बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले अरशद वारसी आज एक जाना-माना नाम हैं। पर्दे पर अपने कॉमिक टाइमिंग और बेहतरीन अभिनय से लोगों को हंसाने वाले इस अभिनेता का जीवन सफर बेहद प्रेरणादायक और संघर्षों से भरा रहा है। एक दौर ऐसा भी था जब वे अपनी आजीविका चलाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर थे।
शुरुआती जीवन और कड़ा संघर्ष
अरशद वारसी का बचपन बहुत ही कम उम्र में माता-पिता को खोने के कारण दुश्वारियों से भर गया था। किशोरावस्था में ही सिर से माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उन्हें घर संभालने की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ी। उन कठिन दिनों में अरशद वारसी ने गुजारा करने के लिए कई तरह के काम किए। मात्र 17 साल की उम्र में वे घर-घर जाकर कॉस्मेटिक का सामान जैसे लाली और पाउडर बेचने का काम करते थे। इसके अलावा उन्होंने एक फोटो लैब में भी काम किया ताकि वे अपने खर्च निकाल सकें।
डांसिंग से बॉलीवुड तक का सफर
अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने जीवन को दिशा देने की कोशिश जारी रखी। मुंबई आने के बाद उन्हें अकबर सामी के डांस ग्रुप में शामिल होने का अवसर मिला, जिससे उनके करियर को एक नई शुरुआत मिली। अरशद वारसी का सफर कोरियोग्राफी से शुरू हुआ और वे धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया की ओर बढ़े। वर्ष 1996 में उन्हें फिल्म तेरे मेरे सपने से बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक प्राप्त हुआ। यह फिल्म अमिताभ बच्चन की प्रोडक्शन कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन (ABCL) की पहली पेशकश थी।
करियर का कठिन दौर और मुन्ना भाई एमबीबीएस
फिल्मों में प्रवेश के बावजूद अरशद वारसी के लिए सफलता का रास्ता आसान नहीं था। उन्हें लंबे समय तक एक बड़ी हिट फिल्म का इंतजार करना पड़ा और उनकी शुरुआत की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। उनका करियर उस समय बहुत नाजुक दौर से गुजर रहा था। हालांकि, साल 2003 में राजकुमार हिरानी की फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस ने उनकी किस्मत पूरी तरह बदल दी। इस फिल्म में सर्किट के किरदार ने उन्हें रातों-रात घर-घर में मशहूर बना दिया।
संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों और आलोचकों द्वारा बेहद सराहा गया। खुद अरशद वारसी ने एक इंटरव्यू के दौरान स्वीकार किया था कि यदि मुन्ना भाई एमबीबीएस सफल नहीं होती, तो उनका बॉलीवुड करियर शायद वहीं समाप्त हो जाता।
सफलता और व्यक्तिगत जीवन
सर्किट की भूमिका से मिली लोकप्रियता के बाद, अरशद वारसी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने रोहित शेट्टी की गोलमाल फ्रेंचाइजी में माधव सिंह के रूप में दर्शकों को अपना दीवाना बनाया। वहीं 2006 में मुन्ना भाई की अगली कड़ी में वे एक बार फिर उसी लोकप्रिय गैंगस्टर सर्किट के रूप में नजर आए। उनके व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो अरशद वारसी ने 15 फरवरी 1999 को मारिया गोरेटी के साथ विवाह किया। उनके दो बच्चे हैं, जिनके नाम जेक वारसी और जेने हैं।











