विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का आयोजन निकट है, जिसके चलते भागलपुर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रतिवर्ष सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर लाखों कांवरिया एकत्रित होते हैं, जहाँ से पवित्र जल लेकर वे बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकलते हैं। श्रद्धालुओं की इस भीड़ को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने इस बार यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
दो प्रमुख स्थानों से शुरू होगी बस सेवा
परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं को दो मुख्य केंद्रों से सरकारी बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। देवघर की यात्रा करने वाले कांवरियों के लिए सुल्तानगंज ब्लॉक के निकट से बसों का संचालन होगा। इसके साथ ही, बासुकीनाथ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भागलपुर के तिलकामांझी बस स्टैंड को मुख्य केंद्र बनाया गया है। परिवहन अधिकारी पवन शांडिल्य ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बार 30 से अधिक बसों को सेवा में लगाया जा रहा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि भीड़ के अनुसार भविष्य में बसों की संख्या में और भी वृद्धि की जा सकती है।
किराये में हुआ बदलाव
इस वर्ष श्रावणी मेले में यात्रा करना पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा महंगा हो गया है। सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा के लिए अब श्रद्धालुओं को 197 रुपये का किराया चुकाना होगा। वहीं, भागलपुर से बासुकीनाथ जाने के लिए यात्रियों को 181 रुपये का टिकट खरीदना होगा। ज्ञात हो कि पूर्व में श्रद्धालु इसी दूरी को 120 से 150 रुपये के बीच तय कर लेते थे, लेकिन इस वर्ष किराए में लगभग 47 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है।
यात्रा की चुनौतियां और प्रशासन की मुस्तैदी
सावन के पवित्र महीने में सुल्तानगंज का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि यहाँ देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। सुल्तानगंज से देवघर की कुल दूरी लगभग 105 किलोमीटर है, जिसे कांवरिये पैदल या वाहनों द्वारा पूरी करते हैं। इस कठिन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरे मार्ग पर मुस्तैद रहेगा। बसों का यह संचालन भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।











