जगत को पहुंचाने में हर प्रमुख चेहरे ने अपनी विशिष्ट भूमिका निभाई है।
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि मनोज तिवारी और रवि किशन जैसे वरिष्ठ कलाकारों का इस क्षेत्र में बेहद अहम योगदान रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के परिश्रम और प्रभाव को भी सराहा। रितेश के अनुसार, जब विभिन्न दौर के कलाकारों ने मिलकर इस इंडस्ट्री को पहचान दिलाई है, तो किसी एक कलाकार को बाकी सबसे ऊपर रखना उचित नहीं होगा।
इंडस्ट्री में आत्मनिर्भरता और समर्थन की वास्तविकता
शुरुआती संघर्ष के दिनों में किसी स्थापित कलाकार के सहयोग के सवाल पर रितेश पांडे का नजरिया पूरी तरह स्पष्ट और आत्मनिर्भर दिखा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें कभी किसी के सहारे की आवश्यकता महसूस नहीं हुई। उनका मानना है कि अपना संघर्ष हर इंसान को खुद ही लड़ना पड़ता है, इसलिए वे किसी से भी सहायता की उम्मीद नहीं रखते हैं।
पेशेवर दुनिया के कड़वे सच को सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि चाहे उनका क्षेत्र हो या कोई दूसरा पेशा, कोई भी व्यक्ति बिना किसी निजी कारण या मतलब के किसी का साथ नहीं देता है। यदि कोई किसी की मदद करता भी है, तो उसके पीछे कोई न कोई उद्देश्य अवश्य छुपा होता है। रितेश ने रेखांकित किया कि पेशेवर संबंध केवल काम के आधार पर टिके होते हैं, इसलिए वे केवल ईश्वर की कृपा और अपनी मेहनत पर भरोसा रखकर आगे बढ़ते हैं।
बिहार के रोहतास से निकलकर वैश्विक पटल तक का सफर
रितेश पांडे आज के समय में भोजपुरी सिनेमा और संगीत की दुनिया के सबसे व्यस्त और लोकप्रिय चेहरों में गिने जाते हैं। बिहार के रोहतास (सासाराम) जिले से आने वाले रितेश ने अपने करियर की शुरुआत एक गायक के रूप में की थी। अपनी गायकी को उन्होंने निरंतर निखारा और धीरे-धीरे पूरे उत्तर भारत में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
साल 2019 उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उनका रिलीज हुआ गीत 'हेलो कौन' इंटरनेट पर एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड बन गया। इस विशेष गाने ने यूट्यूब पर 900 मिलियन यानी 90 करोड़ से अधिक व्यूज हासिल किए। इस अभूतपूर्व सफलता के साथ इस गाने ने भोजपुरी संगीत उद्योग में व्यूज के पुराने सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए और क्षेत्रीय संगीत को वैश्विक स्तर पर सुना जाने लगा।
अभिनय के क्षेत्र में स्थापित की मजबूत पहचान
गायन में ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने के अलावा रितेश पांडे ने बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी से भी एक सशक्त मुकाम बनाया है। उन्होंने कई चर्चित और सफल फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं, जिनमें 'काशी विश्वनाथ', 'राजा राजकुमार', 'दबंग सरकार' और 'कागज' जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में उनके काम को दर्शकों और समीक्षकों दोनों की ओर से भरपूर सराहना मिली।
रितेश की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता उनकी साफ-सुथरी गायकी और स्वाभाविक अभिनय क्षमता मानी जाती है। पारिवारिक और मर्यादित विषयों को तरजीह देने के कारण वे परिवार के साथ सिनेमा देखने वाले दर्शकों के बीच भी खासे लोकप्रिय हैं। अपनी इसी अनूठी पहचान के बल पर वे आज निर्माताओं और निर्देशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।



















