बिहार में प्रशासनिक फेरबदल के तहत सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। इस फेरबदल में 2021 बैच की अधिकारी सारा अशरफ को एक महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय भूमिका दी गई है। उन्हें अब बिहार के उद्योग विभाग में खाद्य प्रसंस्करण निदेशक के तौर पर तैनात किया गया है। अपनी इस नई नियुक्ति से पूर्व, वह सुपौल जिले में डीडीसी के रूप में प्रशासनिक सेवाएं दे रही थीं।
वाराणसी से मुंबई तक का सफर
मूलतः उत्तर प्रदेश के वाराणसी की निवासी सारा अशरफ का जन्म 4 मई, 1994 को हुआ था। उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए मुंबई विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। अपनी कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने UPSC परीक्षा उत्तीर्ण की और 2021 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं, जिसके बाद उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया।
बिहार में प्रशासनिक अनुभव
सारा अशरफ के करियर की शुरुआत मुजफ्फरपुर जिले से हुई, जहाँ उन्होंने सहायक समाहर्ता के पद पर काम करते हुए प्रशासनिक प्रणाली की बारीकियों को बारीकी से समझा। इस दौरान उन्होंने बोचहां ब्लॉक में बीडीओ और सीओ जैसे महत्वपूर्ण पदों का स्वतंत्र प्रभार भी कुशलतापूर्वक संभाला। इसके पश्चात, उनकी पदस्थापना गया जिले में हुई, जहाँ उन्होंने शेरघाटी अनुमंडल में एसडीओ के रूप में अपनी सेवाएं दीं। 20 अप्रैल, 2025 से वे सुपौल जिले में डीडीसी-सह-सीईओ के पद पर तैनात थीं, जहाँ उन्होंने विकास कार्यों को गति देने में बड़ी भूमिका निभाई।
नई जिम्मेदारी और चुनौतियां
उद्योग विभाग में निदेशक का पद संभालने के साथ ही सारा अशरफ के सामने कई नई चुनौतियां हैं। विभाग में उनकी मुख्य प्राथमिकताओं में बिहार के कृषि-आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करना शामिल है। इसके अलावा, राज्य के भीतर खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाना भी उनकी कार्ययोजना का हिस्सा होगा। कृषि क्षेत्र से जुड़ी इन नई नीतियों को धरातल पर उतारकर राज्य के किसानों की आय में वृद्धि करना उनके कार्यकाल का मुख्य लक्ष्य रहेगा।











