अजय देवगन, अरशद वारसी और रितेश देशमुख अभिनीत फिल्म धमाल 4 आखिरकार बड़े पर्दे पर आ चुकी है। इंद्र कुमार द्वारा निर्देशित इस कॉमेडी श्रृंखला का यह चौथा अध्याय है, जो पहले दिन से ही सिनेमाघरों में अच्छी शुरुआत कर रहा है। हालांकि, इस फ्रैंचाइजी का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2007 में रिलीज हुई मूल फिल्म धमाल भले ही बॉक्स ऑफिस पर सेमी हिट रही हो, लेकिन इसने दर्शकों के बीच एक अमिट छाप छोड़ी थी। यह फिल्म उस दौर की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है, जिसे बाद में टेलीविजन पर भी खूब सराहना मिली। डबल धमाल और टोटल धमाल जैसी अगली कड़ियों ने भी अच्छा व्यापार किया, लेकिन मूल फिल्म का जादू अपनी जगह बेमिसाल रहा।
धमाल 4 का प्रदर्शन और उम्मीदें
धमाल 4 को लेकर दर्शकों की राय मिली-जुली है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे मनोरंजन के लिहाज से बेहतर बता रहे हैं। फिल्म को 3 रेटिंग प्राप्त हुई है, जो यह संकेत देती है कि यह दर्शकों को हंसाने का वादा पूरा करती है। मुख्य कलाकारों के अलावा, फिल्म के निर्माण में अजय देवगन, भूषण कुमार और इंद्र कुमार की अहम भागीदारी है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, सेकनिल्क की रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में फिल्म ने पहले दिन लगभग 4.06 करोड़ रुपयों का ग्रॉस कलेक्शन किया है। शाम तक इन आंकड़ों में और भी स्पष्टता आने की उम्मीद है। फिलहाल देशभर के सिनेमाघरों में इस फिल्म के 5700 से अधिक शो दिखाए जा रहे हैं।
मूल फिल्म का प्रभाव आज भी बरकरार
साल 2007 में आई धमाल ने कॉमेडी के नए मानक स्थापित किए थे। फिल्म में संजय दत्त, अरशद वारसी और रितेश देशमुख के साथ आशीष चौधरी, विजय राज, टीकू तल्सानिया, मनोज पहवा, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अभिनय किया था। करीब 19 करोड़ रुपयों के बजट में तैयार यह फिल्म दुनिया भर में 50 करोड़ रुपयों की कमाई करने में सफल रही थी। इसे केवल सेमी हिट का दर्जा मिलने के बावजूद, इसकी पटकथा और संवाद आज भी लोगों को याद हैं। भले ही अब तक तीन और भाग आ चुके हैं, लेकिन पहले धमाल का प्रभाव बाकी सीक्वल के मुकाबले कहीं अधिक गहरा और प्रभावी है।











