बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर आज 26 जून को अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस बेहद खास मौके पर उनके फिल्मी सफर का विश्लेषण करना बेहद दिलचस्प होगा, जो एक दशक से भी अधिक लंबा हो चुका है। हालांकि अर्जुन कपूर जाने-माने फिल्म निर्माता बोनी कपूर के बेटे हैं, लेकिन इसके बावजूद हिंदी सिनेमा की इस चकाचौंध भरी दुनिया में उनका सफर आसान बिल्कुल नहीं रहा। उन्हें अपने शुरुआती दिनों से ही कई तरह की गंभीर चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आज भी, फिल्म इंडस्ट्री में अपने 14 साल के लंबे करियर के बाद, वह खुद को ए-लिस्टर्स अभिनेताओं की कतार में मजबूती से स्थापित करने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
अपने इस 14 साल के लंबे फिल्मी सफर में इस अभिनेता ने सफलता के ऊंचे आसमान को भी देखा है और असफलता के गहरे दौर से भी गुजरे हैं। इन सभी उतार-चढ़ावों का उन्होंने बेहद परिपक्वता के साथ मुकाबला किया है। अर्जुन कपूर के जीवन में व्यक्तिगत और व्यावसायिक, दोनों ही मोर्चों पर कई ऐसी परेशानियां आईं जिन्होंने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से झकझोर कर रख दिया था।
शारीरिक चुनौतियों से मुकाबला और कैमरे के पीछे का अनुभव
अर्जुन कपूर के जीवन का शुरुआती दौर काफी कठिन था। एक समय ऐसा था जब उनका वजन लगभग 140 किलो हुआ करता था। इस अत्यधिक वजन के कारण उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी कैमरे के सामने एक मुख्य अभिनेता के तौर पर नजर आ सकते हैं। अभिनय में कदम रखने से पहले, उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीखने के लिए कैमरे के पीछे काम करने का फैसला किया। उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत की और कल हो ना हो तथा नो एंट्री जैसी बड़ी फिल्मों में सहायक निर्देशक के रूप में काम करके फिल्म निर्माण का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।
सलमान खान का मार्गदर्शन और शानदार अभिनय डेब्यू
बोनी कपूर के बेटे अर्जुन को मुख्य अभिनेता के रूप में बड़े पर्दे पर लाने का पूरा श्रेय सुपरस्टार सलमान खान को जाता है। उन्होंने ही अर्जुन कपूर के भीतर छिपे एक नायक को पहचाना और उन्हें अपनी फिटनेस पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। सलमान खान के बेहतरीन मार्गदर्शन के बाद, अर्जुन कपूर ने अपनी फिटनेस और शारीरिक बदलाव पर दिन-रात मेहनत की। वजन घटाने और खुद को पूरी तरह फिट करने के बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। साल 2012 में उन्होंने यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म इश्कजादे से अपना एक्टिंग डेब्यू किया, जिसमें उनके साथ परिणीति चोपड़ा मुख्य भूमिका में थीं।
अपनी इस पहली ही फिल्म में अर्जुन कपूर ने 'परमा' नाम के एक गुस्सैल, आक्रामक और बेबाक लड़के का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस दमदार अभिनय के लिए उन्हें समीक्षकों से भी काफी सराहना मिली और बॉलीवुड को एक नया एंग्री यंग मैन मिल गया। उनकी इस पहली फिल्म को देखकर फिल्म पंडितों ने यह मान लिया था कि वह इंडस्ट्री में लंबी रेस के घोड़े साबित होंगे।
पहली फिल्म की रिलीज से ठीक पहले लगा गहरा व्यक्तिगत सदमा
अपनी पहली ही फिल्म से वह इतिहास रचने के बेहद करीब थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उनकी पहली फिल्म इश्कजादे सिनेमाघरों में रिलीज होने ही वाली थी कि उससे ठीक पहले अर्जुन कपूर के सिर से उनकी मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। उनकी मां मोना शौरी का निधन हो गया, जिसने उन्हें पूरी तरह तोड़कर रख दिया था। अपनी जिंदगी के सबसे बड़े व्यावसायिक पड़ाव पर इस तरह का दर्द झेलना उनके लिए बेहद दुखद था, लेकिन उन्होंने इस विकट परिस्थिति का सामना बहुत हिम्मत के साथ किया।
ब्लॉकबस्टर फिल्मों का दौर और विविध भूमिकाएं
अपनी पहली फिल्म इश्कजादे की शानदार कामयाबी के बाद, अर्जुन कपूर ने यह साबित करने का प्रयास किया कि वह हर तरह के किरदारों में फिट हो सकते हैं। साल 2014 में आई उनकी फिल्म 2 स्टेट्स, जो मशहूर लेखक चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित थी, उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हुई। इस फिल्म में उन्होंने एक सीधे-साधे, गंभीर और बेहद प्यारे पंजाबी लड़के 'क्रिश' का किरदार निभाया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इसी साल, रणवीर सिंह के साथ आई उनकी एक्शन फिल्म गुंडे ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर की ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन दोस्ती को आज भी बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन ब्रोमन्स के रूप में याद किया जाता है। इसके बाद उन्होंने की एंड का, मुबारकां और संदीप और पिंकी फरार जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता को लगातार साबित करने की कोशिश की।
करियर का ढलान, अब तक की सबसे बड़ी फ्लॉप और व्यक्तिगत जीवन
शुरुआती दौर में कई बड़ी सफलताएं हासिल करने के बाद, अर्जुन कपूर का करियर धीरे-धीरे नीचे की ओर आने लगा और उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार असफल साबित हुईं। इस दौरान आई उनकी फिल्म द लेडी किलर उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म बनकर उभरी। इतना ही नहीं, द लेडी किलर को बॉलीवुड के इतिहास की भी सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक माना जाता है, जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह नाकाम रही।
आज जब अभिनेता अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं, तो वह अपने निजी जीवन में पूरी तरह सिंगल हैं। अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा के साथ उनका रिश्ता लंबे समय तक मीडिया की सुर्खियों में बना रहा था। हालांकि, लगभग डेढ़ साल पहले दोनों का ब्रेकअप हो गया, जिसके बाद से अर्जुन कपूर अकेले हैं और अपने करियर को एक बार फिर पटरी पर लाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।













