धर्मेंद्र की 5 सदाबहार फिल्में: जिन्होंने एक झटके में बदल दी थी हीमैन की तकदीरबॉलीवुड
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धर्मेंद्र की 5 सदाबहार फिल्में: जिन्होंने एक झटके में बदल दी थी हीमैन की तकदीर

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के करियर की ऐसी पांच यादगार फिल्में, जिन्होंने उन्हें एक सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया और दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।

हिंदी फिल्म जगत में धर्मेंद्र का नाम एक ऐसे कलाकार के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने अपनी अदाकारी और एक्शन से दशकों तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उनके निभाए गए किरदार आज भी लोगों के जेहन में ताज़ा हैं, लेकिन उनके करियर के सफर में कुछ ऐसी फिल्में रहीं, जिन्होंने उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचाया। आइए नजर डालते हैं ऐसी पांच फिल्मों पर, जिन्होंने धर्मेंद्र की छवि को पूरी तरह से बदल दिया।

फूल और पत्थर (1966)

साल 1966 में प्रदर्शित हुई ‘फूल और पत्थर’ धर्मेंद्र के फिल्मी सफर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म के जरिए धर्मेंद्र ने रातोंरात हिंदी सिनेमा में एक बड़ा नाम बना लिया था। यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म थी, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह लगातार 50 हफ्तों तक सिनेमाघरों से नहीं उतरी। इस अपार सफलता के बाद धर्मेंद्र के पास फिल्मों की कतार लग गई और वह 70 के दशक के सबसे महंगे अभिनेताओं की सूची में शुमार हो गए। इस फिल्म के बाद राजेश खन्ना के बाद निर्देशकों की पहली पसंद धर्मेंद्र ही बन गए थे। इसके अलावा, मीना कुमारी के साथ उनकी केमिस्ट्री को ‘बहारों की मंजिल’, ‘चंदन का पालना’ और ‘मझली दीदी’ जैसी फिल्मों में भी काफी सराहा गया।

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प्रतिज्ञा (1975)

साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ एक्शन और कॉमेडी का एक बेहतरीन मिश्रण थी। इस फिल्म ने दर्शकों को एक ऐसी कहानी दी जिसमें भरपूर मसाला था। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की सदाबहार जोड़ी के अलावा, इस फिल्म में हास्य और संगीत का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। इसमें धर्मेंद्र ने एक ट्रक ड्राइवर अजीत सिंह का किरदार निभाया था, जो आज भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

द बर्निंग ट्रेन (1980)

1980 में आई मल्टीस्टारर फिल्म ‘द बर्निंग ट्रेन’ में धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी, विनोद खन्ना और जितेंद्र जैसे बड़े सितारे नजर आए थे। भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाई हो, लेकिन धर्मेंद्र की दमदार अदाकारी ने उस दौर के सुपरस्टार विनोद खन्ना के स्टारडम को भी कड़ी टक्कर दी थी। फिल्म की शूटिंग को लेकर चर्चा थी कि इसे एक वास्तविक ट्रेन में शूट किया गया था और दृश्यों को जीवंत बनाने के लिए उसमें सचमुच आग भी लगाई गई थी।

गुलामी (1985)

साल 1985 में धर्मेंद्र फिल्म ‘गुलामी’ के जरिए अपने रौद्र और एक्शन अवतार में नजर आए। इस फिल्म में उनके साथ मिथुन चक्रवर्ती, नसीरुद्दीन शाह और अनिता राज जैसे कलाकार थे। इस फिल्म के गाने काफी सुपरहिट रहे और इसने धर्मेंद्र के करियर को एक नई दिशा प्रदान की।

आग ही आग (1987)

वर्ष 1987 में प्रदर्शित ‘आग ही आग’ धर्मेंद्र के एक्शन करियर का एक और अहम पड़ाव थी। इस फिल्म में धर्मेंद्र के साथ शत्रुघ्न सिन्हा और मौशमी चटर्जी भी मुख्य भूमिकाओं में थे। दिलचस्प बात यह है कि इसी फिल्म के जरिए चंकी पांडे ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की थी। इस फिल्म में धर्मेंद्र का क्रोधी अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया था। अपने पूरे करियर के दौरान धर्मेंद्र ने आशा पारेख और हेमा मालिनी के साथ कई सफल फिल्में कीं, जिनमें से हेमा मालिनी के प्रति उनका झुकाव जगजाहिर था और वे अक्सर उनके साथ काम करने के अवसर तलाशते रहते थे।

सवाल-जवाब

धर्मेंद्र के करियर के लिए कौन सी फिल्म सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट रही?
साल 1966 में आई फिल्म 'फूल और पत्थर' धर्मेंद्र के करियर के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट थी।
फिल्म 'द बर्निंग ट्रेन' में धर्मेंद्र के साथ कौन-कौन से कलाकार थे?
इस फिल्म में धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी, विनोद खन्ना और जितेंद्र मुख्य भूमिकाओं में थे।
चंकी पांडे ने किस फिल्म से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था?
चंकी पांडे ने साल 1987 में आई फिल्म 'आग ही आग' से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था।
धर्मेंद्र ने 'प्रतिज्ञा' फिल्म में कौन सा किरदार निभाया था?
इस फिल्म में धर्मेंद्र ने अजीत सिंह नामक एक ट्रक ड्राइवर का किरदार निभाया था।

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